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नदी किनारे मिली शरणार्थी बाप-बेटी की लाश, इस तस्वीर पर रोई दुनिया

नई दिल्ली,

साल 2015 में सीरियाई बच्चे एलन कुर्दी की तस्वीर आपको याद ही होगी. समंदर किनारे पड़ी उस बच्चे की लाश को देखकर पूरी दुनिया रोई थी. अब चार साल बाद अमेरिका से एक ऐसी ही तस्वीर सामने आई है. इस तस्वीर में एक रिफ्यूजी पिता और उसकी टी-शर्ट में लिपटी उसकी बेटी की लाश है, जिसने एक बार फिर सोशल मीडिया की दुनिया को झकझोर दिया है. बाप-बेटी की इस मौत का कारण अमेरिका की नई वीजा नीति ही है.

सेंट्रल अमेरिका के पास के ही एक देश El Salvador के रहने वाले ऑस्कर एलबेर्तो मारटिनेज़ रैमिरेज़ और उनकी बेटी वलेरिया की इस तस्वीर को एक मैक्सिन अखबार ने छापा है. फ्रंट पेज पर छपी इस तस्वीर को मंगलवार के संस्करण में छापा गया और बुधवार तक ये तस्वीर पूरी दुनिया में फैल गई.तस्वीर में साफ दिख रहा है कि एक नदी के किनारे जहां पर घास फैली हुई है, ऑस्कर के साथ उनकी बेटी लिपटी हुई है. ये तालाब अमेरिकी-मैक्सिकन बॉर्डर के पास रियो ग्रांड ही है.

अखबार की खबर के अनुसार, रैमिरेज़ पिछले काफी लंबे समय से अपने परिवार के साथ अमेरिका में आने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन वह नाकाम रहे और इसी वजह से वह परेशान थे. वह अमेरिका में आना चाहते थे और शरण मांग रहे थे.रविवार को जब वह नदी पार कर रहे थे, तो कुछ देर के लिए किनारे पर बैठे और अपनी पत्नी का इंतजार करने लगे. लेकिन तभी उसकी बेटी वेलेरिया पानी में गिर गई, उसको बचाने के लिए रैमिरेज़ ने भी छलांग लगा दी.

बेटी को बचाने के लिए वह नदी में आगे बढ़ते चले गए, जब बेटी को उसने पकड़ा तो वह ऐसी जगह जा चुके थे जहां से उनका बाहर निकलना मुश्किल था. यही कारण रहा कि वह अपनी जान नहीं बचा सके.बता दें कि सोनोरॉम के रेगिस्तान से लेकर रियो ग्रांड तक मौजूद अमेरिकी-मैक्सिको बॉर्डर पर पिछले काफी समय से हजारों शरणार्थी खड़े हैं. पिछले साल यहां करीब 283 शरणार्थियों की मौत भी हो गई थी.

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