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कंपनियों में मची होड़, एंप्लॉयीज की बल्ले-बल्ले

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अच्छे कर्मचारियों को लुभाने की होड़ में पेड पैटरनिटी लीव की मियाद बढ़ाने लगीं कंपनियां

मुंबई

कंपनियां अच्छे कर्मियों को आकर्षित करने के लिए तरह-तरह के पासे फेंक रही हैं। इनमें पैटरनिटी या चाइल्ड केयर लीव जैसे लुभावनी सुविधाएं शामिल हैं। टेक कंपनी सेल्सफोर्स ने पैटरनिटी लीव को लेकर नया पैमाना तय कर दिया है। सेल्सफोर्स ने नवजात की देखभाल के लिए पैटरनिटी लीव की मियाद बढ़ाकर तीन महीने कर दी है। हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट ने पैटरनिटी लीव की मियाद बढ़ाकर छह सप्ताह यानी डेढ़ महीने कर दी थी।

इस साल की शुरुआत में क्युमिन्स इंडिया ने एक महीने की पैटरनिटी लीव (पितृत्व अवकाश) देकर मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए नया पैमाना बना दिया। ये सारे उदाहरण तब सामने आ रहे हैं जब ज्यादातर कंपनियां 10 दिन से दो सप्ताह तक की ही पैटरनिटी लीव दे रही हैं। उम्मीद की जा रही है कि 12 सप्ताह की पैटरनिटी लीव की बदौलत सेल्सफोर्स जैसी कंपनियों को बेहतर कर्मियों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। कंपनी को अभी स्किल्ड एंप्लॉयीज की तलाश भी है।

सेल्सफोर्स में एंप्लॉयी सक्सेस (इंडिया) के डायरेक्टर ज्ञानेश कुमार ने कहा, ‘हम यह मानते हैं कि तीन महीने की पेड पैटरनिटी लीव की सुविधा देना अच्छी बात है और यह अपने एंप्लॉयी के साथ अच्छे व्यवहार का सर्वोत्तम तरीका है। नया-नया पैरंट बनना बड़ी बात है। जिन पैरंट्स को अनपेड फैमिली लीव के लिए मजबूर किया जाता है, उनके लिए स्थिति ज्यादा ही चुनौतीपूर्ण हो जाती है। बढ़िया पैटरनिटी पॉलिसी से काम और पारिवारिक जीवन के बीच के संघर्षों को कम करने में मदद मिलती है जो बच्चे के जन्म के बाद पुरुष और महिला, दोनों के लिए एक हकीकत है। बड़ी बात यह है कि हम चाहते हैं कि भारत में पैटरनिटी लीव की चर्चा हो।’

सेल्सफोर्स के दुनियाभर में 25,000 एंप्लॉयीज हैं। भारत में कंपनी का दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु में दफ्तर हैं। एक साल पहले इसने हैदराबाद में अपना सेंटर ऑफ एक्सलेंस लॉन्च किया था। यह कंपनी के वैश्विक स्तर के बड़े इंजिनियरिंग और कस्टमर सक्सेस हब्स में एक है।

केंद्र सरकार ने हाल ही में छह महीने के मातृत्व अवकाश (मैटरनिटी लीव) को अनिवार्य बना दिया था। कुछ कंपनियों ने पैरंटल लीव को मैटरनिटी और पैटरनिटी लीव की जगह क्रमशः प्राइमरी केयरगिवर और सेंकड्री केयरगिवर लीव का नाम देना शुरू कर दिया है। कुछ कंपनियां तो बच्चा अडॉप्ट करने या सरॉगसी (किराये के कोख से पैदा करने) के लिए भी पैरंटल पॉलिसी लागू कर मिसाल कायम कर रही हैं।

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