Thursday , August 13 2020
Home / भेल न्यूज़ / भेल कर्मचारियों के ड्यूटी करने के बाद भी नहीं भरे जा रहे जॉब कार्ड

भेल कर्मचारियों के ड्यूटी करने के बाद भी नहीं भरे जा रहे जॉब कार्ड

भोपाल

भारत हैवी इलैक्ट्रिकल्स लिमिटेड भेल के कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना महामारी के चलते एक तो करीब दो माह तक कारखाना बंद रहा और जब जिला प्रशासन ने कारखाना खोलने की अनुमति दी तो कर्मचारियों की एफिसिएंसी दिखाने वाला जॉब कार्ड हर विभाग में नहीं भरा जा रहा है। दरअसल इसी जॉब कार्ड से कर्मचारियों को इंसेंटिव मिलता है जब कर्मचारी विभाग प्रमुख से जॉब कार्ड भरने की कहता है तब प्रबंधन भेल दिल्ली कारपोरेट की ना का ठीकरा फोड़कर कर्मचारियों का मुंह बंद कर देता है ऐसे में कर्मचारी जाये तो जाये कहा।

यह बताया जा रहा है कि लाक डाउन के बाद खुले कारखाने में जिला प्रशासन के निर्देशों के पालन में कर्मचारियों से पांच घंटे काम कराया जा रहा है जबकि कर्मचारी आज भी 8 घंटे काम करने तैयार है अब इसमें कर्मचारी की कोई गल्ती नहीं है फिर भी वह पांच घंटे अपनी ड्यूटी को अंजाम दे रहा है।

मजेदार बात तो यह है कि जिन कर्मचारियों को 15 फरवरी से 15 मार्च तक फुल टाइम ड्यूटी की है उनका इंसेंटिव के मामले में भी प्रबंधन ने चुप्पी साध ली है। अब तो कर्मचारी कहने लगे है कि कोरोना महामारी क्या आई समझों कर्मचारियों की आर्थिक रूप से कमर ही तोड़कर रख दी। पहले डीए व पर्क का नुकसान पहुंचाया और अब इंसेंटिव की मार भी उन्हें झेलनी पड़ेगी।

और अफसरों को मिल रहा मोबाइल भत्ता
यदि दिल्ली कारपोरेट की बात करें तो एमसीएम की बैठक में लगभग यह तय कर लिया गया था कि भेल के अफसरों का मोबाइल भत्ता बंद किया जायेगा लेकिन इसके आदेश आज तक जारी नहीं हुए भले ही कर्मचारियों का डीए, पर्क और इंसेंटिव का नुकसान उठाना पड़ रहा हो। यहां यह बता देना जरूरी है कि भेल के अफसरों को 600 रुपये से लेकर 1400 रुपये तक मोबाइल भत्ता दिया जाता है जबकि कई मोबाइल कंपनी मामूली 500 रुपये की स्कीम में तीन माह तक अनलिमिटेड फोन, इंटरनेट और एसएमएस की सुविधा मुहैया करा रहा है ऐसे में खर्चो में कटौती के नाम पर सिर्फ कर्मचारियों को ही क्यों परेशान किया जा रहा है।

इनका कहना है
कर्मचारियों के जॉब कार्ड नहीं भरने से इंसेंटिव और इंसलरी का नुकसान उठाना पड़ रहा है स्थानीय प्रबंधन दिल्ली कारपोरेट द्वारा जॉब कार्ड न भरने के मौखिक आदेश की बात कहकर टालमटोल कर रहा है। इस संबंध में मानव संसाधन विभाग में चर्चा भी हुई है अब दिल्ली कारपोरेट में चर्चा की जायेगी।
रामनारायण गिरी, अध्यक्ष आल इंडिया भेल एम्पलाइज यूनियन

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

भेल में अस्पताल की समस्याओं को लेकर प्रतिनिधि यूनियन की बैठक

-यूनियन प्रतिनिधियों ने डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टॉफ की कमी का रोना रोया भेल, भोपाल …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)
99 visitors online now
68 guests, 31 bots, 0 members
Max visitors today: 100 at 09:03 am
This month: 242 at 08-01-2020 10:14 am
This year: 687 at 03-21-2020 02:57 pm
All time: 687 at 03-21-2020 02:57 pm