कीव
यूक्रेन की सेना ने रूस को उसके ‘घर’ क्रीमिया में घुसकर बहुत बड़ा झटका दिया है। यूक्रेन की नौसेना पिछले कई महीने से रूसी नौसेना के फ्रीगेट एडमिरल मकरोव का पीछा कर रही थी लेकिन उसे सुराग नहीं मिल रहा था। यूक्रेन की मेहनत रंग लाई और आखिरकार उसने एडमिरल मोस्कवा की जगह लेने वाले रूस के मिसाइल फ्रीगेट मकरोव पर अपना जोरदार हमला बोल ही दिया। यूक्रेन की सेना ने अलकायदा और हूती विद्रोहियों के अचूक हथियार से रूसी युद्धपोत को निशाना बनाया। यूक्रेन ने पानी के अंदर से चलने वाले विस्फोटकों से लैस ड्रोन की मदद से क्रीमिया में स्थित रूसी नौसेना के कालासागर बेड़े के मुख्यालय सेवास्तोपोल पर खड़े एडमिरल मकरोव पर जोरदार हमला बोला।
यूक्रेन की सेना ने एक नाटकीय वीडियो जारी करके दिखाया कि उसे रूस के युद्धपोत एडमिरल मकरोव पर हमला बोलने में सफलता मिल गई है। कैलिबर क्रूज मिसाइलों से लैस यह युद्धपोत 409 फुट लंबा है। यूक्रेन के दावे की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यूक्रेन का यह आत्मघाती ड्रोन एक स्पीड बोट के आकार का था और उस पर सैकड़ों किलोग्राम विस्फोटक लदा हुआ था। रूस ने इस समुद्री ड्रोन को रोकने के लिए हेलिकॉप्टर से गोलियां बरसाईं लेकिन संभवत: उसे सफलता मिली या नहीं इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
‘यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह अब तक का सबसे भीषण हमला’
रक्षा विशेषज्ञ रॉब ली का कहना है कि यूक्रेन ने रूस एडमिरल मकरोव को निशाना बनाया है। इसे रूस ने मोस्कवा युद्धपोत की जगह पर काला सागर में तैनात किया था। यूक्रेन ने पिछले दिनों मिसाइल हमले में मोस्कवा को तबाह कर दिया था। इस बीच रूसी अधिकारियों ने दावा किया है कि उनके केवल एक युद्धपोत को हल्का सा नुकसान पहुंचा है। रूस ने यह भी दावा किया कि ब्रिटेन के विशेषज्ञों ने इस हमले में यूक्रेन की मदद की है। इस बीच क्रीमिया में तैनात रूसी अधिकारियों ने कहा है कि यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह अब तक का सबसे भीषण हमला है।
इस बीच विशेषज्ञों का कहना है कि रूस को अब यूक्रेनी हमले से बचने के लिए या तो अब बहुत ज्यादा संसाधनों को अपने नौसैनिक अड्डे सेवास्तोपोल को बचाने के लिए लगाना पड़ेगा या अपने 3 दर्जन से ज्यादा युद्धपोतों को क्रीमिया से वापस बुलाना होगा। यूक्रेन के पास अभी कोई बड़ा युद्धपोत नहीं है लेकिन उसे आश्चर्यजनक रूप से सफलता मिल रही है। इस बीच सेवास्तोपोल नेवल बेस से आए वीडियो में नजर आ रहा है कि पानी और बंदरगाह के पास कई धमाके हुए हैं। खुद रूस ने भी माना है कि इस हमले में उसके बारुदी सुरंग हटाने वाला एक युद्धपोत को नुकसान हुआ है।
