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‘बांग्लादेश की तरह सिंध को आजाद कराए भारत’: सिंधी एक्टिविस्ट

ह्यूस्टन

कश्मीर को लेकर प्रॉपेगैंडा फैला रहे पाकिस्तान की पोल अमेरिका में भी खुल रही है। पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति के साझा कार्यक्रम से पहले पाकिस्तान के सिंध प्रांत के लोग भी यहां पहुंचे हैं जो पाकिस्तान की बर्बरता को बयां कर रहे हैं। उन्होंने बांग्लादेश की तरह सिंध को आजाद कराने के लिए भारत से मदद मांगी है। पीएम जब ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में जा रहे होंगे तो सिंधी उन्हें पोस्टर दिखाकर अपने मन की बात बताएंगे।

सिंधी एक्टिविस्ट जफर ने कहा, ‘यहां मोदी-मोदी हो रहा है। यहां बहुत भीड़ जुटी है। हम सिंधी लोग एक संदेश के साथ ह्यूस्टन आए हैं। हम हम पोस्टर के जरिए मोदी जी को बताएंगे कि हम आजादी चाहते हैं। हमारा नरसंहार हो रहा है। हमारे मानवाधिकारों का हनन हो रहा है। 1971 में जैसे भारत ने बांग्लादेश की मदद की थी आजादी में उसी तरह सिंध को भी आजाद कराया जाए। हम उम्मीद करते हैं कि मोदी जी और राष्ट्रपति ट्रंप हमारी मदद करेंगे।’

उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान एक फासीवादी और आतंकी देश है, जिसे आईएसआई और सेना के द्वारा चलाया जाता है। वहां कोई लोकतंत्र नहीं है। वहां लोगों को मारा जाता है और उनके अंगों को बेचा जाता है। अल्पसंख्यकों को पूजा का अधिकार नहीं है। वहां मंदिर और चर्च जलाए जा रहे हैं। लोगों को हर रोज मारा जा रहा है, हमारी नस्ल को खत्म किया जा रहा है। हम और ज्यादा बर्दाश्त नहीं करना चाहते हैं। भारत, अमेरिका और G7 देश पाकिस्तान को होने वाले हर फंडिंग को रोकें और वहां की आर्मी व आईएसआई को आतंकवादी घोषित किया जाए।’

गौरतलब है कि पाकिस्तान में पंजाबियों को छोड़कर बाकी सभी समुदाय खुद को अलग-थलग महसूस करते हैं चाहे वह बलूच हों, सिंधी हों या मुहाजिर। पाकिस्तान की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाले प्रांत सिंध में पाकिस्तानी सेना लंबे समय से अत्याचार कर रही है। सिंध लोगों का पहला गुस्सा 1983 में पहली बार जनरल जिया उल हक के खिलाफ देखा गया था। आरोप है कि उन्होंने एक लोकप्रिय सिंधी नेता जुल्फिकार अली भुट्टो को फांसी पर लटका दिया था। तब कई सिंधियों ने सिंधु देश के लिए लड़ाई शुरू कर दी थी लेकिन बाहर से सपॉर्ट न मिलने के कारण यह आंदोलन दम तोड़ गया।

पाकिस्तान का 70 फीसदी टैक्स सिंध से आता है। वहीं सबसे ज्यादा कच्चे तेल और गैस का उत्पादन होता है। इसके बावजूद यह पाकिस्तान के सबसे पिछड़े इलाकों में से एक है। भारत-पाक बंटवारे के वक्त सिंध के लोगों ने खुद ही पाकिस्तान में शामिल होने का समर्थन किया था, लेकिन बाद में पाकिस्तान में जिस तरह से यहां के लोगों का दमन किया गया, उससे मोहभंग हो गया। अब सिंध के लोग पाकिस्तान की आजादी के दिन काला दिवस मनाते हैं। सिंध के लोगों का आरोप है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई हाफिज सईद जैसे आतंकवादियों को मदद देकर इस इलाके में आतंकवाद को बढ़ावा दे रही है।

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