Wednesday , July 17 2019
Home / भेल न्यूज़ / भ्रष्टाचार के आरोप में घिरी एकता पैनल को करना पड़ा हार का सामना

भ्रष्टाचार के आरोप में घिरी एकता पैनल को करना पड़ा हार का सामना

भोपाल

भेल सहकारी उपभोक्ता भंडार के चुनाव में संस्था के पूर्व सचिव अनिल गौर के नेतृत्व में बनी भेल एकता पैनल को भ्रष्टाचार के आरोप के चलते करारी हार का सामना करना पड़ा है। उनकी पैनल के 11 उम्मीदवारों में से सिर्फ एक ही उम्मीदवार जीत का स्वाद चख सका। हालांकि इस पैनल में भेल के नियमित कर्मचारी व स्वच्छ छवि के लोग भी अपना भाग्य आजमा रहे थे। दरअसल पूर्व संचालक मंडल के समय यह आरोप लगा था कि करीब 32 लाख से ज्यादा का गबन किया गया है। सहकारिता विभाग ने इस बावत संबंधित व्यक्ति को आरोप पत्र भी दिया था।

हालांकि इस मामले में कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई और मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया लेकिन चुनाव के ऐन वक्त पर विरोधी पैनलों ने न केवल इस मामले को मुद्दा बनाया बल्कि कारखाने में आरोप पत्र की प्रतियां चस्पा कर मतदाताओं को बताने की कोशिश की। यह कहा जा रहा था कि रिटायर्ड मतदाताओं की संख्या ज्यादा होने के कारण भेल एकता पैनल को जीत मिल सकती है लेकिन जीत परिवर्तन पैनल और आपका अपना पैनल के उम्मीदवारो के हाथ लगी।

11 जुलाई को होगें अध्यक्ष और सचिव के चुनाव
भेल सहकारी उपभोक्ता भंडार के 7 जुलाई को चुनाव होने के बाद नया संचालक मंडल अध्यक्ष और सचिव पद के चुनाव करेगा। इसमें कोई शक नही कि परिवर्तन पैनल के 7 उम्मीदवार जीतने के बाद दोनों ही पद उनकी पैनल के संचालकों को मिलेगा। अध्यक्ष पद के लिये मनोज बुद्धीराजा और सचिव पद के लिये शैलेष अग्रवाल के नाम की चर्चाएं शुरू हो गई है। इसी तरह उपाध्यक्ष पद के लिये राजेश शुक्ला या किरण सिंह के नाम पर सहमति बन सकती है। वहीं कोषाध्यक्ष पद के लिये विमल साहू का नाम सामने आया है।

खास बात यह है कि परिवर्तन पैनल के मुखिया रामनारायण गिरी इस बार संस्था में कोई भी पद लेने तैयार नहीं है। यह भी खबर है कि भेल एकता पैनल से जीतकर आयी युवा नेत्री वर्षा कनौजिया परिवर्तन पैनल को समर्थन कर सकती है। चुनाव में परिवर्तन पैनल को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद यह शंका जाहिर की जा रही है कि अध्यक्ष और सचिव पद के लिये घमासान हो सकता है। इंटक के युवा नेता राजेश शुक्ला इस पद के लिये दावेदारी जता सकते है। देखना यह है कि 11 जुलाई को ऊंट किस करवट बैठता है।

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

बारह हजार कर्मचारी हुए कम फिर भी समय पर नहीं मिल रहा है पीपी बोनस

भोपाल भेल जैसी महारत्न कम्पनी में पिछले पांच सालों में करीब 12 हजार कर्मचारी रिटायर …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)