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महाराष्ट्र : सबसे बड़े दल को क्यों नहीं बुला रहे गवर्नर: पवार

मुंबई

महाराष्ट्र में चुनाव के नतीजे आने के दो हफ्ते बाद भी सरकार बनाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इस पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के चीफ शरद पवार ने शुक्रवार को कहा है कि राज्यपाल आखिर सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का न्योता क्यों नहीं दे रहे हैं? गौरतलब है कि शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच सीएम पद को लेकर चल रही खींचतान के कारण अभी तक किसी ने सरकार बनाने का दावा ही नहीं पेश किया है।

शरद पवार ने इसी के बारे में टिप्पणी करते हुए कहा, ‘मुझे नहीं पता कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी आखिर 105 सीटें जीतने वाली बीजेपी को सरकार बनाने के लिए बुला क्यों नहीं रहे हैं।’ आपको बता दें कि रामदास आठवले ने भी शुक्रवार को शरद पवार से मुलाकात की। आठवले ने महाराष्ट्र में राजनीतिक गतिरोध खत्म करने के लिए शरद पवार से चर्चा की थी।

‘शिवसेना-बीजेपी करें जनादेश का सम्मान’
इस मुलाकात के बाद शरद पवार ने आठवले के माध्यम से कहा कि बीजेपी और शिवसेना को जो लोग जनादेश मिला है, उन्हें उसका सम्मान करना चाहिए। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के नतीजों में एनसीपी को 54, शिवसेना को 56, कांग्रेस को 44 और बीजेपी को 105 सीटें मिली थीं। सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को 145 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है।

शरद पवार ने यह भी कहा, ‘महाराष्ट्र जैसे राज्य में ऐसी स्थितियां नहीं प्रबल नहीं होनी चाहिए। आठवले ने मुझसे सलाह मांगी। हमारी सहमति है कि जनता ने बीजेपी-शिवसेना को जनादेश दिया है।’ राज्यपाल अभी और कितना इंतजार करेंगे, इसपर पवार ने कहा कि उन्हें जल्द ही फैसला लेना होगा। वहीं, इस मीटिंग के बाद आठवले ने कहा, ‘शरद पवार साहब से मेरे घनिष्ठ संबंध सालों से रहे हैं। मैं यहां उनसे सलाह लेने आया था। उनकी राय है कि बीजेपी-शिवसेना को सरकार बनानी चाहिए। उन्होंने मुझसे भी यही कहा कि मैं दोनों पार्टियों की यही सलाह दूं।’

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