नई दिल्ली,
पाकिस्तान रविवार को एक बार फिर धमाके से दहल गया. बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा शहर में हुए बम धमाके में कम से कम पांच लोग बुरी तरह घायल हो गए. बता दें कि धमाके के बाद क्वेटा शहर के नवाब अकबर बुगती स्टेडियम में पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) प्रदर्शनी मैच को थोड़ी देर के लिए रोकना पड़ा.
इस मैच में पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान बाबर आजम और पूर्व ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी जैसे हाई-प्रोफाइल खिलाड़ी मौजूद थे. हालांकि इस धमाके में उन्हें कोई चोट नहीं आई है.पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक यह धमाका शहर में सुरक्षा अधिकारियों को निशाना बनाकर सुनियोजित तरीके से किया गया था जिसकी जिम्मेदारी प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकी संगठन तालिबान तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने ली है.
जानकारी के मुताबिक यह धमाका क्वेटा पुलिस लाइंस क्षेत्र में हुआ है और घायलों में ज्यादातर पुलिसकर्मी हैं. घायलों को शहर के सिविल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है.जिस वक्त यह धमाका हुआ उस वक्त क्वेटा के नवाब अकबर बुगती स्टेडियम में पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) प्रदर्शनी मैच चल रहा था जिसमें कई बड़े खिलाड़ी मौजूद थे. अधिकारियों ने साफ किया कि इस हमले में कोई भी खिलाड़ी घायल नहीं हुआ है.
पेशावर में मारे गए थे 100 से ज्यादा लोग
अभी थोड़े दिनों पहले ही पेशावर की एक मस्जिद में दोपहर की नमाज के दौरान तालिबान के एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया था जिसमें 101 लोग मारे गए थे और 200 से अधिक लोग घायल हो गए थे. मरने वालों में ज्यादातर सुरक्षाकर्मी थे.द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार के अनुसार, पाकिस्तान के नागरिक और सैन्य नेतृत्व ने टीटीपी को नियंत्रित करने के लिए अफगान तालिबान प्रमुख हैबुतल्लाह अखुंदजादा के हस्तक्षेप की मांग करने का फैसला किया है.
बीते साल नवंबर में, टीटीपी ने जून 2022 में सरकार के साथ हुए अनिश्चितकालीन संघर्ष विराम को वापस ले लिया और अपने आतंकवादियों को सुरक्षा बलों पर हमले करने का आदेश दिया था.माना जाता है कि टीटीपी और अल-कायदा के करीबी संबंध है. कार्रवाई किए जाने पर इस गठजोड़ ने प्रधानमंत्री शरीफ के पीएमएल-एन और विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी के पीपीपी के शीर्ष नेताओं को निशाना बनाने की धमकी दी है.
कई हमलों को अंजाम दे चुका है टीटीपी
2007 में कई उग्रवादी संगठनों के एक समूह के रूप में स्थापित टीटीपी ने पाकिस्तान सरकार के साथ संघर्ष विराम को समाप्त कर दिया और अपने उग्रवादियों को देश भर में आतंकवादी हमले करने का आदेश दिया.
टीटीपी पाकिस्तान भर में कई घातक हमलों को अंजाम दे चुका है जिसमें 2009 में सेना मुख्यालय पर हमला, सैन्य ठिकानों पर हमले और 2008 में इस्लामाबाद में मैरियट होटल में बमबारी शामिल है.2014 में पाकिस्तानी तालिबान ने पेशावर के उत्तर-पश्चिमी शहर में आर्मी पब्लिक स्कूल पर हमला किया था जिसमें 131 छात्रों सहित कम से कम 150 लोग मारे गए थे.
