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5 बच्चों को पालने मां मैरिज गार्डन में करती थी काम, मैनेजर करता था दुष्कर्म

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भोपाल

खरगोन जिले के भीकनगांव में रहते थे। मेरा पति करीब 6 महीने पहले पांच बच्चों के साथ छोड़कर कहीं चला गया और 4-5 दिन तक नहीं लौटा। पांच बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी मेरे ऊपर आ गई। इसके बाद गांव में काम मिलना मुश्किल था तो भोपाल आ गई और मिसरोद स्थित एक मैरिज गार्डन में सफाई का काम करने लगी। लेकिन यहां काम करना मेरे और बच्चों के लिए मुश्किल हो गया। मैरिज गार्डन संचालक कई महीनों से ज्यादती कर रहा था। वह बच्ची को बर्बाद करने की धमकी भी देता था। यह दर्द 32 वर्षीय महिला ने मिसरोद थाने में बयां किया।

राजधानी के स्वयंवर मैरिज गार्डन से चाइल्ड लाइन, बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) और मिसरोद थाना पुलिस ने 4 नाबालिग बच्चियों, एक बालक सहित 5 बच्चों को रेस्क्यू कराया। महिला और उसके बच्चों को बंधक बनाने की सूचना सीडब्ल्यूसी को मिली थी। इसके बाद चाइल्ड लाइन, एसजेपीयू और मिसरोद पुलिस ने बुधवार को संयुक्त कार्रवाई करते हुए बच्चों और मां को रेस्क्यू किया। मिसरोद थाने में आरोपित मैरिज गार्डन के मैनेजर सोनू वर्मा के खिलाफ महिला ने एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया ।

दुष्कर्म का मामला हुआ उजागर
महिला ने बताया कि बच्ची को बर्बाद करने की धमकी देकर मैरिज गार्डन का मैनेजर सोनू वर्मा उससे लगातार ज्यादती कर रहा था। जब उसने काम छोड़कर जाने की बात की तो उसने सभी को बंधक बना लिया। वह ताला लगाकर जाने लगा। जब गार्डन में रुकने के लिए महिलाएं आईं तब उन्हें अपनी पीड़ा बताई। मैरिज गार्डन एक पुलिस अधिकारी का बताया जा रहा है जिसका संचालन गौरव रघुवंशी और ईशान शिवहरे द्वारा किया जा रहा है।

महिला ने बताया कि ईशान शिवहरे ने उसकी नाबालिग बेटी को दो महीने अपने बंगले पर भी रखा था और उससे घर का काम कराया था। महिला ने पुलिस को बताया कि वह छह माह से मैरिज गार्डन में काम कर रही थी। उसके 5 बच्चे हैं, जिसमें 16 साल का लड़का 15, 10, 5, 2 साल की लड़कियां हैं।

बच्चों से परोसवाते थे शराब
पीड़ित महिला ने बताया कि मेरे बच्चों से मैरिज गार्डन में आने वाले मेहमानों को शराब परोसवाई जाती थी। साथ ही गार्डन में आए दिन ऐसे काम होते थे, जिसे देखकर मेरे बच्चे डर गए हैं। गार्डन में काम करने के बाद से मेरी बच्चियों का हाव-भाव बदल गया है। वे चुप रहने लगी हैं। मेरे बेटे का स्वभाव भी गदल गया है।

बच्चे सीडब्ल्यूसी के सामने होंगे पेश
सभी नाबालिग बच्चों को गुरुवार को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया जाएगा। जहां उनके बयान होंगे। चाइल्ड लाइन की अर्चना सहाय ने बताया कि महिला और उसकी बच्चियों को गौरवी सखी वन स्टॉप क्राइसिस सेटर में शिफ्ट कर दिया गया है। वहीं 16 वर्षीय लड़के को चाइल्ड लाइन में रखा गया है।

तीन घंटे बाद हुई एफआईआर दर्ज
महिला और उसके बच्चों को रेस्क्यू करने के तीन घंटे बाद एफआईआर दर्ज हो पाई। महिला को 2 बजे रेस्क्यू किया था। इसकी वजह महिला एसआई की ड्यूटी उपराष्ट्रपति कार्यक्रम में लगी थी जिसके चलते महिला थाने ने मिसरोद थाने पर जिम्मेदारी डाल दी।

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