लंदन
इस्लाम के नाम पर 1947 में बने देश पाकिस्तान के कई लोग भारतीयों से नफरत का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं। दुनिया के किसी भी देश में उनका भारतीयों के साथ अच्छे संबंध बना कर रहना एक सपने से कम नहीं है। ये बातें इसलिए कह रहे हैं क्योंकि ब्रिटेन में आज कल कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। क्रिकेट की हार जीत से शुरू हुआ विवाद अब हिंदू-मुस्लिम विवाद तक पहुंच गया है। पिछले कई दिनों से लीसेस्टर में हिंदुओं के घरों को इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है।
जिस विदेशी पुलिस की सतर्कता की लंबी-लंबी गाथाएं कही जाती हैं, वह हिंदुओं को निशाना बनाए जाने के दौरान मूकदर्शक से ज्यादा कुछ नहीं है। पाकिस्तानी मुस्लिम गैंग बना कर हिंदुओं को टारगेट कर रहे हैं। कई वीडियो सामने आए हैं, जिसमें दिख रहा है कि गैंग बना कर हिंदुओं के घरों के आगे तोड़फोड़ की जा रही है। एक वीडियो में दिख रहा है कि एक शख्स घर के आगे लगे केसरिया ध्वज को उखाड़ कर ले जा रहा है। वहीं, एक महिला खिड़की से चिल्ला कर इस बात का विरोध कर रही है। एक शख्स पर चाकू से हमले की भी कोशिश हुई है।
Concerning: Islamist goons targeting Hindus in #Leicester UK last few days. Gang of Islamist thugs targeted Hindu houses deliberately while the local police mostly kept watching. Several clashes have been reported recently. https://t.co/iYVaqPT2Hx
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) September 6, 2022
क्रिकेट को लेकर शुरू हुआ विवाद
हिंदुओं को निशाना बनाए जाने के पीछे क्रिकेट से जुड़ा एक विवाद है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 28 अगस्त को भारत बनाम पाकिस्तान के मैच में भारत की जीत के साथ ये विवाद शुरू हुआ। TOI की रिपोर्ट के मुताबिक बेलग्रेव रोड पर रेस्टोरेंट चलाने वाले धर्मेश लखानी ने कहा था, ‘जीत के बाद सेलिब्रेशन सही चल रहा था। लेकिन तभी खबर आई कि किसी भी भारत के झंडे पर भारत विरोधी स्टांप लगा दिया है। भारतीय फैंस को लगा कि ये कोई पाकिस्तानी है, जिसके बाद पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगे। इस कारण पाकिस्तानी और भारतीय फैंस आपस में भिड़ गए। ये कहना बिल्कुल बकवास है कि हमला हिंदुओं के ग्रुप ने किया।’
एक्शन मोड में आई पुलिस
पुलिस ने लीसेस्टर और आस-पास के इलाकों में विशेष रोक और तलाशी अभियान की शुरुआत की है। आसामाजिक व्यवहार, अपराध और पुलिस अधिनियम 2014 की धारा 34 और 35 के तहत मुख्य अधीक्षक एडम स्लोनेकी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 16 साल से कम के युवाओं को उनके घरों पर वापस छोड़ा जाए। ये नोटिस 48 घंटे के लिए जारी किया गया है। नोटिस का उल्लंघन करने पर गिरफ्तारी हो सकती है।
