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उइगर महिलाओं पर चीन के जुल्म की नई कहानी

पेइचिंग

चीन में उइगर मुसलमानों पर सख्ती और पाबंदियों की खबर अक्सर ही आती रहती है। रेडियो फ्री एशिया की खबर में दावा किया गया है कि चीनी अधिकारी उइगर परिवारों को राष्ट्रवादी बनाने के लिए उनके साथ कुछ दिन रहते हैं। इतना ही नहीं चीनी अधिकारियों को उइगर मुसलमानों का जबरन रिश्तेदार बनाया जा रहा है। घर में रुकने के दौरान ये अधिकारी महिलाओं के साथ ही सोते भी हैं। कई उइगर परिवार चीन में ऐसे हैं जिनके ज्यादातर पुरुष सदस्य डिटेंशन कैंप में रह रहे हैं। ऐसे परिवारों में राष्ट्रवाद की भावना बढ़ाने के लिए चीन की सरकार ने यह खास कार्यक्रम शुरू किया है।

उइगर मुस्लिम महिलाओं के साथ सोते हैं चीनी अधिकारी
पेयर अप ऐंड बिकम फैमिली कार्यक्रम के नाम पर यह सब किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत उइगर परिवारों के घर में चीन के कम्युनिस्ट पार्टी के अधिकारी कुछ दिन तक रुकते हैं। परिवार के सदस्य की ही तरह अधिकारी घर में खाते-पीते हैं, अपना वक्त बिताते हैं। यहां तक कि कम्युनिस्ट पार्टी के अधिकारियों को यह भी अधिकार है कि वह एक ही बिस्तर पर महिलाओं के साथ सो सकें।

चीनी अधिकारी उइगरों को सिखाते हैं राष्ट्रवाद
रेडियो फ्री एशिया से गोपनीयता की शर्त पर एक चीनी अधिकारी ने यह सूचना शेयर की। अधिकारी ने बताया, ‘उन परिवारों (उइगर) को हमारे सहयोगी मदद करते हैं। उन्हें अच्छे विचारों की तरफ मोड़ने के लिए और राष्ट्रवाद की भावना से जोड़ने के लिए हम उनसे विचार-विमर्श करते हैं। उनसे जीवन औरर देश के बारे में चर्चा की जाती है।

संबंधियों के साथ सोना उइगर परिवारों में आम बात
अधिकारी ने बताया कि महिलाओं के साथ चीनी अधिकारियों का सोना आम बात है। यह सब वहां के जीवन में स्वीकार्य है। एक अधिकारी ने कहा, ‘हम उन परिवारों के सोने की व्यवस्था को ठीक करने में भी मदद करते हैं। उइगर महिलाएं एक ही बिस्तर पर अपने बनाए गए रिश्तेदार (पेयर्ड रिलेटिव्स) के साथ सोती हैं। अब यह व्यवस्था बहुत सामान्य है और इसे आसानी से स्वीकार कर लिया गया है।’

अल्पसंख्कों पर पाबंदी के कारण चीन की होती रही है आलोचना
उइगर मुसलमानों पर चीन की पाबंदी की आलोचना कई वैश्विक मंच पर हो चुकी है। चीन के शिनझियांग प्रांत में बड़ी संख्या में मुस्लिम आबादी रहती है। चीन में इस अल्पसंख्यक समुदाय के साथ बहुत सख्त बर्ताव किया जाता है और उन्हें प्रार्थना, सार्वजनिक सभा जैसे हक भी हासिल नहीं हैं। उइगर मुसलमानों की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए हाईटेक तकनीक जिसमें कृत्रिम इंटेलिजेंस का प्रयोग शामिल है कर रहा है। डिटेंशन कैंप के बाहर रहनेवाले उइगर समुदाय के लोगों पर भी प्रशासन की पैनी नजर रहती है। उइगर मुसलमानों के फोन, लोकेशन, फोन डेटा, आईकार्ड और गाड़ियों की भी ट्रैकिंग की जाती है।

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