Tuesday , August 11 2020
Home / राष्ट्रीय / LAC: 3 जगहों से हटी चीनी फौज, असल चुनौती अभी बाकी

LAC: 3 जगहों से हटी चीनी फौज, असल चुनौती अभी बाकी

नई दिल्ली

ईस्टर्न लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर गलवान, गोगरा और हॉट स्प्रिंग एरिया में डिसइंगेजमेंट पूरा हो गया है। यहां पर दोनों देशों के सैनिक अब एक दूसरे से करीब 2-3 किलोमीटर दूर है। यहां बफर जोन बन गया है। हालांकि, अभी असल चुनौती बाकी है। पैंगोग एरिया में चीनी सैनिक भले ही कुछ कम हुए हैं लेकिन वह अब भी उसी पोजिशन में जमे हुए हैं।

डिसइंगेजमेंट छोटा कदम, असल चुनौती बाकी
इसके अलावा युद्ध स्तर पर तैनात सैनिकों को कम करना और तोप, टैंक, मिसाइल, फाइटर जेट और दूसरे सैन्य साजो सामान को एलएसी से पीछ कर सामान्य जगहों पर तैनात करना असली टास्क है। इसके लिए अगले हफ्ते दोनों देशों के बीच फिर से कोर कमांडर स्तर की मीटिंग होगी। एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि अभी जो डिसइंगेजमेंट हुआ है यह बहुत छोटा कदम है। यह इसलिए उठाया गया ताकि दोनों देशों के सैनिक एकदम आमने सामने न रहें और किसी हिंसक झड़प की संभावना से बचा जा सके।

पीपी-14, 15 और 17 ए में डिसइंगेजमेंट पूरा
आज गोगरा पोस्ट एरिया यानी पीपी-17ए के पास भी डिसइंगेजमेंट पूरा हो गया। यहां से चीनी सैनिक करीब डेढ़-दो किलोमीटर पीछे गए हैं और उसी तरह भारतीय सैनिक भी पीछे हटे हैं। फेसऑफ की चार जगहों में से तीन जगह डिसइंगेजमेंट पूरा हो गया है। गलवान में पीपी-14, हॉट स्प्रिंग में पीपी-15 और गोगरा में पीपी-17 ए पर। सूत्रों के मुताबिक पीपी-14 और पीपी-15 में वेरिफिकेशन का काम भी पूरा हो गया है।

पैंगोंग एरिया में तनाव बरकरार
दोनों देशों ने वेरिफाई किया है कि बातचीत के हिसाब से सैनिक पीछे गए हैं। जबकि गोगरा में अभी वेरिफिकेशन होना है। इस बीच पैंगोग एरिया में स्थिति पहले की तरह ही बनी हुई है। यहां फिंगर-4 के पास चीनी सैनिकों की संख्या कुछ कम जरूर हुई है लेकिन अभी भी वह फिंगर-4 पर डटे हैं और यहां पर चीनी और भारतीय सैनिक एकदम आमने सामने हैं।

अगले हफ्ते कोर कमांडर स्तर की मीटिंग
सूत्रों के मुताबिक अगले हफ्ते फिर से दोनों देशों के बीच कोर कमांडर स्तर की मीटिंग होनी है। यह कोर कमांडर स्तर की चौथी मीटिंग होगी। इससे पहले 30 जून को कोर कमांडर स्तर की मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग में पैंगोंग एरिया पर डिसइंगेजमेंट की बात तो होगी ही साथ ही सबसे अहम बात होगी सैनिकों की संख्या कम करने की। ईस्टर्न लद्दाख पर एलएसी के दोनों तरफ दोनों देशों ने हजारों की संख्या में सैनिक तैनात किए हैं जिन्हें पीछे करना असल टास्क है। युद्ध स्तर की तैयारी के तहत भारी संख्या में सैनिक तो तैनात हैं ही साथ ही तोप, टैंक, मिसाइल, रॉकेट लॉन्चर, फाइटर जेट भी तैनात हैं। एलएसी के 3-4 किलोमीटर दूर ही तैनात तोपें 40 से 50 किलोमीटर तक निशाना साध सकती हैं।

तो इसलिए दोनों देशों ने हटाई सेना!
एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि कोर कमांडर स्तर मीटिंग में इन्हें पीछे करने पर बात होगी। पहला चरण डिसइंगेजमेंट का था यानी आमने सामने डटे सैनिक पीछे जाएं और बफर जोर बने। दूसरा चरण डिएस्केलेशन का होगा, जिसमें यह तैनाती कम करने के लिए टाइमलाइन पर बात होगी। एक अधिकारी ने कहा कि अभी जो डिसइंगेजमेंट हुआ है यह बस छोटी चीज है। यह तो बस इसलिए किया गया है ताकि दोनों देशों के सैनिक एकदम आमने सामने ना रहें और फिर किसी हिंसक झड़प सी नौबत ना आए।

सैनिकों को पूरी तरह हटाने में लगेगा समय
भारी संख्या में तैनात सैनिकों को सामान्य स्थिति में लाने में कई महीनों का वक्त लग जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी डिपसांग एरिया में कोई बात नहीं हुई है क्योंकि यहां पर सैनिक आमने सामने नहीं है। यहां दोनों तरफ से सैनिकों की तैनाती बढ़ाई गई है। कोर कमांडर स्तर की मीटिंग में यहां पर भी सैनिकों की बड़ी तैनाती कम करने पर बात होगी।

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

लॉकडाउन: मोदी सरकार से खुश 74% गांववाले

नई दिल्ली ग्रामीण भारत की बड़ी आबादी देश में कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए …

62 visitors online now
23 guests, 39 bots, 0 members
Max visitors today: 79 at 07:31 am
This month: 242 at 08-01-2020 10:14 am
This year: 687 at 03-21-2020 02:57 pm
All time: 687 at 03-21-2020 02:57 pm