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छैल

हिमाचल प्रदेश आने वाले ज्यादातर पर्यटकों को छैल स्थित पत्थरों से बने कुंभ शिव मंदिर के बारे में पता नहीं है। यह पत्थर लोगों की भीड़ से दूर एकांत में स्थित है। मंदिर की खास बात यह है कि इसे एक अकेले इंसान ने 38 साल में बनाया है, वह भी इसका सपना आने के बाद। 64 साल के सत्य भूषण ने अपनी पैतृक जमीन पर 1980 में मंदिर का निर्माण शुरू किया था। मंदिर को ‘टेंपल इन माई ड्रीम’ का नाम दिया गया है जो मंदिर के ऊपर तारों से लिखा गया है।

सीमेंट और मेटल के तारों से बनाए गए मंदिर में किसी रंग का इस्तेमाल नहीं किया गया है। शिव की जटाओं से लेकर नाग तक सब कुछ ग्रे सीमेंट से बनाया गया है। मंदिर के नीचे एक गुफा भी है। भूषण बताते हैं कि उन्होंने अपने स्कूल के दिनों में लकड़ी और मिट्टी से आकृतियां बनाना सीखा था। वह कहते हैं कि उनके सपने ने उन्हें एक प्लैटफॉर्म दिया और मंदिर बनाने के लिए प्रेरित किया।

ऐसे करते हैं आकर्षित
पहले इस मंदिर को केवल स्थानीय लोग जानते थे। उन्होंने इसके लिए फंड जुटाया। अभी तक इस पर 15 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। अभी भी इसका निर्माण पूरा नहीं हुआ है। भूषण अपनी पत्नी से अलग अपनी बहन के परिवार के साथ मंदिर से कुछ ही दूरी पर रहते हैं। वह बताते हैं, ‘जैसे ही मुझे कोई मंदिर जाता हुआ दिखता है, मैं बिजली चालू कर देता हूं। शिव की मूर्ति से किसी झरने की तरह पानी बहने लगता है और शिव भजन बजने लगते हैं।’ वह बताते हैं कि केवल बिजली के कनेक्शन के लिए उन्होंने एक स्थानीय की मदद ली।

मुस्कान और तारीफें करती हैं प्रेरित
हर दिन मूर्ति पर चार घंटे का समय लगाने वाले भूषण सरकारी मदद की चाहत नहीं रखते। हालांकि, वह हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के घर में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पांच फीट ऊंची मूर्ति बनाने का दावा करते हैं।

जब उनसे यह पूछा गया कि 38 साल बाद भी उन्हें मंदिर बनाने के लिए क्या प्रेरित करता है, वह बताते हैं कि जब कोई मंदिर में दर्शन करके वापस जाता है, तो उसके चहरे की मुस्कान और तारीफें उन्हें प्रेरित करती हैं। भूषण कहते हैं कि उन्हें हाल ही में पता चला कि उनके मंदिर को गूगल पर लोकेट कर सकते हैं। वह इसे लेकर बहुत खुश हैं और सोशल मीडिया पर अपलोड की गई तस्वीरों को धन्यवाद देते हैं।

गोरखपुर

उत्तर प्रदेश के देवरिया में एक 7 वीं क्लास की छात्रा को पुलिस ने मिड-डे-मील में जहर मिलाने के आरोप में गिरफ्तार किया है. बच्ची पर आरोप है कि उसने अपने भाई की मौत का बदला लेने के लिए खाने में जहर मिलाया है. उधर, मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी छात्रा और उसकी मां को हिरासत में ले लिया है और स्कूल की रसोई को सील कर दिया है.

मिली जानकारी के अनुसार, देवरिया के बनकटा थाना क्षेत्र के परिषदीय जूनियर हाई स्कूल की रसोइया राधिका बच्चों को मिड-डे-मील परोस रही थी. तभी एक छात्रा किचन में घुस गई. उसने दाल की बाल्टी में छात्रा को जहरीला पदार्थ मिलाते हुए देखा.

यह जानकारी उसने प्रधानाध्यापक भृगुनाथ प्रसाद को दी. इसके बाद उन्होंने तत्काल रसोई घर का ताला बंद कराते हुए किसी भी बच्चे को भोजन देने से मना कर दिया.इस बात की खबर पसरते ही स्कूल परिसर में भीड़ जुट गई. वहां महिलाओं ने आरोपी छात्रा की मां को जमकर पीटा. ग्रामीणों का आरोप है कि छात्रा ने अपने भाई की मौत का बदला लेने के लिए खाने में जहर मिलाया है.

प्रधानाध्यापक ने आला अधिकारियों को इसके बारे में बताया तो प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटा से डॉक्टर बीएन यादव अपनी टीम के साथ स्कूल पर पहुंचे और सभी छात्रों के स्वास्थ्य की जांच की. चिकित्सक के अनुसार सभी बच्चों की तबीयत ठीक है.

दाल में मिला जहर…
मिड डे मील में जहर होने की सूचना के बाद जिले की खाद्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और खाने की जांच की. खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजीत तिवारी ने कहा कि दाल में जहर मिलाया गया था, क्योंकि दाल का रंग बदल गया था और कीटनाशक दवा की गंध आ रही थी.

तिवारी ने आगे बताया कि भोजन का नमूना झांसी स्थित लैब में भेजा गया है. वहां से रिपोर्ट आने पर ही कौन सा विषाक्त पदार्थ मिलाया गया था, इसकी पुष्टि होगी. एसओ ने रसोइया की शिकायत पर छात्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है.

मालूम हो कि आरोपी छात्रा के भाई की कुछ दिन पूर्व स्कूल में एक बच्चे ने ईंट से मारकर हत्या कर दी थी. आरोपी बच्चा इस समय बाल सुधारगृह में है. उधर, छात्रा की मां का कहना है कुछ लोग जानबूझकर उनकी बेटी को फंसाना चाहते हैं, इसलिए उस पर झूठे आरोप लगाए गए हैं.

गाजियाबाद

वसुंधरा सेक्टर-17 में बुधवार दोपहर पत्नी की बेरहमी से पिटाई करने के बाद एक शख्स घर में बंद कर फरार हो गया। घायल महिला की दर्द भरी आवाज सुनकर पड़ोस की महिलाओं ने पुलिस कंट्रोल रूम में इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ड्युप्लिकेट चाबी बनवाकर महिला को बाहर निकाला और उन्हें चौकी ले आई। महिला ने बताया कि वह एक साल से घर से बाहर नहीं निकली थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

वसुंधरा सेक्टर-17 में एक दंपती रहता है। पड़ोसियों ने बताया कि दंपती की एक बेटी और एक बेटा है। दोनों नोएडा की कंपनी में काम करते हैं और वहीं अपने रिश्तेदार के यहां रहते हैं। काफी समय से दंपती के बीच विवाद चल रहा है। घर से झगड़ा करने की आवाजें आती हैं। बुधवार को आरोपित ने अपनी पत्नी को बुरी तरह से पीटकर घायल कर दिया और उसके बाद बाहर से गेट बंद कर फरार हो गया। घायल महिला की दर्द भरी आवाज सुनकर उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम में इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पीसीआर में तैनात पुलिसकर्मियों ने महिला को घर से बाहर निकाला। महिलाओं का कहना था कि पीड़ित महिला का आसपास के लोगों से कोई संपर्क नहीं था। उसे घर से बाहर न के बराबर देखा गया। उन्होंने बताया कि आरोपित को सबक सिखाने के लिए आसपास की सभी महिलाएं एकजुट हो गई हैं।

ड्युप्लिकेट चाबी बनवा खोला गेट
पुलिस के अनुसार गेट पर ताला लगा होने की वजह से अंदर जाना मुमकिन नहीं हो पा रहा था। इसके बाद चाबी बनाने वाले को बुलाया गया और फिर उसकी मदद से डुप्लीकेट चाबी बनाई गई। इसके बाद गेट खोलकर महिला को बाहर निकालकर चौकी लाया गया। महिला के घर वालों को संपर्क कर आरोपित पति की तलाश की जा रही है। फिलहाल इस मामले में पुलिस को लिखित शिकायत नहीं मिली है।

पहले भी पिटाई कर तोड़ दिया था हाथ
वहीं, पूछताछ के दौरान पीड़ित महिला ने बताया है कि पति उन पर शक करता है और शराब पीकर मारपीट करता है। पहले भी पिटाई में उनका हाथ टूट गया था। बुधवार को पति मारपीट कर सुबह 10 बजे घर में बंद कर चला गया था। पति रोज मारपीट कर सुबह उन्हें घर में बंद कर चला जाता था। शाम को घर आता था। पीड़िता ने बताया कि आधे घर की लाइट खराब पड़ी है। बल्ब और पंखा ठीक नहीं होने के चलते गर्मी में उनका बुरा हाल हो जाता था। करीब एक साल से वह घर से बाहर नहीं निकली हैं।

बहराइच

यूपी सरकार के अपने ही विधायक पुलिस के आगे कितने लाचार हैं, यह बीते दिनों हुए एक वाकये से साफ हो जाता है। दरअसल यूपी के बहराइच जिले की बहला सीट से एक दलित बीजेपी विधायक ने साधारण लोगों की लाइन में लगकर जिला प्रशासन के सामने अपना दर्द बयां किया। यहां उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस जनता के लिए उनकी सिफारिशों को नजरअंदाज कर रही है।

बीजेपी विधायक अक्षयवर लाल गोंड ने तहलीस दिवस के मौके पर लोगों की लाइन में लगकर जिला प्रशासन के सामने अपनी शिकायत बताई। उन्होंने मंगलवार को जिला प्रशासनिक अधिकारियों से कहा, ‘मेरे क्षेत्र के पुलिस अधिकारी मेरा मजाक उड़ाते हैं। जनता और गरीबों के लिए मेरी सिफारिशों को नहीं सुनते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘यहां तक कि जब मेरे कार्यकर्ता पुलिस अधिकारी के सामने मेरा नाम लेते हैं तो वह मेरा मजाक उड़ाते हुए मेरे अनुरोध को नजरअंदाज कर देते हैं।’

अक्षयवर ने साधारण लोगों की पंक्ति में लगकर अपनी शिकायत रजिस्टर कराई। जब अधिकारियों ने उन्हें देखा तो उन्होंने तहसील दिवस हॉल के डायस में उन्हें बुलाया। हालांकि उन्होंने कहा, ‘मैं एक आम इंसान के तौर पर अपनी शिकायत दर्ज कराऊंगा, इस उम्मीद से कि अधिकारी मेरी सुनेंगे।’ अक्षयवर ने कहा, ‘जब मेरा एक कार्यकर्ता सुजौली पुलिस थाने के एसएचओ के सामने मेरा नाम लेता है तो वह कहते हैं कि वह मुझे पहचानते ही नहीं हैं।’

रायपुर

छत्‍तीसगढ़ आर्म्‍ड फोर्स के एक जवान ने बेवफाई के शक में हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। उसने कथित रूप से अपनी बीवी के प्राइवेट पार्ट में बिजली का तार डाल दिया जिससे करंट लगने से उसकी मौत हो गई। इस कपल के दो बच्‍चे हैं। यह वीभत्‍स घटना राज्‍य के बलोदबाजार-भाटपारा जिले की है। पुलिस ने आरोपी जवान को हिरासत में ले लिया है।

सरगांव पुलिस चौकी के सहायक सब इंस्‍पेक्‍टर पारस राम जगत ने बताया कि आरोपी की पहचान सुरेश मिरी के रूप में की गई है। वह दंतेवाड़ा में छत्‍तीसगढ़ आर्म्‍ड फोर्स में कुक का काम करता है। उन्‍होंने कहा, ‘जब उसकी पत्‍नी लक्ष्‍मी बाथरूम में कपड़े धो रही थी, उस समय सुरेश पहुंचा और उसे पीटना शुरू कर दिया। लक्ष्‍मी जब बेहोश हो गई तो मिरी ने उसके प्राइवेट पार्ट में बिजली का तार डाल दिया। करंट लगने से लक्ष्‍मी की मौके पर ही मौत हो गई।’

पूछताछ के दौरान मिरी ने अपनी पत्‍नी लक्ष्‍मी की हत्‍या की बात कबूल की है। मिरी ने बताया कि उसे अपनी पत्‍नी पर विवाहेतर संबंध रखने का शक था। जगत ने बताया कि बुधवार दोपहर में पति और पत्‍नी के बीच काफी बहस हुई थी। पुलिस ने मिरी को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद मिरी ने अपने ससुरालवालों को फोन कर बताया था कि लक्ष्‍मी की बीमारी से मौत हो गई है।

मिरी ने एक वैन भी बुक कर ली थी ताकि लक्ष्‍मी के शव को उसके पैतृक गांव खजीरी ले जाया जा सके। इस बीच लक्ष्‍मी के परिवारवाले आ गए और उन्‍हें शव को देखकर शक हुआ। उन्‍होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मिरी को हिरासत में लेकर उसके घर को पूरी तरह से सील कर दिया है और मामले जांच की शुरू कर दी है।

देवरिया,

उत्तर प्रदेश की देवरिया जिला जेल में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मिलकर छापेमारी की. इस दौरान बाहुबली नेता और पूर्व सांसद अतीक अहमद की बैरक से दो सिमकार्ड और चार पैन ड्राइव बरामद की गई हैं. इसके अलावा अन्य कैदियों की बैरक से एक मोबाइल फोन, 2 सिम कार्ड और हैंडमेड चाकू बरामद हुआ है.

देवरिया के डीएम और एसपी ने तीन सौ सिपाहियों, दर्जनों दरोगाओं के साथ जिला जेल में छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया. एसपी ने बताया कि 300 सिपाहियों के साथ छापेमारी की गई है. पूर्व सांसद अतीक अहमद की बैरक से दो सिम, चार पेनड्राइव बरामद की गई हैं. उनकी जांच की जा रही है.

डीएम ने बताया कि काफी दिनों से जेल में मोबाइल होने की सूचना मिल रही थी. जिसके बाद छापे की कार्रवाई की गई है. इस दौरान जेल से एक मोबाइल मिला है. दो अन्य सिम कार्ड और हैंडमेड चाकू भी बरामद किया गया है.गौरतलब है कि अतीक अहमद को चुनाव के वक्त नैनी जेल से देवरिया की जिला जेल में शिफ्ट किया गया था. इससे पहले वो जमानत पर बाहर था. लेकिन बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था.

कौन है अतीक अहमद
अतीक अहमद का जन्म 10 अगस्त 1962 को हुआ था. मूलत वह उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जनपद के रहने वाले है. पढ़ाई लिखाई में उनकी कोई खास रूचि नहीं थी. इसलिये उन्होंने हाई स्कूल में फेल हो जाने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी. कई माफियाओं की तरह ही अतीक अहमद ने भी जुर्म की दुनिया से सियासत की दुनिया का रुख किया था. पूर्वांचल और इलाहाबाद में सरकारी ठेकेदारी, खनन और उगाही के कई मामलों में उनका नाम आया.

17 साल की उम्र में पहला मुकदमा
जवानी की दहलीज पर कदम रखते ही अतीक अहमद के खिलाफ पहला मामला दर्ज हुआ था. और वो मुकदमा था हत्या का. बात 1979 की है जब 17 साल की उम्र में अतीक अहमद पर कत्ल का इल्जाम लगा था. उसके बाद अतीक ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. साल दर साल वो जुर्म की किताब के पन्ने भरते जा रहे थे.

रायपुर,

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में नक्सलियों के साथ गुरुवार की सुबह हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 8 नक्सलियों को मार गिराया है. यह मुठभेड़ प्रदेश में बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर हुई, जिसमें पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त कार्रवाई की और 8 नक्सलियों को ढेर कर दिया. साथ ही मौके से पुलिस को भारी मात्रा में नक्सलियों के हथियार भी मिले हैं.

मुठभेड़ की यह वारदात दंतेवाड़ा में तिमेनार की पहाड़ियों के पीछे गंगालूर थाना क्षेत्र में हुई है. दंतेवाड़ा एसटीएफ और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में गुरुवार की सुबह 6 बजे ये नक्सली मारे गए हैं. दंतेवाड़ा के एएसपी नक्सल ऑपरेशन जी. एन. बघेल ने इसकी पुष्टि की है.जानकारी के मुताबिक मारे गए 8 नक्सलियों में तीन महिलाएं और 4 पुरुष शामिल हैं. मृतक नक्सलियों के पास से INSAS राइफल, दो थ्री नॉट थ्री राइफल, एक 12 बोर राइफल और कुछ अन्य हथियार बरामद हुए हैं.

जानकारी के मुताबिक सुरक्षाबलों को इस इलाके में एक दर्जन नक्सलियों के होने की जानकारी मिली थी. जिसके बाद एसटीएफ और सीआरपीएफ की टीमें मौके पर पहुंची और पूरे इलाके की घेराबंदी की. इससे पहले कि सुरक्षाबल कुछ करते नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी. हालांकि, पहले से मुस्तैद जवानों ने इस मुठभेड़ में 3 महिला नकस्ली समते 8 नक्सलियों को मार गिराया.

एक दिन पहले यानी बुधवार को ही छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र के सीमावर्ती राजनांदगांव जिले के औंधी क्षेत्र के कुंडाल की पहाड़ियों में आईटीबीपी और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक महिला नक्सली को मार गिराया था. मारी गई महिला नक्सली औधी एलओएस की जरीना पर पांच लाख रुपये का इनाम था. घटना स्थल पर काफी मात्रा में टेंट के सामान के अलावा एक 12 बोर की बंदूक भी बरामद हुई.

राजनांदगांव के एएसपी (नक्सल प्रकोष्ठ) वाई.पी. सिंह ने कहा कि बारिश के मौसम में आमतौर पर नक्सली अपने संगठन के विस्तार और प्रशिक्षण के काम के लिए जंगल और जंगल से लगे गांवों में सक्रिय रहते हैं, लेकिन इस मौसम में भी पुलिस के अभियान चलाने की रणनीति के कारण नक्सली बैकफुट पर आ गए हैं और वे इलाके में लगातार कमजोर होते जा रहे हैं.

10 दिन पहले दो नक्सलियों को किया था ढेर
10 जुलाई को छत्तीसगढ़ के ग्राम मिनपा के जंगल के पास पुलिस व नक्सलियों की मुठभेड़ में दो नक्सली मारे गए थे. वहीं, रिजर्व पुलिस बल का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया था. दरअसल, भरी बारिश के बीच चिंतागुफा थाना से रिजर्व पुलिस बल के जवान गश्त पर निकले थे. ग्राम मिनपा जंगल के पास नक्सलियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट किया. विस्फोट के बाद पुसिल के जवानों ने तुंरत मोर्चा संभाला और दोनों ओर से गोलीबारी हुई. गोलीबारी में दो नक्सली मारे गए.

टिहरी,

उत्तराखंड के टिहरी जिले में 25 लोगों से भरी बस सड़क से 250 मीटर गहरी खाई में गिर गई. इस घटना में बस में सवार 13 लोगों की मौत हो गई है वहीं, 9 लोगों के घायल होने की खबर है. घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. घटना टिहरी जिले के ऋषिकेश गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 94 पर हुई. यहां उत्तराखंड परिवहन की रोडवेज बस सूर्यधार के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई. ये बस भटवाड़ी उत्तरकाशी से हरिद्वार जा रही थी, बस में 25 लोग सवार थे.

उत्तराखंड सरकार ने हादसे में मारे गए लोगों को परिजनों को 2-2 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है. वहीं, घायल लोगों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है. साथ ही हादसे की मजिस्ट्रेट जांच करने के निर्देश दे दिए गए हैं.

घटना की सूचना पाकर जिला प्रशासन और पुलिस के जवान मौके पर पहुंच गए हैं. मौके पर राहत बचाव कार्य जारी है. अभी तक 13 लोगों की मौत की खबर है और 9 लोग इस हादसे में घायल हैं. घायलों को बस से निकालकर 108 की मदद से चंबा जिले के CHC अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बस दुर्घटना के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है.

रायबरेली:

रायबरेली के शिवगढ़ थाना क्षेत्र में बुधवार को बीजेपी मंडल उपाध्यक्ष गंगासागर पांडेय की पड़ोसियों ने फरसे व कुल्हाड़ी से काटकर निर्मम तरीके से हत्या कर दी. नाली बनाने के विवाद को लेकर गंगासागर की हत्या की गई. हमलावरों ने कुल्हाड़ी व फरसे से गंगासागर का हाथ, दोनों पैर और गर्दन काट डाली. आनन-फानन में गंगासागर को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने हत्या के आरोप में लालचंद्र शुक्ला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है. अन्य हमलावरों की तलाश की जा रही है.

वारदात की सूचना पर एसपी सुजाता सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया. उन्होंने प्रकरण की जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है. साथ ही हल्का दरोगा व दो सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया है.

शिवगढ़ थाना क्षेत्र के पहाड़पुर गांव निवासी गंगासागर पांडेय (40) कसना क्षेत्र के भाजपा मंडल उपाध्यक्ष के साथ ही सेक्टर संयोजक थे. गंगासागर का पड़ोसियों से नाली को लेकर विवाद चल रहा था. इस मामले में उन्होंने थाने में शिकायत की थी. लेकिन पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई. बुधवार दोपहर बाद गंगासागर बाइक पर सवार होकर गांव से शिवगढ़ की ओर जा रहे थे. गांव के बाहर घाट लगाकर बैठे 12 हमलावरों ने उनकी कुल्हाड़ी व फरसे से काटकर निर्मम हत्या कर दी.

खून से लथपथ गंगासागर को आसपास के लोगों ने सीएचसी बछरावां पहुंचाया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. हत्या की सूचना पर सीएचसी में बीजेपी नेताओं का जमावड़ा लग गया. सभी ने गंगासागर पांडेय की हत्या पर आक्रोश जताया. एसपी ने बताया कि मामले में लापरवाही उजागर होने पर हल्का दरोगा राम शब्द यादव और सिपाही हरिश्चंद्र शर्मा व महेश पाल यादव को लाइन हाजिर किया है.

बरेली

उत्‍तर प्रदेश के बरेली शहर में अपनी तरह के पहले मामले में एक व्‍यक्ति, उसके पिता और परिवार के अन्‍य सदस्‍यों पर पुलिस ने निकाह हलाला के नाम पर अप्राकृतिक संबंध बनाने के लिए रेप समेत कई संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया है। व्‍यक्ति की पत्‍नी ने आरोप लगाया था कि उसे कई बार तीन तलाक दिया गया और निकाह हलाला के नाम पर ससुर ने कई बार उसके साथ रेप किया।

पुलिस ने मंगलवार को महिला के ससुर के खिलाफ रेप और पति पर अप्राकृतिक सेक्‍स का मामला दर्ज किया है। महिला के पति और परिवार के अन्‍य सदस्‍यों पर उत्‍पीड़न तथा अन्‍य धाराओं में केस दर्ज किया है। पीड़‍ित महिला ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्‍स ऑफ इंडिया से बातचीत में अपनी आपबीती सुनाई। उसने कहा, ‘मेरी जुलाई 2009 में मेरे पति के साथ शादी हुई थी और प्रेमनगर पुलिस स्‍टेशन के सुर्खा राजा चौक मोहल्‍ले में रहती थी।’

उन्‍होंने कहा, ‘चूंकि मैं बच्‍चे को जन्‍म नहीं दे सकी, इसलिए मेरे पति और ससुराल वालों ने मुझे प्रताड़‍ित करना शुरू कर दिया। 15 फरवरी 2011 को मेरे पति ने मुझे तीन तलाक दे दिया। इसके बाद मेरे पति और ससुराल वालों ने मुझे ससुर के साथ निकाह हलाला करने के लिए कहा। जब मैंने मना कर दिया तो उन्‍होंने मेरी पिटाई की और भूखा रखा। पति और ससुरालवालों ने मुझे नशे के इंजेक्‍शन देने शुरू कर दिए।’

पीड़िता ने बताया, ‘1 जुलाई को उन्‍होंने मुझे ससुर के साथ निकाह के लिए मजबूर कर दिया। 10 दिन बाद तीन तलाक देने से पहले ससुर ने मेरे साथ कई बार बलात्‍कार किया। नवंबर 2011 में मेरी मेरे पति से दोबार शादी हो गई लेकिन मेरा ससुर लगातार मेरे साथ दरिंदगी करता रहा। ऐसा करते-करते छह साल बीत गए। 4 जनवरी 2017 को मेरे पति ने मुझे दोबारा तीन तलाक दे दिया।’

पति के इस कदम से परेशान होकर निकाह हलाला पीड़िता ने फरवरी 2017 में पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई लेकिन सामाजिक बदनामी के डर से उसमें रेप का जिक्र नहीं किया। इसके बाद ससुरालवालों ने कहा कि वह अपने देवर के साथ निकाह कर ले लेकिन महिला ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। महिला ने कहा, ‘अपने आपको बचाने के बाद मैं अपनी छोटी बहन और उसकी बेटी के साथ रह रही हूं।’

उन्‍होंने कहा, ‘दूसरे तीन तलाक के बाद मेरे पति ने मुझे तीन दिनों तक एक कमरे में बंद करके भूखा रखा। वह चाहता था कि मैं उसके छोटे भाई के साथ निकाह हलाला करूं। वह मुझे मौत की धमकी देता था।’ इस मामले पर किला पुलिस इंस्‍पेक्‍टर केके वर्मा ने कहा, ‘पति, उसके माता-पिता, बहन और भाइयों समेत 7 आरोपियों पर दहेज का मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता के ससुर पर रेप और पति पर अप्राकृतिक सेक्‍स का मामला दर्ज किया गया है।’