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नये मुखिया के लिए जोर आजमाईश

भोपाल

भेल भोपाल यूनिट के मुखिया डीके ठाकुर 24 अक्टोबर 19 को रिटायर हो रहे हैं। अब प्रशासनिक स्तर पर नये मुखिया के नाम को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। यूं तो कार्पोरेट प्रबंधन पुराने मुखिया के रिटायरमेंट के तीन माह पहले ही नये मुखिया के नाम पर ठप्पा लगा देता है लेकिन इस बार कार्पोरेट में नये चेयरमेन की आमद के बाद यह चर्चाएं होने लगी हैं कि नये मुखिया न केवल उनकी पसंद का होगा बल्कि यूनिट स्तर के बेहतर परफार्मंेस वाले अफसर की ताजपोशी की जायेगी। इनमें भोपाल कॉडर के अफसर राजीव सिंह, एके जैन और टीके बागची के अलावा हरिद्वार यूनिट के मुखिया संजय गुलाटी के नामों की चर्चाएं है। इधर भेल कार्पोरेट में थोड़े समय के लिए चेयरमेन बने एक अफसर द्वारा नये चेयरमेन के आने के पूर्व अपने चहेते अफसरों को बेहतर जगह पोस्ंिटग करने के आदेश भी प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

भेल में कौन बनेगा जीएम

भेल भोपाल में भले ही अपर महाप्रबध्ंाक के महाप्रबंधक की प्रमोशन लिस्ट आने में देरी हो गई लेकिन प्रमोशन पाने वाले अफसर आज भी अपने आकाओं की शरण में हैं वहीं कुछ अफसर अपने ईडी पर भरोसा जताये हुए हैं। पिछले साल प्रमोशन में ईडी साहब की खूब चली। इस बार रिटायरमेंट का समय करीब होने के कारण कितनी चलती है यह तो प्रमोशन लिस्ट जारी होने के बाद ही पता चल पायेगा। चर्चा है कि एजीएम आरएफ सिद्दीकी, राजीव सरना, अविनाश चन्द्रा,एसबी सिंह , संजय गोयल, संजय चन्द्रा, विपुल अग्रवाल, अमिताभ दुबे, रामभाऊ पाटिल, विनय कुमार, एके भौमिक, डॉ.श्रीमती वन्दना दवे, अर्नेस्ट बिलुंग, नवीन कुमार दहीवाले, श्रीमती शुभ्रा चतुर्वेदी, पीके केसरवानी, ब्रजेश अग्रवाल, प्रदीप रावत, अमित शर्मा और एके चतुर्वेदी जीएम बनने की कतार में खड़े हैं। यूं तो प्रमोशन पाने वालों में करीब 91 एमजीएम साक्षात्कार में भाग लेंगे।

एक करोड़ का काम 75 लाख का ठेका

भेल प्रबंधन की जितनी तारीफ की जाये कम है। एक करोड़ के काम का ठेका 75 लाख में दे डाला वह भी तीन माह बाद। मामला हार्टीकल्चर विभाग से जुड़ा हुआ है। दरअसल इस काम को उएक नजर में देखा जाये तो 82 मदजूर और पांच मुंशी का वेतन व अन्य सुविधाओं पर ही करीब एक करोड़ का खर्च आयेगा। ऐसे में ठेकेदार चोरी करेगा या नहीं इस पर सवालिया निशान लग गया है। यह चर्चाएं होने लगी हैं कि साल भर चलने वाले इस ठेके में ठेकेदार के बल्ले-बल्ले रहेेंगे।

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