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पहले दिन उड़े 532 विमान, 39 हजार ने किया सफर

नई दिल्ली

आज यानी सोमवार से करीब दो महीने के बाद फिर हवाई सेवाएं शुरू हुईं, जो लॉकडाउन की वजह से 24 मार्च से ही बंद पड़ी थीं। नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक ट्वीट कर के इस बात की जानकारी दी कि आज कितनी फ्लाइट उड़ीं और उसमें कितने यात्रियों ने सफर किया। उन्होंने ट्वीट में लिखा- कल तक कोई भी फ्लाइट नहीं उड़ रही थी और 532 फ्लाइट उड़ीं, जिनमें 39,231 यात्रियों ने आज (First day air travel) सफर किया। भारत के आसमान में काम शुरू हो गया है। आगे उन्होंने लिखा कि आंध्र प्रदेश कल से और पश्चिम बंगाल 28 मई से हवाई सेवा शुरू करेगा, जिसके बाद ये आंकड़ा और बढ़ेगा।इससे पहले हरदीप पुरी ने भारत के नक्शे को दिखाते हुए एक ट्वीट किया था। तस्वीरों में दिखाया गया था कि आज कैसे हवा में प्लेन उड़ रहे हैं।

रद्द हुईं 630 उड़ानें
विमानन क्षेत्र के सूत्रों ने बताया ने बताया कि घरेलू उड़ानें शुरू होने के पहले ही दिन काई राज्यों में पाबंदी रही। राज्यों की पाबंदियों के कारण देश में सोमवार को करीब 630 उड़ानें रद्द हुईं।

दिल्ली से पुणे के लिए उड़ा पहला विमान
नागर विमानन अधिकारियों की सख्त नियमन अनुशंसा के तहत पहले विमान ने दिल्ली हवाई अड्डे से पुणे के लिए सुबह पौने पांच बजे उड़ान भरी जबकि मुंबई हवाई अड्डे से पहली उड़ान पौने सात बजे पटना के लिए भरी गई। देश भर में सोमवार को कई उड़ानें रद्द भी कर दी गईं। उदाहरण के लिए, विमानन उद्योग के सूत्रों ने बताया कि दिल्ली हवाईअड्डे पर अब तक करीब 82 उड़ानें – आने और जाने वालीं- रद्द कर दी गई हैं।

महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्य जहां देश के सबसे व्यस्ततम हवाईअड्डे हैं, वे अपने राज्यों में कोरोना वायरस संक्रमण मामले बढ़ने का हवाला देकर हवाईअड्डों से घरेलू विमान सेवा शुरू करने के लिए इच्छुक नहीं हैं। पश्चिम बंगाल ने विमान सेवा शुरू करने की अनुमति देने के नागर विमानन मंत्रालय के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया। रविवार को यह तय किया गया था कि सख्त दिशा-निर्देशों के तहत राज्य 28 मई से धीरे-धीरे घरेलू विमान सेवा को अनुमति देना शुरू करेगा।

यह भी पढ़ें- 27 मई से शुरू हो सकती है दिल्ली मेट्रो
किसी विमान के परिचालन की अनुमति आंध्र प्रदेश में नहीं
आंध्र प्रदेश में भी सोमवार को किसी विमान के परिचालन की अनुमति नहीं दी गई। एयरलाइन कंपनियां सेवाएं फिर से शुरू करने को लेकर आशंकित थी क्योंकि कई राज्यों ने घरेलू विमानों से पहुंचने वाले यात्रियों को पृथक-वास में रखने के लिए अलग नियम एवं शर्तें लागू की हैं। सरकार ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि कुछ खास नियमों एवं दिशा-निर्देशों के तहत 25 मई से घरेलू विमान सेवाएं फिर से शुरू की जाएंगी। इनमें टिकट की कीमतों को सीमित करना, यात्रियों द्वारा मास्क पहनना, विमान के भीतर खाना नहीं दिए जाने और आरोग्य सेतु ऐप या स्व-घोषणा वाले फॉर्म के जरिए यात्रियों द्वारा चिकित्सीय स्थिति के विवरण उपलब्ध कराना जैसे नियम शामिल थे।

यह ऐप उपयोगकर्ताओं की स्वास्थ्य स्थिति और यात्रा इतिहास के आधार पर उन्हें रंगों के हिसाब से अलग-अलग श्रेणी में रखता है। यह उपयोगकर्ताओं की यह जानने में मदद करता है कि उनके आस-पास कोई कोरोना संक्रमित व्यक्ति तो नहीं। सरकार का यह फैसला ऐसे वक्त में आया जब विमानन क्षेत्र 25 मार्च को लॉकडाउन लागू होने के बाद से जबर्दस्त आर्थिक संकट का सामना कर रहा था। इंडिगो के अध्यक्ष एवं मुख्य परिचालन अधिकारी वोल्फगैंग प्रोक शाउएर पहले दिन परिचालनों को देखने के लिए दिल्ली हवाईअड्डे पर पहुंचे।

उन्होंने कहा कि एयरलाइन का संचालन सुगम रूप से हो रहा है और यात्री आरामदेह महसूस कर रहे थे क्योंकि सोमवार को भीड़ कम थी। उन्होंने कहा, ‘‘हमने कुछ बोर्डिंग गेट का दौर किया। यात्रियों को नियमों की अच्छी जानकारी थी। केंद्रीय अधिकारियों और राज्यों से मिले कम समय के बावजूद, हमने सफलतापूर्वक जानकारी पहुंचाई।”

करीब 20 हजार यात्रियों ने इंडिगो से किया सफर
इंडिगो के एक प्रवक्ता ने कहा कि एयरलाइन के विमानों से करीब 20,000 यात्रियों ने सफर किया। एक प्रेस विज्ञप्ति में स्पाइसजेट ने कहा कि उसके पहले विमान ने सोमवार को अहमदाबाद से सुबह छह बजकर पांच मिनट पर उड़ान भरी और सात बजकर 10 मिनट पर दिल्ली पहुंचा। कंपनी ने यह भी बताया कि उसने क्षेत्रीय संपर्क की उड़ान योजना के तहत निर्धारित मार्गों पर सोमवार को 20 विमानों का परिचालन किया।

स्पाइसजेट के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने कहा, ‘‘हम पूरी तरह सुगम एवं सुचारू रूप से तथा सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं प्रोटोकॉल का पालन करते हुए विमान सेवाएं फिर से शुरू कर खुश हैं।” कई राज्यों ने विमान सेवा शुरू करने के केंद्र के फैसले को लेकर आपत्ति जताई थी। कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, बिहार, पंजाब, असम और आंध्र प्रदेश समेत अन्य ने उनके हवाईअड्डों पर आने वाले यात्रियों के लिए अपने-अपने पृथक-वास नियमों की घोषणा की है। कुछ राज्यों ने यात्रियों को अनिवार्य रूप से संस्थागत पृथक-वास केंद्रों में रखने का फैसला किया है जबकि कई अन्य उन्हें घर में ही पृथक-वास में रखने पर चर्चा कर रहे हैं।

आरोग्य सेतु में ग्रीन, लेकिन क्वारंटीन…
नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने यात्री के फोन में आरोग्य सेतु ऐप में ग्रीन स्थिति दिखने के बावजूद उसे पृथक-वास में रखने की जरूरत पर सवाल उठाए। ग्रीन स्थिति दिखाती है कि यात्री कोविड-19 से सुरक्षित है। सोमवार के लिए निर्धारित करीब 1,050 घरेलू विमान के लिए बुकिंग शुरू की गई थी लेकिन रविवार को संशोधित कदमों की घोषणा के चलते कई विमानों को रद्द करना पड़ा जिसके चलते सैकड़ों यात्री मायूस हो गए। जिन विमानों को एक-तिहाई क्षमता से परिचालन की अनुमति दी गई थी, वे रविवार रात से विमान समय-सारणियों पर फिर से काम करने में व्यस्त थे।

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