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भेल कारखाने में सालों से चल रहा कॉपर चोरी का गोरखधंधा

कॉपर चोरी मामले में सीआईएसएफ के तीन सस्पेंड, फिल्मी स्टाईल में 6 नंबर गेट से घुसी बिना नंबर की बोलेरो

भोपाल

भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) भोपाल कारखाने में सालों से कॉपर चोरी का गोरखधंधा जारी है। गत 6 जुलाई को फिल्मी स्टाईल में कारखाने के 6 नंबर वीाआईपी गेट से बिना नंबर की तीन नंबर ब्लॉक में बिना नंबर की बोलेरो गाड़ी से रात 12.30 बजे घुसी और सुबह 3.30 बजे वापस हो गई और कारखाने के रक्षक सीआईएसएफ के जवान गहरी नींद सोते रहे। कहा जाता है कि भेल के प्रवेश द्वारों से परिंदा भी पर नहीं मार सकता। इस कॉपर चोरी के मामले में तीन सीआईएसएफ कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। इस जांच का काम संबंधित पुलिस थाने को सौंपा गया है लेकिन पुलिस ने यह जांच क्राईम ब्रांच को सौंप दी है। इस मामले की जानकारी के लिए सीआईएसएफ के कन्ट्रोल रूम से लेकर कमाण्डेंट तक जानकारी लेना चाही तो उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी। ऐसा लगता है कि अपनी बदनामी के डर से मामले में लीपापोती की जा रही है।

सूत्रों की माने तो कारखाने के स्वीचगियर, ट्रांसफार्मर और सीाआईएम ब्लॉक में सबसे ज्यादा कॉपर खरीदा जाता है। इन्हीं ब्लॉकों से कॉपर चोरी की वारदातें ज्यादा सामने आ रही है। रात 12 बजे के बाद कॉपर चोरी का गोरखध्ंाधा शुरू होता है जो सुबह तक जारी रहता है। कारखाने के एक जानकार ने नाम न छापने की शर्त पर कहा है कि यूं तो कॉपर चोरी का धंधा सालों से चल रहा है लेकिन जुलाई माह में यह वारदात बड़ी है। उनकी माने तो ब्लॉक नंबर तीन में तीन और चार जुलाई की रात में भी कारखाने के बाहर गया, लेकिन संबंधित ब्लॉक के अधिकारियों ने इस पर कोई कार्यवाही नहीं की। पांच जुलाई की रात जब स्टोर में बिना नंबर की वाहन घुसी तब जागरूक लोगों ने इसकी शिकायत सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों से की तब कहीं जाकर मामला पुलिस को सौंपा गया।

सूत्रों की माने तो अब तक करीब 1500 किलो कॉपर चोरी हो चुका है। जबकि विभाग ने पुलिस को कुल 830 किलो कॉपर चोरी होना बताया है। सूत्र यह भी बताते हैं कि इस पूरे मामले में न केवल स्टोर के कर्मचारी शामिल हैं बल्कि सीआईएसएफ और कुछ ठेका मजदूरों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस इस गोरखधंधे का जल्द ही पर्दा फाश करेंगे। तब कहीं जाकर आरोपियों के चेहरे बे नकाब होंगे।

कॉपर खरीदी की होड़
कारखाने के ट्रांसफार्मर, स्वीचगियर और सीआईएम विभाग में भले ही कॉपर चोरी की घटनाएं बढ़ी हों लेकिन संबंधित स्टोर के लेखाजोखा की विधिवत जांच करने के बाद नया कॉपर खरीदने की होड़ सी लगी हुई है। इससे भेल को लाखों का चूना लग रहा है।

सीसीटीवी और टायर के निशान
कारखाने में ब्लॉक नंबर तीन के स्टोर के पास लगे सीसीटीवी कैमरें में चार लोगों के फुटेज मिलने की चर्चाएं जारी है। वहीं जांच अधिकारी बिना नंबर की बोलेरो कार के टायर के निशान के आधार पर अपनी जांच की कार्यवाही में लगी हुई है। इसमें शामिल लोग बचने की कितनी ही कोशिश करे लेकिन जांच एजेंसी से इस बार बचना मुश्किल दिखाई दे रहा है।

अफसरों की गाडिय़ों की होती है सघन चैकिंग
भेल प्रवेश द्वार क्रमांक 6 वीआईपी गेट माना जाता है यहां से गुजरने वाली भेल के वरिष्ठ अधिकारियों की गाडिय़ों की सघन चैकिंग की जाती है। तब कहीं जाकर वह कारखाने के अंदर-बाहर हो पाते है लेकिन जिस तरह से एक बोलेरो कार बिना चैक किये कारखाने के भीतर घुसी और चोरी का माल लेकर बाहर निकल गई यह चर्चा का विषय बन गया है।

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