भोपाल
मध्यप्रदेश में राजधानी भोपाल समेत कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदल गया है। कई जगहों पर तेज बारिश के साथ ओले गिरे है। राजधानी भोपाल की बात करें तो यहां दिनभर बादल छाए रहे, शाम होते ही तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के चलते भोपाल के एमपी नगर, कोलार, तुलसीनगर, भीमनगर, न्यू मार्केट, कांहाकुंज, शाहपुरा समेत कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। भोपाल से लगे विदिशा और रायसेन जिले में भी बारिश और कहीं कहीं ओले गिरे है। गुरुवार को भी भोपाल समेत कई इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है।
इससे पहले भिंड की गोहद तहसील में आज सुबह 6.50 बजे तेज बारिश के साथ ओले गिरे। रात में भी ओले गिरे और बारिश हुई। टीकमगढ़ में रात 12 बजे के बाद तेज बारिश हुई। देवास, गुना, मुरैना में भी पानी गिरा है। वहीं सागर, खुरई, बीना में मावठा गिरा।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि 24 जनवरी से नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव हो गया है। इससे गहरे बादल आएंगे। 26 से 28 जनवरी के बीच ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड, सागर और रीवा संभाग में हल्की बारिश हो सकती है। ग्वालियर और इंदौर में भी बूंदाबांदी के आसार हैं। पिछले एक सप्ताह से कई जिलों में बारिश हो रही है। खासकर सतना, रीवा, गुना, दतिया, छतरपुर और पन्ना भीग रहे हैं।
प्रदेश के सभी शहरों में रात का पारा 10 डिग्री पार
प्रदेश के सभी शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से ऊपर है। नर्मदापुरम में मंगलवार रात न्यूनतम पारा सबसे ज्यादा सागर में 18.2 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। सागर में 17.4 रहा।
इंदौर में कल गिर सकता है पानी
इंदौर में बादल छा रहे हैं, जिसकी वजह से धूप रुक-रुककर ही निकल रही है। मंगलवार को हवा की दिशा भले ही दक्षिण-पश्चिम है, लेकिन ठंडापन तो महसूस हो रहा था। न्यूनतम तापमान सोमवार को रात को 12.9 डिग्री रहा, जो सामान्य से 3 डिग्री ज्यादा रहा। जबकि अधिकतम तापमान सोमवार को 27.5 डिग्री था, जो घटकर 26.3 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 1 डिग्री कम रहा। गणतंत्र दिवस पर दिनभर बादल रहेंगे व बूंदाबांदी के भी आसार हैं।
पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के कुछ शहरों में बारिश हो रही है, वहीं उज्जैन में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। पिछले तीन दिन से शहर में बादल छाए हुए हैं। रात में कोहरा छा रहा है। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो बादल छंटने के बाद 26 जनवरी से तापमान में फिर से गिरावट आने के साथ सर्दी का असर बढ़ेगा।
पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के कुछ शहरों में बारिश हो रही है, वहीं उज्जैन में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। पिछले तीन दिन से शहर में बादल छाए हुए हैं। रात में कोहरा छा रहा है। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो बादल छंटने के बाद 26 जनवरी से तापमान में फिर से गिरावट आने के साथ सर्दी का असर बढ़ेगा।
ग्वालियर अंचल में बादलों का डेरा, बारिश भी
पश्चिमी विक्षोभ के असर से तीन दिन से ग्वालियर अंचल में बादल डेरा जमाए हुए हैं। मंगलवार को भी सुबह के समय बूंदाबांदी हुई। इसके बाद भी दिन और रात का पारा 24 घंटे के दौरान करीब 4 डिग्री सेल्सियस बढ़त के साथ दर्ज किया गया। 9 दिन बाद फिर से मंगलवार को रात का पारा 12 डिग्री के पार पहुंच गया। इससे पहले 17 जनवरी को 12.2 डिग्री दर्ज किया गया था। मौसम विभाग के अनुसार नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से जनवरी के अंत तक अंचल में बादलों का डेरा रहेगा। साथ ही बुधवार को भी बूंदाबांदी की संभावना है।
ग्वालियर शहर में तीन दिन में रात का पारा दोगुना तक चढ़ चुका है। 21 जनवरी को अधिकतम तापमान 6.3 डिग्री दर्ज किया गया था। जबकि मंगलवार को 12.4 डिग्री दर्ज किया गया। इस तरह लगभग दोगुना पारा तीन दिन में चढ़ गया। रात का पारा सामान्य से 5 डिग्री से ऊपर होने के कारण अब कड़ाके की सर्दी से लोग राहत महसूस कर रहे हैं। मंगलवार को सुबह से बादल छाए थे। इस दौरान बूंदाबांदी भी हुई। पिछले दिन की तुलना में अधिकतम तापमान 4 डिग्री बढ़त के साथ 23.4 दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री बढ़त के साथ 12.4 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 5.4 डिग्री सेल्सियस कम रहा।
