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यूनियन आफिस में भेल ने जड़ा ताला, तोड़ा बोर्ड

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भोपाल

bhel 1भेल की एक यूनियन के आफिस में भेल नगर प्रशासन विभाग के बेदखली अमले ने संपदा न्यायालय के आदेश पर सोमवार को ताला जड़ कर यूनियन का बोर्ड तोड़ दिया था। इसके चलते मंगलवार को फिर से बोर्ड लगा दिया गया। दिनभर यूनियन के पदाधिकारी भेल नगर प्रशासन के द तर में ताला खुलवाने के लिए चक्कर काटते रहे। इसके बाद भी भेल प्रशासन खामोश रहा। यूनियन के एक पदाधिकारी का कहना है कि महाप्रबंधक मानव संसाधन विभाग से चर्चा के बाद बुधवार को ताला खोला जाएगा।

जानकारी के मुताबिक भेल अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग कर्मचारी और अधिकारी ट्रेड यूनियन को भेल नगर प्रशासन विभाग ने आवास क्रमांक 221/सी 2 बी/ए सेक्टर पिपलानी में यूनियन की गतिविधिया चलाने के लिए आवंटित किया था। जिसे 6 जुलाई 2013 को विवाद के चलते आवंटन आदेश क्रमांक नप्र/ आवंटन/08/2280 दिनांक 16 फरवरी 2008 के अंतर्गत आवंटित आवास को निरस्त कर दिया गया था लेकिन दबाब के चलते इस आदेश का पालन दो साल से ज्यादा समय गुजर जाने के बाद भी नहीं किया। इस बीच उक्त आवास का पानी, बिजली और किराए की राशि करीब डेढ़ लाख रुपए पहुंच गई।

इसी बीच उक्त आवास को खाली कराने की कार्यवाही गत शनिवार को भेल  नगर प्रशासन विभाग के निर्देश पर संपदा न्यायालय के बेदखली अमले ने जारी वारंट के तहत  यूनियन आफिस के सामान को जब्त करते हुए ताला जड़ दिया था। अमले ने यूनियन के बोर्ड को ाी तोड़ दिया। इसके जानकारी लगते ही यूनियन के पदाधिकारियों ने महाप्रबंधक मानव संसाधन टीजी चौरागड़े से मुलाकात कर इस कार्यवाही को रोकने की मांग की थी। फिलहाल न्यायालय के आदेश के चलते यूनियन आफिस का ताला तो नहीं खोला लेकिन कतिपय लोगों ने यूनियन को बोर्ड फिर से लगा दिया। एक यूनियन नेता का कहना है कि यह ताला बुधवार को खोल  दिया जाएगा।

इस बीच यूनियन बकाया राशि 30 हजार भी नगर प्रशासन विभाग में जमा कर दी है। सूत्रों का कहना है कि कोर्ट का आदेश होने के कारण इस आफिस का ताला खुलवाना प्रबंधन के लिए गले की हड्डी बन गया है। उधर एससी-एसटी से जुड़ी अन्य यूनियनों ने भी अपनी यूनियन की गतिविधियां संचालित करने के लिए प्रबंधन से आवास मांगने लगी हैं। एक यूनियन के नेता एमके मंडराई का कहना है कि यदि इस यूनियन को आफिस दिया जाता है तो अन्य यूनियनों को भी आफिस दिया जाए। फिलहाल मामला तूल पकड़ा हुआ है।

भेल के अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। भेल प्रवक्ता का कहना ह कि इस मामले को कानूनी रूप से निपटाया जाएगा। सूत्र बताते है कि यह मामला भेल के आईआर विभाग से जुड़ा हुआ है। इधर भेल की प्रतिनिधि यूनियन के चुनाव की तारीख करीब है। सबकी निगाहे इस मामले पर टिकी हुई हैं।

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