30.3 C
London
Thursday, May 28, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयरूस और चीन ने मिलकर किया बड़ा समझौता, भारत रह गया पीछे

रूस और चीन ने मिलकर किया बड़ा समझौता, भारत रह गया पीछे

Published on

नई दिल्ली,

भारत और रूस में डॉलर की जगह रुपये में कारोबार की चर्चा के बीच रशिया की बड़ी गैस कंपनी गजप्रोम ने चीन के साथ एक एग्रीमेंट साइन किया है, जिसके तहत गैस सप्लाई के लिए पैसों का लेनदेन अमेरिकी डॉलर की जगह चीनी मुद्रा युआन और रूसी रूबल में किया जाएगा. ये एग्रीमेंट रूस और चीन के गहराते संबंधों को भी दर्शा रहा है, जो जाहिर है पश्चिमी देशों के लिए चिंता की बात हो सकती है.

दरअसल, यूक्रेन से जंग छेड़ चुका रूस युद्ध को लेकर पहले ही अमेरिका समेत कई देशों से आर्थिक प्रतिबंध झेल रहा है. ऐसे में चीन और रूस, दोनों एक साथ अपनी करेंसी में कारोबार करेंगे तो और ज्यादा मजबूत होंगे. भारत भी अपनी करेंसी में रूस के साथ व्यापार करने की तैयारी में है, लेकिन अभी तक बात नहीं बन पाई है. रूस ने कहा था कि वह सभी मित्र देशों के साथ स्थानीय करेंसी में व्यापार करने की योजना बना रहा है. भारत ने पिछले कुछ महीनों में रूस से तेल निर्यात बढ़ाया है लेकिन रूबल-रुपये में व्यापार की व्यवस्था अभी तक शुरू नहीं हो सकी है.

गैजप्रॉम के सीईओ की CNPC चीफ से मीटिंग
रूस की कंपनी गैजप्रॉम के सीईओ एलेक्सी मिलर ने चीन ऑयल ग्रुप CNPC के चीफ दाई हूलिंग के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर मीटिंग के बाद बयान देते हुए कहा कि नए पेमेंट के तरीके से दोनों देशों को फायदा होगा. मिलर ने आगे कहा कि नए पेमेंट का तरीका कैलकुलेशन को भी आसान करेगा और दूसरी कंपनियों के लिए भी एक शानदार उदाहरण बनेगा.

गैजप्रॉम के सीईओ मिलर ने चीन ऑयल ग्रुप CNPC के चीफ को मीटिंग के दौरान अपने प्रोजेक्ट के कार्य को लेकर अपडेट दिया. इस प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद रूस की ओर से चीन को ईस्टर्न रूट से गैस की सप्लाई की जाएगी. जिसके बाद रशियन और चाइनीज गैस नेटवर्क कनेक्ट हो जाएंगे.

कब होगा रूबल और युआन में कारोबार शुरू
हालांकि, गैजप्रॉम की ओर प्रोजेक्ट को लेकर और ज्यादा जानकारी नहीं दी गईं और न ही ये बताया गया कि कब से वे अपनी पेमेंट की लेनदेन डॉलर की जगह रूबल और युआन में शुरू करेंगे.

रिपोर्ट्स की मानें तो कई देशों से आर्थिक प्रतिबंध झेल रहे रूस को इस बदलाव की इसलिए जरूरत है, क्योंकि वह यूएस डॉलर, यूरो या अन्य मुद्राओं पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है. इसी वजह से पिछले कुछ समय से रूस चीन समेत अन्य गैर पश्चिमी देशों से अपने आर्थिक संबंधों को बढ़ा रहा है.

साल 2022 की शुरुआत में रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन ने अपने उन यूरोपियन ग्राहकों को रूसी करेंसी में पैसा देने के लिए दबाव बनाया था, जो रूस से गैस की सप्लाई ले रहे हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो जिन कंपनी और देशों ने इस डील को नहीं माना, उनकी सप्लाई बंद कर दी गई थी. रूस ने कहा था कि यूरोप की इन कंपनियों को जब तक गैस सप्लाई नहीं दी जाएगी, जब तक पश्चिम देश रूस पर लगे प्रतिबंधों को हटा नहीं देते हैं.

भारत से क्यों नहीं बन पा रही रुपये में लेनदेन की बात
भारत और रूस के बीच डॉलर की जगह अपनी करेंसी में कारोबार को लेकर बातचीत काफी चर्चा में रही थी. ऐसा माना जा रहा था कि अमेरिका इस बात पर काफी भड़क सकता है.

हालांकि, भारत अपने पक्ष में हमेशा साफ रहा है कि वह अंतराष्ट्रीय स्तर पर अपने आर्थिक फैसले खुद लेने में सक्षम है. दूसरी ओर, रूस वैसे ही वेस्ट के प्रतिबंध झेल रहा है. इसी बीच रूस और भारत ने एक दूसरे के साथ अपनी करेंसी में करोबार की बातचीत को आगे बढ़ाना भी शुरू किया.

अब इस मामले में वार्ता तो शुरू हो गई लेकिन जमीनी स्तर पर काम को शुरू नहीं हो पाया. बैंक चाहते हैं कि सरकार इसके लिए नियम बनाएं और साफ निर्देश दे, जिससे उन्हें अमेरिकी प्रतिबंधों को घेरे में न आना पड़े. वहीं सरकार और आरबीआई का सोचना है कि बैंकों को इस मामले में पहले सक्रिय होना चाहिए.

 

Latest articles

मशहूर शायर बशीर बद्र नहीं रहे, 91 की उम्र में भोपाल में निधन

भोपाल। शायरी की दुनिया ने गुरुवार को अपना एक और सितारा खो दिया। अजीम...

BJP संगठन में बड़ा फेरबदल: हरियाणा समेत 4 राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष बदले गए

नई दिल्ली। गुरुवार 28 मई को BJP ने चार राज्यों में अपने प्रदेश अध्यक्षों...

सीएम सिद्धारमैया ने राज्यपाल के सचिव को इस्तीफा सौंपा, कांग्रेस विधायक दल की बैठक कल

बंगलूरू। कर्नाटक में सत्ताधारी कांग्रेस सरकार में बड़ा बदलाव हो गया है। सीएम सिद्धारमैया...

भीषण गर्मी में सतर्कता और संवेदनशीलता बरतें, मूक पशु-पक्षियों का भी बनें सहारा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर। छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न हिस्सों में पारा चढ़ने के साथ ही भीषण...

More like this

नीदरलैंड ने लौटाई विरासत, PM मोदी को सौंपीं चोल राजा की 1 हजार साल पुरानी निशानियां, जानें क्या है इनकी खासियत?

एम्सटर्डम। पीएम मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान भारतीय संस्कृति और सभ्यता के लिए...

सीजफायर तोड़ अमेरिका ने ईरान पर फिर बमबारी की, होर्मुज में 1500 जहाज फंसे

ट्रम्प बोले- डील नहीं की तो और हमले करेंगे तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी सेना ने ईरान...