नई दिल्ली,
23 साल के शुभमन गिल इस वक्त भारतीय क्रिकेट के नए सितारे बन गए हैं. टेस्ट मैच हो या टी-20 और वनडे क्रिकेट हर जगह शुभमन गिल के बल्ले का दम देखने को मिल रहा है. टीम इंडिया जिस ट्रांजिशन से गुजर रही है और भविष्य के लिए खिलाड़ियों को तैयार किया जा रहा है, उसको देखते हुए शुभमन गिल का लगातार रन बनाना और बेहतर प्रदर्शन करना भारतीय फैन्स की उम्मीदें जगाता है.
23 साल के शुभमन गिल अब क्रिकेट फैन्स के फेवरेट बन रहे हैं, छोटे से करियर में उन्होंने बड़ा नाम किया है. शुभमन गिल की कहानी क्या है, ये अब हर कोई जानना चाहता है. हम बताते हैं आपको 23 साल के शुभमन गिल की कहानी…
100 रुपये की शर्त ने बनाया बेखौफ क्रिकेटर
23 साल के शुभमन गिल अब जिस तरह से शॉट खेलते हैं, तब हर कोई उनका तकनीक का कायल हो जाता है. ये अभी से नहीं बल्कि बचपन से ही है, क्योंकि उन्होंने जमकर प्रैक्टिस की और घरवालों ने भी काफी सपोर्ट किया. पंजाब के फाजिल्का से आने वाले शुभमन गिल ने शुरुआत में वहां पर ही क्रिकेट खेला, उनके पिता ने उनकी काफी मदद की. शुभमन ने खुद बताया था कि उनके पापा बॉलर्स को चैलेंज देते थे कि जो शुभमन को आउट करेगा, तो उसे 100 रुपये ईनाम मिलेगा.
पिता को छोड़नी पड़ी थी खेती
शुभमन गिल के मुताबिक, उनका परिवार पूरी तरह से अपनी खेती पर निर्भर था. लेकिन सारे खेत और घर गांव में थे और उनकी प्रैक्टिस चंडीगढ़ में ही मुमकिन हो पाती थी. तब पापा ने बड़ा फैसला किया और चंडीगढ़ शिफ्ट गए हैं. इसका असर खेती पर भी पड़ा, शुभमन के मुताबिक वह अपनी प्रैक्टिस जारी रख सकें इस वजह से पापा चंडीगढ़ से गांव खेती के लिए आते थे और मैं वहां अपनी प्रैक्टिस करता था.
युवराज सिंह से है स्पेशल यारी
शुभमन गिल पंजाब से ही आते हैं और स्टार ऑलराउंडर युवराज सिंह भी पंजाब की शान हैं. ऐसे में जब शुभमन गिल पंजाब के लिए घरेलू क्रिकेट खेल रहे थे, तब युवराज सिंह और हरभजन सिंह जैसे सीनियर प्लेयर्स ने उनका साथ दिया और काफी कुछ सिखाया. शुभमन ने बताया था कि लॉकडाउन के वक्त युवराज सिंह ने उनकी काफी मदद की, वह उनके पास ही जाया करते थे और उनके साथ प्रैक्टिस, जिम और बाकी गपशप होती थीं. शुभमन ने युवराज को अपना मेंटर भी बताया है.
