16.3 C
London
Monday, April 6, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयअमेरिकी रिपोर्ट में भारत के लिए खतरे की घंटी, जिबूती में एयरक्राफ्ट...

अमेरिकी रिपोर्ट में भारत के लिए खतरे की घंटी, जिबूती में एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात कर सकता है चीन

Published on

बीजिंग

चीन का अफ्रीकी देश जिबूती में बना सैन्य अड्डा भारत के लिए चिंता की बात हो सकती है। चीन यहां एयर क्राफ्ट कैरियर, बड़े युद्धपोत, पनडुब्बियों को तैनात कर सकता है। यह एक ऐसा कदम होगा जो भारतीय नौसेना की सुरक्षा पर गहरा असर डालेगा। अमेरिकी रक्षा विभाग की चीन पर वार्षिक रिपोर्ट में इस सैन्य बेस के बारे में कांग्रेस को बताया गया है। रविवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया, ‘मार्च 2022 के अंत में एक FUCHI II श्रेणी का आपूर्ति जहाज यहां पर रुका था, जो दिखाता है कि यह बेस अब चालू है।’

अमेरिकी रक्षा विभाग की 2022 चीन सैन्य शक्ति रिपोर्ट में कहा गया, ‘यह तट चीन की नौसेना के एयर क्राफ्ट कैरियर, लड़ाकू जहाजों और पंडुब्बियों को समायोजित करने में सक्षम है।’ यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने चीन की ओर से हिंद महासागर में एयर क्राफ्ट कैरियर के तैनाती की संभावना जताई है। 2017 में यूएस पैसिफिक कमांड की कमान संभालने वाले एडमिरल हैरी हैरिस जूनियर ने कहा था कि आज उन्हें (चीन) हिंद महासागर में अपने जहाज चलाने से रोकने के लिए कुछ भी नहीं है। तब से चीन अपने एयर क्राफ्ट कैरियर बनाता रहा है और अब उसके पास तीन विमान वाहक हैं।

भारत के पास दो एयरक्राफ्ट कैरियर हैं
भारतीय नौसेना के पास रूस में बने दो एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रमादित्य और INS विक्रांत हैं। अमेरिका की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘PLA नेवी मरीन बख्तरबंद वाहनों और तोपखानों के साथ जिबूती बेस पर तैनात हैं। वर्तमान में पास के एक वाणिज्यिक बंदरगाह का इस्तेमाल किया जा रहा है।’ रिपोर्ट में कहा गया, ‘जिबूती बेस पर तैनात चीन की सेना ने ड्रोन और जहाजों को उड़ाकर अमेरिकी उड़ानों में हस्तक्षेप किया है। चीन ने जिबूती के संप्रभु हवाई क्षेत्र को प्रतिबंधित करने की मांग की है।’

स्वेज नहर को कर सकता है ब्लॉक
दूसरे शब्दों में अमेरिका का मानना है कि क्षेत्र में तैनात चीन की सेना ने जमीन से लेजर के जरिए अमेरिकी विमानों के पायलटों की आंखों को लेजर से टार्गेट किया है। चीन ने 2016 में यह बेस बनाना शुरू किया था, जिसकी लागत 590 मिलियन डॉलर है। यह बेस बाब अल-मन्देब जलडमरूमध्य पर स्थित है, जो दुनिया में व्यापार का एक महत्वपूर्ण चेन है। यहां से चीन हिंद महासागर तक पहुंच बना सकता है। स्वेज नहर के रास्ते में ये बेस है, जिसे चीन ब्लॉक कर सकता है।

Latest articles

Hair Regroth Tips: सफेद बालों को करना चाहते हैं नेचुरली काला तो अपनाएं ये उपाय

Hair Regroth Tips: आजकल खराब खान-पान की आदतें और जीवनशैली में बदलाव के कारण...

अवधपुरी में अवैध शराब दुकान के विरोध में प्रदर्शन, रहवासियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

भोपाल। अवधपुरी इलाके में अवैध शराब दुकान को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।...

अयोध्या बायपास पर 10 लेन सड़क निर्माण के दौरान फूटी पानी की पाइप लाइन, सप्लाई प्रभावित

भोपाल। शहर में अयोध्या बायपास पर चल रहे 10 लेन सड़क निर्माण कार्य के...

उत्पादन लक्ष्य पूर्ति पर भेल के कार्यपालक निदेशक को दी बधाई

भेल। भेल भोपाल के कार्यपालक निदेशक से सौजन्य मुलाकात कर फायनेंशियल वर्ष 2025-2026 के...

More like this

ट्रम्प बोले- ईरान से डील नहीं हुई तो उपराष्ट्रपति दोषी, अमेरिका ने जंग के बीच 3 आर्मी अफसरों को हटाया

तेहरान। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने जंग के बीच आर्मी चीफ जनरल...

Iran-US War: ईरान की पूरी लीडरशिप, नेवी… एयर फ़ोर्स और मिसाइलें सब खत्म, ट्रंप ने कहा- अब और बड़ा हमला करेंगे

वाशिंगटन डीसी। गुरुवार को US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान (Iran-US War) के साथ...

इजरायल का बड़ा दावा: लेबनान में मारा गया ईरानी कमांडर अल-जौहरी

तेहरान। ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल (Middle East War) के हमले जारी हैं...