Home ग्लैमर फिल्में और थिअटर करना जारी रखूंगा: अनुपम खेर

फिल्में और थिअटर करना जारी रखूंगा: अनुपम खेर

0 27 views
Rate this post

पुणे के फिल्म ऐंड टेलिविजन इंस्टिट्यूट (एफटीआईआई) के नवनियुक्त अध्यक्ष अनुपम खेर का कहना है कि वह बतौर प्रशासक अजेंडा सेट करने के बजाय अपने अनुभव छात्रों के साथ साझा करने पर ज्यादा ध्यान देंगे। अनुपम (62) ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘मैं भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा की अपनी यात्रा, अभिनय और सभी चीजों के साथ 40 वर्षों के अनुभव को छात्रों के साथ साझा करने का मौका मिलने पर बेहद खुश और आभारी हूं। मुझे लगता है कि अनुभव साझा करना आपके नजरिए को विस्तार देता है और मैं यही करना चाहता हूं।’

अनुपम को एफटीआईआई के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किए जाने की घोषणा बुधवार को हुई। वह विवादों में रहे गजेंद्र चौहान का स्थान लेंगे, जिनकी 2014 में नियुक्ति होने के बाद संस्थान के विद्यार्थियों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया था। अनुपम का विरोध भी शुरू हो गया है क्योंकि वह ऐसा ही एक निजी संस्थान चला रहे हैं। बीजेपी के मुखर सर्मथक अनुपम ने कहा, ‘मैं प्रशासक की तरह अजेंडा सेट करने के बजाय विद्यार्थियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर गौर करूंगा। मैं छात्रों और संकायों के साथ उनकी आवश्यकताओं को समझने के लिए बातचीत करना चाहता हूं, मैं छात्रों की बेहतरी के लिए उनकी मदद करूंगा।’

गजेंद्र चौहान ने मार्च में अपना कार्यकाल पूरा किया है। अनुपम ने चौहान की नियुक्ति पर कहा था कि एफटीआईआई को एक ऐसे व्यक्ति की जरूरत है, जिसमें चौहान के मुकाबले निर्माता, निर्देशक या अभिनेता के तौर पर ज्यादा योग्यताएं हों। अब चौहान ने अनुपम की नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि एफटीआईआई को एक अच्छे अभिनेता के बजाय अच्छे प्रशासक की जरूरत है। इसके बारे में पूछे जाने पर अनुपम ने कहा, ‘किसी व्यक्ति के द्वारा एक निश्चित संदर्भ में कहे गए शब्दों पर टिप्पणी करना गरिमापूर्ण नहीं है। मुझे लगता है कि यह एक बड़ा सम्मान और एक बड़ी जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा, ‘मैं एक सरकारी क्लर्क का बेटा हूं, जो मुंबई सिर्फ 40 रुपये के साथ आया था। आज, जो कुछ भी मैंने सम्मान पाया है, वह मेरी कड़ी मेहनत और ईश्वर के आशीर्वाद के जरिए पाया है, मैं इससे ज्यादा कुछ और नहीं मांग सकता था, मैं संतुष्ट हूं।’ राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता ने 1984 में फिल्म ‘सारांश’ के साथ अपने अभिनय करियर का आगाज किया था। अनुपम ने 500 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है, जिसमें ‘कर्मा’, ‘डैडी’, ‘लम्हे’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘कुछ कुछ होता है’, ‘बेटा’, ‘मैंने गांधी को नहीं मारा’, ‘अ वेडनसडे’ और ‘बेबी’ शामिल हैं। वह ‘बेंड इट लाइक बेकहम’, ‘ब्राइड एंड प्रीजूडिस’, ‘स्पीडी सिंह्स’, ‘द मिस्ट्रेस ऑफ स्पाइसेस’, ‘लस्ट, कॉशन’ और अकादमी पुरस्कार विजेता ‘सिल्वर लाइनिंग्स प्लेबुक’ जैसी अंतर्राष्ट्रीय फिल्मों में भी काम कर चुके हैं।

दोस्तों के साथ शेयर करे.....