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3 बार बांग्लादेश क्या करने गया था देविंदर? ISI लिंक की जांच

श्रीनगर

हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों को पनाह देने वाले जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी देविंदर सिंह के बांग्‍लादेश कनेक्‍शन की जांच हो रही है। सोमवार को यह जानकारी जम्‍मू-कश्‍मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने दी। हाल ही में खुलासा हुआ था कि देविंदर सिंह साल 2019 में बांग्‍लादेश की तीन बार यात्रा कर चुका है।

मीडिया से बातचीत में डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया, ‘हमारी जानकारी में आया है कि देविंदर सिंह की बेटियां बांग्‍लादेश में पढ़ रही हैं। इस बात की जांच हो रही है कि उसकी ये यात्राएं क्‍या इसी सिलसिले में थीं।’ उन्‍होंने आगे कहा, ‘देविंदर सिंह का केस एनआईए को ट्रांसफर कर दिया गया है। इस पर टिप्‍पणी करना मेरे लिए सही नहीं है। कुछ बातें सामने आई हैं वे अब एनआईए के सामने हैं। एनआईए को ही देविंदर की कस्‍टडी दे दी गई है। जांच सही दिशा में चल रही है।’ जम्‍मू-कश्‍मीर में हिजबुल मुजाहिदीन आतंकवादियों की गतिविधियों पर डीजीपी ने दावा किया कि दक्षिण कश्‍मीर से इस आतंकवादी संगठन का लगभग सफाया हो चुका है।

बांग्‍लादेश में एमबीबीएस कर रही है देविंदर की बेटी
जांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि देविंदर सिंह की दो बेटियां बांग्‍लादेश में पढ़ाई कर रही हैं। इनमें से संभवत: एक बेटी एमबीबीएस का कोर्स कर रही है। ऐसे कयास भी लगाए जा रहे हैं कि शायद देविंदर सिंह की बेटियों की पढ़ाई को पाकिस्‍तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई फंड कर रही है क्‍योंकि आमतौर पर भारतीय अपने बच्‍चों को उच्‍च शिक्षा के लिए बांग्‍लादेश नहीं भेजते हैं। फिलहाल, जांच इस बात पर भी हो रही है कि देविंदर अपनी बेटियों की पढ़ाई के सिलसिले में बांग्‍लादेश गया या फिर आईएसआई लिंक से मुलाकात करने।

‘पहले किए अपराधों की जांच पर कोई रोक नहीं’
डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि बर्खास्‍त डीएसपी देविंदर सिंह द्वारा किए गए पिछले अपराधों की जांच पर कोई रोक नहीं है। मीडिया से बातचीत में डीजीपी ने कहा, ‘अगर हमें औपचारिक शिकायत मिलती है तो उनके खिलाफ किसी भी शिकायत की जांच पर कोई रोक नहीं है।’ यह पूछे जाने पर कि क्या देविंदर सिंह ने अन्य पुलिसकर्मियों के नाम लिए हैं जो उनके साथ शामिल थे, डीजीपी ने कहा कि मामले में जांच चल रही है और इस समय टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा, ‘आने वाले समय में और खुलासे हो सकते हैं जो हम आपके साथ साझा करेंगे, लेकिन फिलहाल हम इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।’

‘कट्टरपंथ से मुक्ति दिलाने वाले शिविरों का स्‍वागत’
जब डीजीपी दिलबाग सिंह से पूछा गया कि क्‍या कश्‍मीर में कट्टरपंथ से मुक्ति दिलाने वाले शिविरों की जरूरत है? उन्‍होंने कहा, ‘अगर कश्‍मीर में ऐसे शिविर बनते हैं तो यह अच्‍छा संकेत है, ऐसा होना चाहिए। निश्चित तौर पर लोगों को मदद मिलेगी, खासकर जो लोग भटक गए हैं।’ दिलबाग सिंह का कहना था, ‘अगर कुछ बेहतर किस्‍म की व्‍यवस्‍था की जाए, जहां सिविल सोसायटी के लोग, धर्म व दूसरी बातों के विशेषज्ञ हों तो अच्‍छा हो। ऐसी चीजों का स्‍वागत होना चाहिए।’

कार में आतंकवादियों को ले जा रहा था देविंदर
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस के ऐंटी-हाइजैंकिंग सेल के डीएसपी रहे देविंदर सिंह को 13 जनवरी को कुलगाम जिले में श्रीनगर-जम्मू नैशनल हाइवे पर एक कार में गिरफ्तार किया गया था। वह हिजबुल कमांडर सईद नवीद, एक दूसरे आतंकी रफी रैदर और हिज्बुल के एक भूमिगत कार्यकर्ता इरफान मीर को लेकर जम्मू जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि डीएसपी आतंकियों को घाटी से बाहर निकालने में मदद कर रहा था। डीएसपी के घर पर छापेमारी के दौरान 5 ग्रेनेड और 3 एके-47 बरामद हुई थीं।

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