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72 घंटे, 5000 उड़ानें: वायुसेना ने पाक सीमा पर दिखाई शक्ति

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नई दिल्ली

पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान के साथ एयर कॉम्बैट ऑपरेशन्स में वृद्धि के बीच बीते 72 घंटे में जहां भारत के फाइटर जेट्स ने पांच हजार उड़ाने भरीं, वहीं अब वायु सेना ने फाइटर जेट्स को पूर्वी सीमाओं पर भेजना शुरू कर दिया है। वायुसेना एक बार फिर लद्दाख से चीन सीमा पर अरुणाचल प्रदेश में ताकत बढ़ा रही है। दरअसल यह वायुसेना के ‘गगनशक्ति’ अभ्यास का एक हिस्सा है।

आपको बता दें कि भारत दो ओर से विदेशी सीमा पर अपनी सैन्य शक्ति में संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। सीमा पर सबसे बुरी स्थिति टू-फ्रंट वार के हालात में बन सकती है, जब सेना को पश्चिमी या फिर पूर्वी सीमा पर भेजना होगा। इसके बावजूद भारतीय वायु सेना की पूरी वार मशीनरी फिलहाल पैन इंडिया एक्सरसाइज ‘गगन शक्ति’ में लगाई गई है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘यह 1986-1987 के ऑपरेशन ब्रासस्टैक्स या 2001-2002 में ऑपरेशन पराक्रम के बाद हुआ सबसे बड़ा अभ्यास है, जब भारत लगभग संसद पर आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ युद्ध करने के लिए तैयार हो गया था।’ पाकिस्तान और चीन सीमा पर संभावित खतरे से निपटने के लिए कम से कम 42 फाइटर स्क्वाड्रोन्स की जरूरत है, लेकिन अभी खेमे में केवल 31 होने के बाद भी वायु सेना इस एक्सरसाइज की मदद से खुद को तैयार कर रही है।

बढ़ाई गई सेवाक्षमता
सीमा पर 1,150 सैनिकों, विमानों, हेलीकॉप्टर और ड्रोन्स के साथ-साथ सैकड़ों एयर-डिफेंस मिसाइल, रेडार, निगरानी के लिए और अन्य इकाइयां उच्च-वोल्टेज अभ्यास के लिए तैनात की गई हैं। यह एक्सरसाइज आर्मी और नौसेना की सक्रिय भागीदारी के साथ हो रही है। भारतीय वायुसेना ने जरूरत पड़ने पर 83% सेवाक्षमता (किसी भी समय विमान की संख्या की संचालन की उपलब्धता) को हासिल करने के लिए व्यवस्थित रूप से काम किया है, वहीं हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स और बेस रिपेयर डिपो जैसे रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों के साथ-साथ शांत समय में 55% से 60% सेवाक्षमता हासिल की गई है।

नॉनस्टॉप मिशन पर जोर
गगनशक्ति, संक्षेप में, आधुनिक लड़ाइयों में वायुसेना की श्रेष्ठता और लचीलेपन के उपयोग की व्यवस्था है। सुखोई -30 एमकेआई में ईंधन भरे बिना 1,500 किलोमीटर के एक राउंड का दायरा पूरा किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, यहां तक कि पूर्वी तट एयरबेस से पश्चिमी तट एयरबेस की दूरी को भी कवर किया जा सकता है। इस तरह आपात स्थिति में बिना किसी रुकावट मिशन नॉनस्टॉप चलाए जा सकते हैं।

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