Tuesday , July 14 2020
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तलाश: 55 पार जीएम एचआर की

भोपाल

भेल भोपाल यूनिट के एक महाप्रबंधक मानव संसाधन यानि जीएम एचआर इन दिनों काफी चर्चाओं में है। यहां तक की कुछ टे्रड यूनियन में इन दिनों उनके लापता होने के पोस्टर चस्पा करने का मन बना रही हैं। हुआ कुछ नहीं दरसल यह साहब मार्च में लाकडाउन शुरू होने के बाद छुट्टी लेकर गये तो आज तक डयूटी पर बापस नहीं आए। हालांकी इसमें उनका कोई कुसूर नहीं है वह तो विधिवत अवकाश लेकर हैदराबाद गए थे। यूॅ तो पहली बार वह हैदराबाद यूनिट के कोटे से महाप्रबंधक बने और उस पर उन्हें कंपनी ने उन्हें एचआर की कमान सौंप दी। ले देकर लगता है कि सैकेंड ईडी का यह पद उन्हें रास नहीं आया। यहीं वजह है कि लाकडाउन में ढील के बाद भी वह वापस भोपाल नहीं आ सके बल्कि वह वर्क टू होम की मांग कर रहे हैं छुट्टी की नहीं। ऐसे में खुद भेल के ईडी परेशान हंै अब यह मामला भेल दिल्ली कारपोरेट एचआर के पास पहुंच गया है लेकिन भेल कर्मचारियों को एचआर के हेड का आज भी इंतजार है।

अब खुद को बचाने में लगे दो एजीएम

भेल टाउनशिप के जवाहर बाग में बिना अनुमति के मिट्टी खुदाई के मामले में दो अपर महाप्रबंधक स्तर के अफसर बुरी तरह फंस गए है साथ ही जवाहर प्रभारी से भी पूछताछ शुरू हो गयी हैं। दरअसल जिस ऐजेंसी को यह मिट्टी भेजी गयी है उसे इसकी अनुमति ही नहीं दी गई। चर्चा है कि जब यह मामला प्रकाश में आया तब पता चला कि साहब लोग लाकडाउन में ही इस काम को अंजाम दे रहे थे ताकि किसी को कानों कान पता ही नहीं चले। यहां तक कि गोविंदपुरा के सिविल प्रभारी को भी इस मामले की भनक तक नहीं थी। जब यह मामला चर्चाओं में आया तब नगर प्रशासन विभाग में अफरा तफरी मच गई। आनन फानन में नगर प्रशासन के यह साहब पिछली तारीख में संबंधित ऐजेंसी से खुद अनुमति लिए जाने का पत्र लिखवाकर लाए। जल्द बाजी मेंं फिर चूक हो गई और पत्र में 29 अप्रैल लिखा गया बाद में इसे काट कर 28 अपै्रल करवाया। चर्चा है कि इतने बड़े ओहदे पर बैठे एजीएम द्वय को क्या कंपनी के साथ ऐसा करना चाहिए था। मजेदार बात तो यह है कि अब यह साहब लोग कानूनी दाव पेंच से अपने आप को बचाने की कोशिश मेें लगे हुए है और बड़े साहब मौन हैं।

ईडी पद के प्रमोशन ठंडे बस्ते में

भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड भेल जैसी महारत्न कंपनी में प्रमोशन पाने बाले अधिकारी काफी परेशान हैं यूं तो प्रमोशन उनका अधिकार है। 3 साल तक महाप्रबंधक रहे या फिर जीएमआई बने या जीएम हेड बनाकर जिन्हें कंपनी में बड़ी जबावदारी सौंप दी वह आज भी प्रमोशन के इंतजार में हैं ऐसा भी नहीं की कंपनी में इन्हें कार्यपालक निदेशक बनाने के लिए इंटरव्यू कॉल न किए हों लेकिन कंपनी में ही अज्ञात कारणों से इन्हें निरस्त कर दिये। अब लम्बा समय गुजर जाने के बाद भी दोबारा इंटरव्यू के लिए इन्हें कंपनी ने बुलाया ही नहीं। सभी प्रमोशन पाने बालो को आज भी इसका इंतजार है।

कारखाने में 5 और हेल्ंिपग हेड में 8 घंटे काम

भेल लेडिस क्लब की जितनी तारीफ की जाए कम है। एक तो कारखाने में कर्मचारियों से 5 घंटे काम कराया जा रहा है तो दूसरी ओर भेल लेडिस क्लब द्वारा संचालित हेल्ंिपग हैंड में कर्मचारियों से 8 घंटे काम कराया जा रहा है। नौकरी के डर से खास तौर से इस संस्था में महिला कर्मचारियों की तादात ज्यादा है ऐसे में वह इसकी शिकायत किसीसे कर नहीं सकतीं क्योंकि मेनेजर खौफ कुछ ज्यादा ही है। चर्चा है कि बात यहां तक ही जाती तो ठीक थी लेकिन संस्था के एक मैनेजर इन महिलाओं से जहां पहले 15 क्वाइल बनवाई जाती थी वहॉ अब 20 से 25 क्वाइल बनाने का दवाव बनाया जा रहा है। ऐसे में मुखिया को ही सोचना पड़ेगा कि आखिर इन्हें न्याय मिले तो कैसे मिले।

भेल के अधिकारियों को मिलेगा सत्कार भत्ता

भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड के अधिकारियों के लिए खुशी की खबर है कि बंद अतिथि सत्कार भत्ते को कंपनी ने फिर से बहाल कर दिया है। यह भत्ता महाप्रबंधक, महाप्रबंधक हैड और उससे ऊपर के अधिकारियों को मिलेगा यह आदेश भेल दिल्ली कारपोरेट में जारी कर दिया।
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