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CJI के महाभियोग मामले पर बोले जेटली- कोर्ट में फूट का फायदा उठाना चाहती है कांग्रेस

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नई दिल्ली

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग याचिका के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी को जमकर लताड़ लगाई. उन्होंने कहा कि न्यायपालिका को कठघरे में खड़े करने का नुकसान कांग्रेस को कर्नाटक के चुनाव में उठाना पड़ सकता है. जेटली ने पहले भी सीजीआई के खिलाफ महाभियोग को लेकर कांग्रसे पर हमला किया था. उन्होंने कहा था कि राजनीतिक हथियार के तौर पर महाभियोग लाने की तैयारी की गई थी. एक बार फिर से उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर महाभियोग को लेकर अपनी राय रखी है. जेटली के मुताबिक जीफ जस्टिस के खिलाफ बिना किसी आधार के महाभियोग लाया गया, जिसमें कोई तथ्य नहीं था.

अरुण जेटली ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘न्यायालय में फूट को देखते हुए कांग्रेस संकट का फायदा उठाना चाहती है. अगर महाभियोग प्रस्ताव में ही कोई दम नहीं था, तो उसको खारिज करने वाले राज्यसभा के सभापति के आदेश को चुनौती देने वाली रिट याचिका के पक्ष में कोई तर्क नहीं बनता.’ उन्होंने कहा कि राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू का महाभियोग प्रस्ताव को खारिज करना तर्कसंगत था. ऐसे में उनके आदेश को सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू करने की कोई ज़रूरत नहीं थी.जेटली ने कहा कि इसके बावजूद कांग्रेस इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट गई. जेटली के मुताबिक कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर जानबूझ कर सुप्रीम कोर्ट गई जिससे कि एक बहस न करने के मुद्दे पर बहस हो सके.

वित्त मंत्री ने कहा लेकिन कांग्रेस संकट का लाभ उठाना चाहती है. इसी लिए उसने इस मुद्दे की सुनवाई के लिए संविधान पीठ की मांग का जिक्र ‘अपने पसंद की पीठ’ में करने की रणनीति अपनायी, ताकि एक मामला जो तर्क के लायक नहीं था, वह एक अधिक उदार पीठ के तर्क लायक हो जाए.खुद भी एक जाने माने वकील रहे जेटली ने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी अपने मनमाफिक मैदान में खेल खेलना चाहती थी.’

उन्होंने कहा, ‘वास्तव में हर कांग्रेसी को इसकी कीमत चुकानी होगी, क्योंकि उसके नेता ने मुख्यधारा में रह कर काम करने के बजाय हासिए की चाल चलने का फैसला किया है. कर्नाटक में कांग्रेसियों को तुरंत इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा.’

आपको बता दें कि कांग्रेस समेत 7 राजनीतिक पार्टियां चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ राज्यसभा में महाभियोग का प्रस्ताव लेकर आई थीं, जिसे राज्यसभा के चेयरमैन वेंकैया नायडू ने खारिज कर दिया था. ऐसे में कपिल सिब्बल और प्रशांत भूषण चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव की मंजूरी के लिए सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस चेलमेश्वर के पास पहुंचे थे. लेकिन मंगलवार को इसे खारिज कर दिया गया.

जेटली ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में इसलिए याचिका दायर की थी क्योंकि वो चाहते थे कि जज लोया मौत के मामले में सीजेआई पर दोष मढ़ा जाए. उन्होंने लिखा “न्यायाधीश लोया की दुर्भाग्यपूर्ण मौत के फैसले ने कांग्रेस पार्टी के झूठ को उजागर कर दिया है. कांग्रेस ने कहा था कि उनकी मौत नेचुरल नहीं थी.’

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