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जम्मू-कश्मीर: बीजेपी-पीडीपी अलायंस टूटने की कगार पर, आज फैसला

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नई दिल्ली

PDP_171936जम्मू कश्मीर में सरकार गठन पर अनिश्चितता उस वक्त बढ़ गई, जब सख्त लहजे में बात करते हुए पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि राज्य में प्रमुख राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों का हल करने के लिए केंद्र की बीजेपी सरकार के एक तय समयसीमा में ठोस कदम उठाए जा सकने की समीक्षा करने के बाद ही वह इस पर कोई फैसला करेंगी।

मुख्यमंत्री पद पर अपने दिवंगत पिता की उत्तराधिकारी मानी जा रही महबूबा ने पार्टी नेताओं के साथ चार घंटे चली एक बैठक में कहा कि मुफ्ती सईद ने इस उम्मीद में बीजेपी के साथ गठजोड़ करने का एक साहसिक पर अलोकप्रिय फैसला किया था कि केंद्र में नरेंद्र मोदी जम्मू कश्मीर और इसके लोगों से जुड़ी प्रमुख राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों का हल करने के लिए निर्णायक उपाय करेंगे।

हालांकि, उन्होंने इस बात की आलोचना की कि राज्य और नई दिल्ली के कुछ हलकों ने जम्मू कश्मीर में शांति, स्थिरता और समृद्धि लाने के लिए साझेदारी करने और सईद की दूरदृष्टि को लागू करने की बजाय स्पष्ट या अस्पष्ट रूप से उन मुद्दों पर अक्सर विवाद को तूल दिया जिन्हें टाला जा सकता था। इससे राज्य सरकार की उर्जा नष्ट हुई। मुफ्ती ने कहा कि आसपास ऐसे उल्लंघनकारी परिस्थितियों में पार्टी को अब इसकी फिर से समीक्षा करनी होगी कि राज्य के लोगों के बीच सुलह की कोशिशों के दौरान अक्सर लगने वाले झटकों को हम सह पाएंगे या नहीं।

पीडीपी प्रमुख ने सोमवार को विधायक दल की बहुप्रतीक्षित बैठक बुलाई है। उन्होंने कहा कि उनके दिवंगत पिता के नेतृत्व में 10 महीने चली गठबंधन सरकार राजनीतिक और आर्थिक कोशिशों पर बहुत कम गतिविधि ही कर सकी। उन्होंने कहा कि इसके बजाय शासन पर किए गए अच्छे कार्यों पर कुछ घटनाक्रमों का नकारात्मक असर पड़ा।

महबूबा ने कहा कि भारत सरकार को जम्मू कश्मीर में शांति और स्थिरता के हित में पीडीपी-बीजेपी गठजोड़ के एजेंडा को लागू करने की लिए ठोस उपाय करने होंगे और एक तय समय सीमा निर्धारित किए जाने की जरूरत है। महबूबा ने आज बैठक में कहा कि वह तभी जाकर कोई फैसला करेंगी, जब बीजेपी गठबंधन के उद्देश्य को इसके तार्किकक निष्कर्ष तक ले जाने का उसे विश्वास दिलाएगी। यह गठबंधन मुफ्ती ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ किया था।

वहीं दूसरी तरफ नेशनल कांफ्रेंस के संरक्षक फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी और पीडीपी जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने के लिए कदम बढ़ा सकते हैं, क्योंकि उनके पास जरूरी संख्याबल भी है और साझा कार्यक्रम भी। अहमदाबाद में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को बगैर सरकार के नहीं रहना चाहिए।

फारूक ने कहा कि मुझे नहीं पता कि बीजेपी और पीडीपी सरकार बनाएंगे कि नहीं। लेकिन हमारी पार्टी उन्हें सरकार बनाने के लिए कहती रही है, क्योंकि उनके पास संख्याबल है। राज्य में सरकार निश्चित तौर पर होनी चाहिए। इस बीच, फारूक ने दोस्ती का माहौल बनाकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोशिशों का स्वागत भी किया।

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