Home अंतरराष्ट्रीय मेरी गिरफ्तारी का जश्न नहीं मना पाएगा भारत: मसूद अजहर

मेरी गिरफ्तारी का जश्न नहीं मना पाएगा भारत: मसूद अजहर

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पेशावर

indexआतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मसूद अजहर की तलाश पठानकोट एयरबेस पर हमले के मामले में भारत कर रहा है। अब मसूद अजहर ने धमकी दी है कि पाकिस्तान यदि भारत के खिलाफ आतंकी ग्रुपों के ऑपरेशन को बंद करता है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

मसूद ने पेशावर बेस्ड जिहादी मैगजीन अल-कलाम में लिखा है, ‘मैंने एक आर्मी बनाई है जो मौत से बेइंतहा मोहब्बत करती है। इस आर्मी को उखाड़ फेंकने की ताकत हमारे दुश्मनों में नहीं है। अल्लाह चाहता है कि यह आर्मी हमारे दुश्मनों के जश्न का इंतजार न करे और न ही मेरे नहीं होने का गम हो।’

मसूद अजहर ने पठानकोट में हमले के बाद पाकिस्तान पर पहली बार खुलकर हमला बोला है। उसने लिखा है, ‘पाकिस्तान की मस्जिद, मदरसों और जिहादियों के खिलाफ कार्रवाई उसकी एकता के लिए खतरनाक है। पाकिस्तान ऐसा करके अपने ही पांव पर कुल्हाड़ी मार रहा है।’

पिछले महीने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा था कि उनके देश ने पठानकोट के मुजरिमों के खिलाफ कार्रवाई लायक सबूत हासिल किए हैं। शरीफ ने दावा किया था कि पाकिस्तान इस हमले में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई जल्द करेगा। हालांकि सोमवार को पाकिस्तानी मीडिया में रिपोर्ट आई कि जांचकर्ता भारत द्वारा दिए गए पांच सेल फोन नंबरों के उपयोगकर्ताओं को लोकेट करने में नाकाम रहे। भारत ने कहा था कि इन्हीं नंबरों के जरिए हमलावरों और पाकिस्तान से साजिशकर्ताओं के बीच बात हुई थी।

अजहर ने अपने आर्टिकल में लिखा है, ‘हमारे देश के शासक उदास हैं कि हमने उनके दोस्तों को परेशान किया है।’ इस टिप्पणी में साफ तौर पर मसूद ने नवाज शरीफ का संदर्भ दिया है। मसूद ने नवाज शरीफ की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से दोस्ती का हवाला दिया है। अजहर ने दावा किया कि पाकिस्तान में जिहादी ग्रुपों के खिलाफ कार्रवाई बारूद के ढेर पर बैठने जैसी होगी। अजहर ने लिखा है कि हर एक आता है और आग फैलाकर विदेशों में निकल जाता है।

पठानकोट में हमले के बाद अजहर मसूद को पाकिस्तान ने हिरासत में ले लिया था। पाकिस्तानी सरकार ने इसे एहतिहातन हिरासत कहा था। अजहर को भारत कई हमलों के लिए जिम्मेदार मानता है। वह काठमांडू से कंधार जा रही इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट को अगवा कराने में भी शामिल था। इसके साथ ही मसूद की भूमिका 2001 में संसद पर हमले में भी थी।

पठानकोट में हमले के बाद मसूद ने पहली टिप्पणी में 2002 में पाकिस्तान में अपनी गिरफ्तारी पर की थी। तब पाकिस्तानी जनरल परवेज मुशर्रफ ने भारत के साथ तनाव कम करने के लिए गिरफ्तारी का आदेश दिया था। अजहर ने कहा है कि उसे तभी अरेस्ट किया जा सकता है जब अल्लाह की मर्जी होगी। अजहर ने लिखा है कि कई बार मेरे ऊपर हमला और गिरफ्तारी के लिए पीछा किया गया।

अजहर ने लिखा है, ‘जब मुझे अंततः अरेस्ट किया गया तब मुझे अपने घर से भी नहीं निकलने दिया जा रहा था। आठ महीनों तक मुझे अपने ही घर में नजरबंद कर रखा गया। वहां मैं केवल अपने बुजुर्ग हो रहे माता-पिता को हफ्ते में दो बार देख सकता था। ऐसा तब हुआ जब पूरे पाकिस्तान में मेरे खिलाफ एक भी केस दर्ज नहीं हुआ है। मैं अपने मुल्क को नुकसान पहुंचाने के बारे में सोच भी नहीं सकता। मुझे बस एक जवाब मिला था। मैंने पूछा कि जेल में क्यों डाला? पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा कि हमलोग क्या कर सकते हैं, आपकी गिरफ्तारी को लेकर वर्ल्ड प्रेशर है।’

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