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US: 16 CEO से मिले पीएम, LNG पर अहम समझौता

ह्यूस्टन

प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका की एनर्जी सिटी कहे जाने वाले ह्यूस्टन में आज तेल क्षेत्र की कई कंपनियों के सीईओ से मिले। ऊर्जा के क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग को विस्तार देने के उद्देश्य से हुई इस बैठक के बाद भारतीय कंपनी पेट्रोनेट और अमेरिकी कंपनी टेल्यूरियन के बीच अहम समझौते की घोषणा हुई। पीएम मोदी 1 सप्ताह के अमेरिका दौरे पर हैं और इस दौरान वह कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

टेल्यूरियन और पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड के बीच एक एमओयू साइन किया गया। इसके तहत PLL अमेरिका से सालाना 50 लाख टन लिक्विफाइड नैचरल गैस (एलएनजी) का आयात करेगी। इस समझौते से भारत को कम कीमत पर स्वच्छ ईंधन की आपूर्ति होगी।

मार्च 2020 तक अमल में आएगा समझौता
साल 2016 में लॉन्च एलएनजी उद्योग की प्रमुख कंपनी शेरिफ सौकी, टेल्यूरियन एलएनजी ने अप्रैल में कंपनी के प्रस्तावित ड्रिफ्टवुड एलएनजी निर्यात टर्मिनल को बनाने का परमिट प्राप्त किया था। प्रतिवर्ष 2.76 करोड़ मीट्रिक टन एलएनजी तक का उत्पादन करने के लिए ड्रिफ्टवुड एलएनजी का डिजायन बनाया गया है और इसका परमिट लिया गया है। एमओयू के अनुसार, पेट्रोनेट ड्रिफ्टवुड होल्डिंग में निवेश करेगा जिससे पेट्रोनेट को प्रॉजेक्ट के पहले चरण या दूसरे चरण से प्रतिवर्ष 50 लाख टन एलएनजी खरीदने का अधिकार मिल जाएगा। टेल्यूरियम और पेट्रोनेट का लक्ष्य समझौतों का लेनदेन 31 मार्च 2020 तक पूरा करने का होगा।

अमेरिका से बढ़ रहा है तेल आयात
भारत और अमेरिका ने ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए पिछले साल अमेरिका-इंडिया स्ट्रेटेजिक इनर्जी पार्टनरशिप पर हस्ताक्षर किए थे। अमेरिका ने 2017 में भारत को क्रूड ऑयल बेचना शुरू किया था, और एक प्रमुख स्रोत बन रहा है। अमेरिका से आपूर्ति वित्त वर्ष 2018-19 में चार गुनी से ज्यादा बढ़कर 64 लाख टन हो चुकी है। अमेरिका से आपूर्ति के पहले सत्र वित्त वर्ष 2017-18 में सिर्फ 14 लाख टन आपूर्ति हुई थी। भारत ने नवंबर 2018 से मई 2019 तक अमेरिका से प्रतिदिन 1,84,000 बैरल तेल प्रतिदिन खरीदा है।

16 कंपनियों के CEOs से मुलाकात
ह्यूस्टन आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सबसे पहले तेल सेक्टर के 16 CEOs से ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर बातचीत की। बैठक से पहले मोदी ने तेल सेक्टर के CEOS के साथ फोटो खिंचवाई। इस दौरान भारत में अमेरिकी राजदूत केनेथ जस्टर भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘भारत-अमेरिका मित्रता को और सशक्त करते हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सबसे पहला कार्यक्रम ऊर्जा सेक्टर के CEOS से मुलाकात करना है। भारत और अमेरिका इस क्षेत्र में विविधता पूर्ण सहयोग चाहते हैं।’

मोदी के साथ अमेरिका की जिन प्रमुख कंपनियों के CEO से मुलाकात की, उनमें बेकर हग्स, बीपी, चेनीर इनर्जी, डोमीनियन इनर्जी, इमरसन इलेक्ट्रिक कंपनी, एक्सनमोबिल, पेरट ग्रुप एंड हिलवुड, आईएचएस मार्किट, ल्योंडेलबासेल इंडस्ट्रीज, मैकडेरमट, स्क्लंबर्गर, टेल्यूरियन, टोटल, एयर प्रोडक्ट्स, विनमार इंटरनेशनल और वेस्टलेक केमिकल्स हैं।

एयरपोर्ट पर हुआ पीएम का जोरदार स्वागत
अमेरिकी राज्य टेक्सस के सबसे बड़े शहर ह्यूस्टन के जॉर्ज बुश इंटरनैशनल एयरपोर्ट पर उतरा। प्लेन से उतरने पर ट्रेड ऐंड इटरनैशनल अफेयर्स के डायरेक्टर क्रिस्टफर ओल्सन ने पीएम मोदी का स्वागत किया। कई अन्य अमेरिकी अधिकारी भी अगवानी के लिए खड़े थे, जिनसे पीएम ने हाथ मिलाया।

भारत और अमेरिका के बीच हो सकते हैं कुछ बड़े ऐलान
ऐसी उम्मीद की जा रही है कि ट्रंप प्रशासन इस सप्ताह भारत के साथ व्यापार समझौतों को लेकर कुछ बड़े ऐलान कर सकता है। न्यू यॉर्क टाइम्स में प्रकाशित खबर के अनुसार इसी सप्ताह पीएम मोदी की मुलाकात के बाद बड़े ऐलान हो सकते हैं। अमेरिका और चीन के बीच चल रहे ट्रेड वॉर के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप नए मार्केट की तलाश में हैं।

जर्मनी में भी रुके प्रधानमंत्री
भारत से उड़ान भरने के बाद एयर इंडिया का उनका विमान शनिवार सुबह जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में दो घंटे तक रुका। जर्मनी में भारतीय राजदूत मुक्ता तोमर और महावाणिज्यदूत प्रतिभा पार्कर ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की। इसके बाद पीएम का विशेष विमान ह्यूस्टन की अपनी आगे की यात्रा के लिए रवाना हुआ।

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