Saturday , May 30 2020
Home / भेल मिर्च मसाला / कस्तूरबा अस्पताल में मामला चोरी का

कस्तूरबा अस्पताल में मामला चोरी का

भोपाल

भेल के कस्तूरबा अस्पताल में एक लाख कीमत के इंजेक्शन और अन्य सामान चोरी होने की प्रबंधन ने एक जांच कमेटी बिठा दी है। इस कमेटी ने क्या निर्णय लिया इसकी रिपोर्ट का सार्वजनिक खुलासा तक नहीं हुआ लेकिन इस मामले में तबादले का शिकार हुए एक फार्मासिस्ट और एक कर्मचारी जरूर फिर से अपनी पुरानी जगह पर लौट आये। खबर है कि एक तबादला झांसी यूनिट और दूसरे को कारखाने भेजा गया। कमेटी ने क्या लीपा पोती की यह तो वही जाने। चर्चा इस बात की हो रही है कि राजनीति के प्रभाव के चलते प्रबंधन इस तरह खौफजदा है कि कर्मचारी दातों तले उंगली दबा लेते हैं।

मतलब यह है कि कारखाने में जो हो रहा है कतिपय नेताओं के इशारे पर, ईमानदार कर्मचारी सजा पा रहे हेैं और आरोपी मजे लूट रहे हैं। ऐसे एक नहीें कई मामलों की चर्चा करते भेल कर्मचारी नहीं थकते। मजेदार बात यह भी है कि जब कस्तूरबा अस्पताल में महंगे इंजेक्शन चोरी का पूरा मामला पूरी तरह सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ। अब लोग कहने लगे हैं कि प्रबंधन कतिपय नेताओं के ईशारे पर काम करने से बाज नहीं आ रहा है। खैर कर्मचारी दबाव के चलते प्रबध्ंान की छेड़ तो नहीं कर रहे लेकिन प्रतिनिधि यूनियन के चुनाव में कर्मचारी नेताओं को सबक सिखाने की बात भी करने लगे हैं।

भेल का टीजीएम फिर सुर्खियों में

एक और भेल कार्पोेरट अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए फिजूल खर्र्ची पर रोक लगाने के लिए पूरी ताकत लगाई जा रही है। यहां के ईडी भी जरूरत वाले सामान को ही खरीदने की हिदयात दे रहे हैं तो दूसरी और बिना जरूरत सामान खरीदने के मामले में मशहूर कारखाने का टीजीएम विभाग फिर सामान खरीदने में लगा है। विभाग के कर्मचारी भी इसको लेकर काफी परेशान हैं। रही बात साहब की तो शिकायत करने से भी डर रहे हैं। चर्चा है कि इस विभाग में जरूरत दो लिफ्टर की थी लेकिन 14 खरीद डाले। इसकी कीमत का अंदाजा तो विभाग के सभी अफसरों को तो हैं लेकिन कोई भी इस खरीदी को रोक नहीं पा रहा है। पहले भी एक पूर्व महाप्रबंधक इस विभाग का बंटाधार कर चुके हैं। अब फिर से जरूरत से ज्यादा सामान खरीदी शुरू हो गई है।

भेल के साहब टूर पर रवाना

आजकल भेल कारखाने में साहब टूर पर रवाना जैसी खबरें आम हो गई हैं। दरअसल साइट पर काम हो या न हो या कस्टमर को जरूरत हो या न हो भेल के इंजीनियरिंग, प्लानिंग और एमएम विभाग के कुछ अफसर टूर पर जाना ज्यादा ही पसंद कर रहे हैं। चैंजिंग के काम में कुछ ज्यादा ही दिलचस्पी दिखाने की चर्चाएं की जा रही हैं। यहां यह भी कहा जाने लगा है कि जो काम भेल कर्मचारी देश की ए क्लास सिटी में एक दिन के 1300 रूपये में काम कर लौट आता है उसी को बड़े अफसर 4500 रूपये में करते हैं साथ ही डीए भी मजेदार मिलता है। अकेला टूर मामले की जांच कराई जाये तो पता चल जायेगा कि किस अफसर ने कितना काम किया है या नहीं या कंपनी को चूना लगाकर वापस लौट आया है, तब ही बचत की बात सार्थक हो पायेगी।

भेल में हनी ट्रेप की चर्चाएं

मध्यप्रदेश में नेता, अफसर और अन्य प्रभावशाली नेताओं से जुड़ा हनीट्रेप कांड असर भी भेल कारखाने में चर्चाओं में आ गया है। इस मामले में किस अफसर के तार मीनाल रेसीडेंसी में रहने वाली एक महिला से जोडऩे लगे हैं। दरअसल इस कांड से जुड़ी एक महिला के पति कारखाने के सीआईएम (इंसुलेशन) विभाग में काफी समय तक कान्ट्रेक्टर का काम कर चुके हैं। कुछ अफसरों की मेहरबानी से उन्होंने लाभ-श्ुाभ कमाया फिर बड़े गेम के चलते ठेकेदार पति ने भेल की ठेकेदारी से नमस्ते कर लिया लेकिन जब हनीट्रेप मामले का खुलासा हुआ तो भेल में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि यह कहना मुश्किल है कि पुराने ठेकेदार से कौन-कौन से नये और पुराने अफसरों के कैसे रिश्ते रहें हैं। कारखाने में पिछले दो सप्ताह से हनीट्रेप मामले की चर्चाएं थमने का नाम नहीें ले रही है बल्कि कुछ अफसर इस मामले से जुड़े लोगों के नाम तलाशने में लग गये हैं। सच क्या है यह तब सामने आयेगा जब एक दुश्मन को दूसरे दुश्मन के इस कांड में शामिल होने के पुख्ता सबूत मिल जायेंगे।

 

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

कस्तूरबा अस्पताल की यह कैसी विडम्बना

भोपाल भेल का सबसे प्रतिष्ठित अस्पताल कोरोना महामारी के चलते बदहाल नजर आ रहा है …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)

81 visitors online now
41 guests, 40 bots, 0 members
Max visitors today: 89 at 12:02 am
This month: 200 at 05-03-2020 02:32 pm
This year: 687 at 03-21-2020 02:57 pm
All time: 687 at 03-21-2020 02:57 pm