Home फीचर अखिलेश के प्रॉजेक्ट से महंगा योगी सरकार का एक्सप्रेसवे

अखिलेश के प्रॉजेक्ट से महंगा योगी सरकार का एक्सप्रेसवे

0 77 views

नई दिल्ली

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार तकरीबन 25,000 करोड़ रुपये की लागत से लखनऊ से गाजीपुर तक देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बनाएगी। इस प्रॉजेक्ट की लागत राज्य की पिछली अखिलेश यादव सरकार की ओर से आगरा से लखनऊ तक बनाए गए छह लेन वाले एक्सप्रेस वे की प्रति किलोमीटर लागत से भी ज्यादा होगी। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान बीजेपी ने यादव पर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बड़ी रकम खर्च करने का आरोप लगाते हुए इसे ‘घोटाला’ करार दिया था। साथ ही, इस मामले में जांच के भी आदेश दिए गए थे।

लखनऊ से गाजीपुर के बीच 353 किलोमीटर के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का प्रस्ताव यादव ने किया था। इसकी लागत 24,627 करोड़ (70 करोड़ रुपये प्रति किमी़) आंकी जा रही है, जबकि 302 किलोमीटर लंबे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की लागत 14,397 करोड़ (50 करोड़ रुपये प्रति किमी ) थी।

यूपी सरकार के एक टॉप अधिकारी ने कहा, ‘जमीन अधिग्रहण की ऊंची लागत हमारे लिए एक बड़ा फैक्टर है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के लिए तकरीबन 2,900 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन नए एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण की खातिर 7,058 करोड़ रुपये खर्च करने की जरूरत होगी। यूपी में उपजाऊ जमीन है और सरकार का इरादा किसानों को उनकी जमीन की अच्छी कीमत देने का है, लिहाजा कॉस्ट ज्यादा है।’

राज्य सरकार ने बताया कि पीपीपी भागीदारी के जरिए सड़क के अगल-बगल सुविधाओं को प्राइवेट पार्टियों को आउटसोर्स कर वह कुछ पैसा बचा लेगी। साथ ही, वाई-फाई सेवाओं के लिए एक्सप्रेसवे के साथ टेलीकॉम कंपनियों को ऑप्टिकल फाइबर बिछाने को कहा जाएगा। अधिकारी ने बताया, ‘एक्सप्रेस-वे की कॉस्ट 25,017 करोड़ होगी।’ सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे में किसी तरह की बड़ी गड़बड़ी नहीं पाई है। अधिकारी ने बताया कि सरकार ने एक्सप्रेसवे के सभी 5 सेक्शन से सैंपल लिए और उन्हें संतोषकजनक पाया।

नए एक्सप्रेसवे में अयोध्या तक 17 किलोमीटर का लिंक रोड होगा और वाराणसी में 12 किलोमीटर की ऐसी ही सड़क होगी। बीजेपी ने इस बात को लेकर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की आलोचना की थी कि वह समाजवादी पार्टी के मुखिया के गृह इलाके फिरोजाबाद, इटावा, मैनपुरी और कन्नौज से गुजरता है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को अगले 3 साल में बनाने की बात है।

छह लेन वाला यह एक्सप्रेसवे मौजूदा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, जो पहले ही नोएडा-आगरा (यमुना) एक्सप्रेसवे से जुड़ा हुआ है। इससे मुसाफिरों को राज्य की पूर्वी और पश्चिमी सीमाओं के लिए बढ़िया रास्ता मिल सकेगा और कम समय में मंजिल पर पहुंचना मुमकिन हो सकेगा। यूपी सरकार कॉस्ट की रिकवरी के लिए लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर जल्द टोल लगाएगी।

दोस्तों के साथ शेयर करे.....