8.4 C
London
Saturday, April 4, 2026
Homeराज्यमौत की सजा पाने वाले लश्कर के चार आतंकी बरी, जानिए कलकत्ता...

मौत की सजा पाने वाले लश्कर के चार आतंकी बरी, जानिए कलकत्ता हाई कोर्ट ने किस धारा के तहत सुनाया फैसला

Published on

कोलकाता

कलकत्ता हाई कोर्ट ने देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए मौत की सजा पाने वाले दो पाकिस्तानी नागरिकों समेत लश्कर-ए-तैयबा के चार आतंकवादियों को सोमवार को बरी कर दिया। हालांकि, अदालत ने उन्हें अन्य अपराधों के लिए सजा सुनाई। चारों को भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने का दोषी पाया गया था और 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी।

न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति अनन्या बंदोपाध्याय की खंडपीठ ने चारों दोषियों को भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 121 के तहत आरोपों से बरी कर दिया। पीठ ने निर्देश दिया कि दो पाकिस्तानी नागरिकों मोहम्मद युनूस और मोहम्मद अब्दुल्ला को उनके देश वापस भेजा जाए। ये दोनों पहले ही सजा काट चुके हैं।

देश के खिलाफ जंग छेड़ने की साजिश
हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि दोनों भारतीय नागरिक आईपीसी की धारा 121ए के तहत देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने का षडयंत्र रचने का दोषी पाए गए और सजा की अवधि पूरी कर चुके हैं। अदालत ने कहा कि मुजफ्फर अहमद राठेर को सुधार गृह से रिहा किया जाए जबकि एस के नयीम को एक अन्य मामले के संबंध में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट के समक्ष पेश किया जाए।

खंडपीठ ने मौत की सजा देने वाली एक सत्र अदालत के फैसले के खिलाफ अपीलों पर दिए अपने आदेश में कहा, ‘आईपीसी की धारा 121 के तहत बरी किए जाने के मद्देनजर अपीलकर्ताओं को मिली मौत की सजा और 50-50 हजार रुपये के जुर्माने को रद्द किया जाता है।’

आतंकियों को पाकिस्तान वापस भेजने का आदेश
अदालत ने कहा कि आपराधिक ताकत का प्रदर्शन कर लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार की संप्रभुता को आतंकित करने या युद्ध छेड़ने की साजिश रचने से संबंधित आईपीसी की धारा 121ए के तहत अपराध गंभीर प्रकृति का है। इसमें एक ऐसे आतंकवादी संगठन से प्रेरित सदस्य शामिल हैं, जिसका उद्देश्य देश में आतंक फैलाना और राष्ट्र को अस्थिर करना है।

हाई कोर्ट ने कहा कि अपीलकर्ता ऐसे लोग नहीं हैं जो आतंकवादी संगठन के शीर्ष पद पर बैठे थे। अदालत ने कहा कि वे ऐसे योद्धा हैं जिन्हें संगठन की गतिविधियों के लिए लालच देकर या बलपूर्वक भर्ती किया गया। अदालत ने कहा, ‘चूंकि मोहम्मद युनूस और मोहम्मद अब्दुल्ला अपनी सजा पूरी कर चुके हैं तो उचित प्राधिकारियों को उन्हें उनके मूल देश यानी पाकिस्तान भेजने का निर्देश दिया जाता है।’

इन्हें मिली थी सजा
गौरतलब है कि उत्तर 24 परगना जिले की एक अदालत ने लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकवादियों मोहम्मद युनूस, मोहम्मद अब्दुल्ला और मुजफ्फर अहमद राठेर को जनवरी 2017 में मौत की सजा सुनाई थी और चौथे आतंकवादी अब्दुल नयीम को दिसंबर 2018 में ‘देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने’ के लिए मृत्युदंड दिया था।

Latest articles

Amla Benefits: सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है आंवला, इसे खाने से मिलेंगे ढेरों फ़ायदे

Amla Benefits: आयुर्वेद के अनुसार आंवला (Amla) सेहत बेहद फायदेमंद होता है। आंवला शरीर...

केरलम में शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन और ड्राइवर को पीटा, एक आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली। केरलम के मलप्पुरम जिले के वांडूर इलाके में शुक्रवार शाम कांग्रेस सांसद...

अजाक्स के प्रांतीय कार्यालय पर कब्जा करने का प्रयास, पुलिस में शिकायत

भोपाल। राजधानी स्थित अजाक्स के प्रांतीय कार्यालय में एक त्यक्ति ने 20 मार्च को...

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से बदली वनांचल की सूरत, लुण्ड्रा के ग्रामीणों का पैदल सफर हुआ खत्म

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ शासन की 'मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना' वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों...

More like this

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से बदली वनांचल की सूरत, लुण्ड्रा के ग्रामीणों का पैदल सफर हुआ खत्म

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ शासन की 'मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना' वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों...

सीएम भजनलाल शर्मा ने 181 हेल्पलाइन सेंटर पर खुद सुनी जनसमस्याएं, मौके पर ही दिए समाधान के निर्देश

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश की जनता की समस्याओं के त्वरित...

नेहरू-अंबेडकर सब गलत, बस मोदी जी की तपस्या अधूरी: भगवंत मान का पीएम और भाजपा पर बड़ा हमला

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक बार फिर आक्रामक रुख अपनाते हुए...