Thursday , April 9 2020

India Covid 19 Live

6588
Confirmed
199
Deaths
598
Recovered
Home / भेल मिर्च मसाला / कोरोना को कोस रहे भेल कर्मचारी

कोरोना को कोस रहे भेल कर्मचारी

भोपाल

पिछले पांच साल से प्राफिट और टर्नओवर में नम्बर वन बनीं भेल भोपाल यूनिट आज कोरोना के चलते काफी परेशान दिखाई दे रही है। एक ओर तो जहां भेल प्रशासन को कारखाने की शिफ्ट में काम का समय कम करना पड़ रहा है, तो दूसरी ओर कलेक्टर के निर्देश के परिपालन में 24 मार्च तक कारखाने को लॉकडाउन करना पड़ सकता है। इसके लिए स्थानीय प्रशासन दिल्ली कॉरपोरेट आफिस से देर रात तक लॉकडाउन करने की चर्चा कर रहा है। चर्चा है कि यह यूनिट करीब 2950 करोड़ का उत्पादन करने में सक्षम दिखाई दे रही थी, लेकिन कोरोना ने उल्टा कर दिया। चर्चा है कि अब भेल का उत्पादन 2850 करोड़ तक या इससे कम भी हो सकता है। खास बात यह है कि टर्नओवर और प्राफिट से ही भेल कर्मचारियों को सारे लाभ मिलते हैं। यदि कम्पनी का टर्नओवर ही पिट गया, तो समझो कि आने वाले समय में अन्य फायदे तो दूर वेतन के भी लाले पड़ सकते हैं। इसको लेकर यूनियन प्रतिनिधि ही नहीं, बल्कि कर्मचारी कोरोना को कोसते नजर आ रहे हैं।

कोरोना की परेशानी जनता की जुबानी

रविवार को भोपाल लॉकडाउन होने के बाद भी भेल क्षेत्र की एक कालोनी में जापान से लौटे एक व्यक्ति की विधिवत् कोरोना वायरस की जांच न होने की खबर वाट्सऐप पर प्रमुखता से चल रही है, लेकिन इस पर सरकार ध्यान देने की जरूरत ही नहीं समझ रही है। वायरल खबर के मुताबिक अयोध्या बायपास रोड स्थित शंकर गार्डन कालोनी के मकान नम्बर 38 में रहने वाले किराएदार जो तीन दिन पहले ही जापान से लौटे हैं, उसको लेकर कालोनी के लोगों में डर भर गया है। यहां दहशत का माहौल फैलने की खबर है। इसको लेकर वाट्सऐप में वायरल खबर में यह भी कहा जा रहा है कि कलेक्टर भोपाल को पत्र लिखने के बाद रहवासी यह भी कह रहे हैं कि पुलिस कहती है कि यह हमारा काम, टोलफ्री नम्बर 1075 पूरे समय व्यस्त बता रहा है। 108 बोलता है कि 104 पर लगाएं, 104 पूरी तरह टाइम बिजी बता रहा है, 2336000 कोरोन हेल्प पर कोई रिस्पॉन्स नहीं और 2527177 पर भी अभी तक कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला है। रही बात एक डॉक्टर रश्मि जैन की, तो फोन लगता ही नहीं और डॉक्टर रैकवार का फोन एक घंटी के बाद कट जाता है, ऐसा शिकायतकर्ता वाट्सऐप पर वायरल कर रहे हैं। अब इसमें कितनी सच्चाई है यह तो प्रशासन की जांच के बाद ही पता चल पाएगा। मजेदार बात तो यह है कि इस कालोनी के अध्यक्ष खुद जापान से आए व्यक्ति कालोनी में किराए से रहने की पुष्टि कर रहे हैं।

पांच घंटे की यह कैसी ड्यूटी

भेल भोपाल यूनिट में प्रबंधन ने नया फरमान जारी कर भेल कर्मचारियों को पांच घंटे ड्यूटी करने का फरमान जारी कर दिया है, जबकि तीन घंटे वर्क फ्रॉम होम के तहत वह काम करेगा। साफ जाहिर है कि यदि वह पांच घंटे कारखाने में काम भी करता है तब भी भीड़ रहेगी और कोरोना वायरस का संबंध घंटों से नहीं बल्कि संपर्क से होता है। आनन-फानन में प्रबंधन ने फरमान तो जारी कर दिया, लेकिन तीन घंटे का वर्क फ्रॉम होम किसी के गले नहीं उतर रहा है। खैर भेल कर्मचारी इस बात से संतुष्ट दिखाई दे रहे हैं कि 24 मार्च तक कलेक्टर के भोपाल लॉकडाउन फरमान के बाद शायद व्यवसायिक उद्योग भेल भी बंद रहे। यह सब तो सोमवार को ही पता लग पाएगा जब दिल्ली कॉरपोरेट कलेक्टर के आदेश के बाद कोई नया निर्देश जारी कर दे। इसका भेल कर्मचारियों को इंतजार है। सब कोरोना-कोरोना की ही बात कर रहे हैं।

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

एसटीएम के डीजीएम साहब का फरमान

भोपाल भेल कारखाने के एक डीजीएम साहब की जितनी तारीफ की जाए कम है। उन्होंने …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)

57 visitors online now
44 guests, 13 bots, 0 members
Max visitors today: 153 at 01:43 pm
This month: 210 at 04-01-2020 12:04 pm
This year: 687 at 03-21-2020 02:57 pm
All time: 687 at 03-21-2020 02:57 pm