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महाराष्ट्र: BJP में ‘भर्ती’, चुनाव से पहले कांग्रेस-एनसीपी में भगदड़ क्यों?

मुंबई

महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जहां बीजेपी और शिवसेना अलग-अलग जन आशीर्वाद यात्राएं निकालकर लोगों से जुड़ने की कोशिश कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टी एनसीपी अपने अंदर ही मचे घमासान से नहीं उबर पा रहे हैं। लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद इन दोनों पार्टियों में भगदड़ मची हुई है और अब तक कई बड़े नेता कांग्रेस-एनसीपी छोड़कर बीजेपी या शिवसेना में जा चुके हैं। बुधवार को राज्य में कांग्रेस के बड़े नेता हर्षवर्धन पाटिल भी बीजेपी में शामिल हो गए। पार्टी में शामिल होते ही उन्होंने जमकर देवेंद्र फडणवीस की तारीफ की। बता दें कि विखे पाटिल और अब्दुल सत्तार के बाद कांग्रेस को राज्य में यह तीसरा बड़ा झटका लगा है।

हालांकि इस भगदड़ की वजह अभी तक साफ नहीं हो पाई है, लेकिन अटकलें हैं कि कांग्रेस-एनसीपी के ज्यादातर नेताओं को विधानसभा चुनाव से पहले ही हार का डर सता रहा है। ऐसे में वे सभी मुख्यधारा में बने रहने के लिए सत्ताधारी पार्टियों (बीजेपी-शिवसेना) की शरण में जा रहे हैं। सोमवार को ही शिवसेना में शामिल हुए एनसीपी विधायक अवधूत तटकरे ने पिछले हफ्ते शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुालाकात के बाद कहा था कि मैं मुख्यधारा की राजनीति में बना रहना चाहता हूं। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले की श्रीवर्धन सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायक अवधूत तटकरे के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि उनके चाचा और एनसीपी सांसद सुनील तटकरे भी शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। एक अन्य एनसीपी विधायक दिलीप भी इस्तीफा देकर शिवसेना में शामिल हो चुके हैं।

एनसीपी में मची है ऐतिहासिक भगदड़
इनके अलावा जिन एनसीपी नेताओं ने पार्टी छोड़ी है उनमें पूर्व मंत्री मधुकर पिचड़, उनके बेटे वैभव पिचड़, एनसीपी की पूर्व महिला प्रदेश अध्यक्ष चित्रा वाघ, शिवेंद्रराजे भोसले, रणजीत सिंह मोहिते-पाटिल, धनंजय महाडिक, राणा जगजीत सिंह पाटिल जैसे बड़े नाम बीजेपी-शिवसेना में जा चुके हैं। इनके अलावा विजय सिंह मोहिते-पाटिल और पद्मसिंह पाटिल भी एनसीपी से नाता तोड़ चुके हैं और आने वाले दिनों में दोनों सत्ताधारी पार्टियों में से किसी एक में जा सकते हैं। इनके अलावा एनसीपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री भास्कर जाधव ने भी कहा है कि वह 13 सितंबर को शिवसेना में शामिल होंगे।

कांग्रेस-एनसीपी के भीतर मची भगदड़ का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि महाराष्ट्र के सोलापुर में आयोजित सभा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि अगर बीजेपी अपने दरवाजे पूरी तरह खोल दे तो एनसीपी और कांग्रेस में शरद पवार और पृथ्वीराज चव्हाण को छोड़कर कोई नहीं बचेगा।

बीजेपी की ‘मेगा भर्ती’ पर फडणवीस ने दी सफाई
हालांकि बीजेपी में चल रही ‘मेगा भर्ती’ को लेकर तमाम तरह के सवाल भी उठ रहे हैं। रविवार को लातूर में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि बीजेपी में राजनीतिक मेगा भर्ती चल रही है। हम कुछ चुनिंदा नेताओं को ही पार्टी में प्रवेश दे रहे हैं। बीजेपी में 98 प्रतिशत पार्टी के नेता मूल बीजेपी के ही हैं, जबकि सिर्फ दो प्रतिशत बाहर से लिए गए हैं। ऐसे में नए आए नेताओं के कारण कोई समस्या नहीं होने वाली है। पार्टी में शामिल करते हुए हम बीजेपी-शिवसेना के महागठबंधन और सीटों के बंटवारे को ध्यान में रखते हैं।

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