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दिल्ली से सबक: ‘बिहार चुनाव में भाषा संभालें’

नई दिल्ली

चुनाव प्रचार में बिगड़े बोल जनता को प्रभावित नहीं करते, बल्कि उनसे वोट बैंक खिसकता है यह बात राजनीतिज्ञ दिल्ली चुनाव में बीजेपी की हार के बाद मानने लगे हैं। खुद गृह मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने माना था कि संभवतः विवादित बयानों से पार्टी को चुनाव में नुकसान पहुंचा। वहीं, अब बीजेपी की सहयोगी एलजेपी के नेता व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि चुनाव में भाषा पर संयम रखना चाहिए। बीजेपी के सहयोगी दल के नेता की यह टिप्पणी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

चुनाव में भाषा पर संयम जरूरी
भड़काऊ बयान के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पार्टी चीफ चिराग पासवान ने इस पर पार्टी का रुख स्पष्ट कर दिया था और शाह ने भी माना कि यह उल्टा पड़ सकता है। उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रीय चुनावों में नरेंद्र मोदी का कोई सानी नहीं है। हाल ही में हुए राज्य चुनावों में यह साबित हुआ कि ध्यान विकास के स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित होना चाहिए और भाषा पर संयम रखना चाहिए। मैं बिहार के लोगों से प्रदर्शन के आधार पर, केंद्र तथा राज्य सरकारों द्वारा किए गए काम को ध्यान में रखते हुए वोट देने की अपील करता हूं।’ दरअसल, दिल्ली विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान बीजेपी के कुछ नेताओं ने भड़काऊ बयान दिया था जिसके बाद चुनाव आयोग ने उनके प्रचार पर रोक लगा दी थी।

मजबूत है एनडीए गठबंधन
पासवान ने कहा कि बिहार में एनडीए गठबंधन एकजुट है और उन्होंने भरोसा जताया कि यह दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनाएगा> बिहार में एनडीए गठबंधन की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘एलजेपी मजबूती से एनडीए के साथ बनी हुई है। मैंने हमेशा कहा है कि सिर्फ जानवर सड़क पर मरते हैं क्योंकि वे फैसला नहीं कर पाते कि बाएं जाएं या दाएं। जहां तक नीतीश कुमार जी का संबंध है तो मुझे नहीं लगता कि वह कहीं और जाएंगे।’

‘विपक्ष डूबा हुआ जहाज’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार में विपक्ष डूबा हुआ जहाज है। उन्होंने कहा कि बिहार में विपक्षी गठबंधन के लिए कोई भी छोड़कर नहीं जाएगा। उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मामलों के केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘विपक्ष में क्या है। लालू यादव जेल में हैं, उनकी सेहत ठीक नहीं है, बाकी पार्टियां अलग-अलग राग अलाप रही हैं। तो कौन विपक्ष में जाएगा। यह डूबता जहाज नहीं है बल्कि डूब चुका जहाज है। वे अपने बीच के लोगों से ही लड़ रहे है। एनडीए एकजुट है।’

झारखंड में समझौते से होता फायदा
यह पूछे जाने पर कि क्या बिहार चुनावों के लिए सीटों का बंटवारा राजग की राह में रोड़ा बनेगा, पासवान ने कहा कि सब कुछ सुचारू ढंग से होगा। उन्होंने कहा कि झारखंड में उनकी पार्टी बीजेपी के साथ समझौता नहीं कर पाई लेकिन अगर वे करते तो नतीजे बेहतर होते। पासवान ने कहा, ‘हमारी पार्टी कभी भी कोई अनुचित लाभ नहीं चाहती। 2014 में हम सात सीटों पर लड़े। 2019 से पहले अखबारों ने कहना शुरू कर दिया कि हमें दो-तीन सीटें मिलेगी इसलिए चिराग ने स्पष्ट किया कि हम सात सीटों पर लड़ें और इतनी ही सीटों पर लड़ेंगे। हमने अमित शाह और अरुण जेटली से बात की और सात सीटों पर लड़े तथा उनमें से सभी पर जीत दर्ज की।’

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