Home खेल CWG में छाया भारत, 10वें दिन बॉक्सिंग और रेसलिंग में बरसा सोना

CWG में छाया भारत, 10वें दिन बॉक्सिंग और रेसलिंग में बरसा सोना

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गोल्ड कोस्ट

ऑस्ट्रेलिया में हो रहे राष्ट्रमंडल खेलों के 10वें दिन शनिवार को भारतीय खिलाड़ियों ने 8 गोल्ड समेत कुल 17 मेडल जीते। इसके साथ ही पदक तालिका में भारत 25 गोल्ड, 16 सिल्वर और 18 ब्रॉन्ज के साथ कुल 59 मेडल्स के साथ तीसरे पायदान पर बना हुआ है। भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 6 मेडल जीते। बॉक्सिंग लेजंड एमसी मैरी कॉम महिलाओं के 45-48 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीतनेवाली पहली भारतीय बनीं। वहीं, नीरज चोपड़ा ने 86.47 मीटर भाला फेंक कर ऐतिहासिक गोल्ड मेडल अपने नाम किया। पुरुषों के 52 किग्रा और 75 किग्रा वर्ग में बॉक्सर्स गौरव सोलंकी और विकास कृष्णन ने भी पीला तमगा अपने नाम किया। हालांकि मनीष कौशिक (60 किलो), अमित पंघाल (46-49 किलो ) और सतीश कुमार (+91 किलो) को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

भारत इस बार राष्ट्रमंडल खेलों से मुक्केबाजी के 9 पदक लेकर लौटेगा जो इससे पहले 2010 के दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों के उसके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से दो पदक ज्यादा है। इससे पहले मोहम्मद हुसामुद्दीन (56 किलो ), नमन तलवार (91 किलो ) और मनोज कुमार (69) को सेमीफाइनल मुकाबलों में हारकर ब्रॉन्ज मेडल्स से संतोष करना पड़ा था।

पहली और संभवत: आखिरी बार राष्ट्रमंडल खेलों में भाग ले रहीं 35 वर्षीय मैरी कॉम ने महिलाओं के 48 किग्रा फाइनल में उत्तरी आयरलैंड की क्रिस्टीना ओहारा को 5-0 से हराया। मैरी कॉम ने कहा , ‘मुझे खुशी है कि मैंने फिर इतिहास रचा। देश के लिए इन खेलों में महिला मुक्केबाजी में पहला मेडल जीतकर अच्छा लग रहा है।’ ओहारा के पास मैरी कॉम के दमदार पंच का जवाब नहीं था। मैरी कॉम ने मुकाबले को लगभग एकतरफा बना दिया।

पुरुष वर्ग में सोलंकी ने उत्तरी आयरलैंड के ब्रेंडन इरविन को 4 -1 से हराया। वह तीसरा दौर हार गए थे लेकिन पहले दो दौर में प्रदर्शन इतना अच्छा रहा कि उन्होंने स्वर्ण जीत लिया। उन्होंने कहा , ‘मैं यह पदक अपनी मां को समर्पित करता हूं। मैं तोक्यो ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहता हूं और तिरंगा लहराते देखना चाहता हूं।’

इसके बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण और विश्व चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके विकास ने कैमरून के डियूडोन विल्फ्रेड को 5-0 से शिकस्त देकर स्वर्ण पदक जीता। तकनीकी श्रेष्ठता वाले भारतीय खिलाड़ी ने धीरे-धीरे मैच पर शिकंजा कसा। विकास ने सतर्क शुरुआत करने के बाद अपने दमदार मुक्कों से विरोधी को पस्त कर दिया। इसके साथ ही वह एशियाई और राष्ट्रमंडल दोनों खेलों में गोल्ड जीतने वाले देश के पहले मुक्केबाज बन गए।

विकास ने 2010 के एशियाई खेलों में लाइटवेट 60 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने कहा, ‘मेरे माता-पिता ने मेरी सबसे ज्यादा मदद की है इसलिए यह स्वर्ण पदक उनके लिए है।’ वहीं, अमित और मनीष दोनों बंटे हुए फैसले में हार गए। बाद में सतीश को भी फाइनल में इंग्लैंड के फ्रेजर क्लार्क से शिकस्त झेलकर सिल्वर से संतोष करना पड़ा।

कुश्ती में विनेश, सुमित को गोल्ड, साक्षी को ब्रॉन्ज
भारतीय पहलवानों सुमित (125 किग्रा) और विनेश फोगाट (50 किग्रा) ने शनिवार को राष्ट्रमंडल खेलों की कुश्ती स्पर्धा में भारत को 2 गोल्ड मेडल और दिलाए जबकि ओलिंपिक ब्रॉन्ज मेडल विजेता साक्षी मलिक (62 किलो) को ब्रॉन्ज से ही संतोष करना पड़ा। सोमवीर ने भी 86 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता। भारत ने कुश्ती में 5 गोल्ड, 3 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल जीते। कुश्ती में पदकों के मामले में भारत 2014 ग्लासगो खेलों से एक पदक पीछे रहा लेकिन गोल्ड पिछली बार भी पांच जीते थे।

साक्षी पहले ही दौर में कनाडा की मिशेले फजारी और नाइजीरिया की अमीनत अदेनियि से हारकर गोल्ड मेडल के मुकाबले से बाहर हो गईं। आखिर में उन्होंने कैमरून की बर्थे एंगोले को हराया। ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में उन्होंने न्यू जीलैंड की टायला फोर्ड को मात दी। साक्षी ने बाद में कहा,‘मैं बहुत दुखी हूं। मुझे स्वर्ण पदक जीतना था लेकिन कांस्य लेकर जाना पड़ रहा है। अब मुझे चार साल और इंतजार करना होगा।

दूसरी ओर रियो ओलिंपिक में करियर के लिए खतरा बनी चोट लगा बैठीं विनेश ने शानदार वापसी की। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार दूसरा गोल्ड जीता। उन्होंने तीन में से दो मुकाबले तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीते। जीत के बाद उन्होंने कहा , ‘यह कड़ा मुकाबला था। मुझे खुशी है कि मैं चुनौती से पार पा सकी। मैं ऐसे पल का इंतजार पिछले चार साल से कर रही थी जब तिरंगा ऊपर उठे और राष्ट्रगान बजे।’ विनेश ने कहा , ‘जब मैंने भाला फेंक में नीरज को गोल्ड जीतते देखा तो बहुत प्रेरणा मिली और मैं भी स्वर्ण जीतना चाहती थी।’

सुमित मलिक ने पुरुषों के 125 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में गोल्ड जीता क्योंकि उनके प्रतिद्वंद्वी नाइजीरिया के सिनिवी बोल्टिक चोट के कारण मुकाबले में उतर नहीं सके। सुमित ने इससे पहले पाकिस्तान के तैयब रजा को 10.4 से हराया था। सुमित उस समय विवादों में आ गए जब दूसरे दौर के प्रतिद्वंदी कनाडा के कोरे जारविस ने उन पर मुकाबले के दौरान दांत से काटने का आरोप लगाया। सुमित ने हालांकि इन आरोपों का खंडन किया। इसके बाद दिन के आखिरी मुकाबले में सोमवीर ने 86 किग्रा वर्ग में कनाडा के अलेक्जेंडर मूरे को 3.1 से हराकर ब्रॉन्ज जीता। इससे पहले दो बार के ओलिंपिक पदक विजेता सुशील कुमार, राहुल अवारे और बजरंग पूनिया ने प्रतिस्पर्धा के पहले दो दिन गोल्ड जीते थे।

टेबल टेनिस में ऐतिहासिक गोल्ड
मणिका बत्रा ने टेबल टेनिस की महिला एकल स्पर्धा में भारत के लिए अब तक का पहला स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वहीं, शरत कमल और जी साथियान को पुरुष युगल के फाइनल में हार के साथ सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। दुनिया की 58वें नंबर की खिलाड़ी मणिका ने फाइनल में 50वें रैंक वाली सिंगापुर की यू मेंग्यू को एकतरफा मुकाबले में 4-0 (11-7, 11-6, 11-2, 11-7) से शिकस्त देकर मौजूदा राष्ट्रमंडल खेलों में अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने कहा, ‘इस बड़ी प्रतियोगिता में यह मेरा पहला व्यक्तिगत पदक है और मुझे काफी गर्व हो रहा है।’

दो गोल्ड के अलावा 22 वर्षीय मणिका ने अनुभवी खिलाड़ी मौमा दास के साथ मिलकर देश के लिए महिला युगल में अब तक का पहला सिल्वर मेडल भी जीता। वह अब रविवार को जी साथियान के साथ मिलकर मिक्स्ड डबल्स का सिल्वर मेडल मैच खेलेंगी और उसमें जीत के साथ अपने खाते में एक और पदक जोड़ सकती हैं। सिल्वर जीतने पर वह अपने सभी वर्गों में मेडल जीत जाएंगी। भारत पहले ही राष्ट्रमंडल खेलों की टेबल टेनिस प्रतियोगिता में अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर चुका है। भारत के खाते में अब तक तीन गोल्ड, दो सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल आए हैं।

भाला फेंक में नीरज का जलवा
नीरज चोपड़ा राष्ट्रमंडल खेलों की भाला फेंक स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतनेवाले पहले भारतीय बन गए। फाइनल में उन्होंने सत्र का सर्वश्रेष्ठ 86. 47 मीटर का थ्रो फेंका। पूर्व जूनियर विश्व चैंपियन 20 वर्षीय नीरज ने शुक्रवार को पहले ही थ्रो में क्वॉलीफाइंग आंकड़े को छूकर फाइनल में जगह बनाई थी। नीरज ने गोल्ड जीतने के बाद कहा,‘यह मेरे लिए बेहद अहम मेडल है। मैं अपना निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहता था लेकिन एक सेंमी से चूक गया। मैंने उसके लिए इतनी कोशिश की कि आखिरी दो प्रयास अच्छे नहीं गए। मुझे बहुत खुशी है कि यह पदक जीता।’

निशानेबाजी में संजीव ने दिलाया सोना
संजीव राजपूत ने राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस में खेलों के रेकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता। 37 साल के राजपूत ने 454.5 का स्कोर कर सोना जीता। वह क्वॉलिफिकेशन राउंड में भी 1180 अंकों के साथ शीर्ष पर थे। भारत के चैन सिंह 419.1 का स्कोर करके पांचवें स्थान पर रहे। राजपूत ने ग्लासगो 2014 राष्ट्रमंडल खेल में सिल्वर और मेलबर्न 2006 में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।

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