नई दिल्ली,
टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज केएल राहुल आलोचकों के निशाने पर हैं. इस भारतीय ओपनर का मौजूदा फॉर्म ही कुछ ऐसा है कि आलोचना करना एक तरह से बनता भी है. केएल राहुल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो टेस्ट मैचों में भी बल्ले से कोई खास करिश्मा नहीं कर पाए और चार पारियों को मिलाकर सिर्फ 40 रन बना पाए. इसके बावजूद केएल राहुल को आखिरी दो टेस्ट मैचों के लिए भी टीम में जगह दी गई है.
वेंकटेश ने केएल की जमकर आलोचना की
अब टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने केएल राहुल पर एक बार फिर से निशाना साधा है. वेंकटेश प्रसाद ने कहा कि केएल राहुल को काउंटी क्रिकेट खेलकर आना चाहिए. वेंकटेश ने केएल राहुल की तुलना मयंक अग्रवाल, अजिंक्य रहाणे जैसे खिलाड़ियों से करते हुए यह बताने की कोशिश है उनका प्रदर्शन कोई खराब नहीं था लेकिन टीम से ड्रॉप कर दिए गए. वेंकटेश ने आंकड़े भी पेश किए.
वेंकटेश प्रसाद ने लिखा, ‘एक राय यह है कि केएल राहुल का विदेशी टेस्ट रिकॉर्ड शानदार है. लेकिन आंकड़े कुछ और ही बयां करते हैं. उनका 56 पारियों में विदेशों में 30 का औसत है उन्होंने 6 शतक बनाए हैं, लेकिन इसके बाद काफी सारे लो स्कोर्स के चलते उनका औसत 30 है. आइए कुछ अन्य पर नजर डालते हैं.’
धवन का जिक्र करते हुए वेंकटेश ने लिखा, ‘मौजूदा समय के सलामी बल्लेबाजों में शिखर धवन का विदेशों में औसत सबसे अच्छा है. 5 शतकों के साथ लगभग 40 का औसत. हालांकि वह भी टेस्ट में लगातार अच्छे नहीं रहे हैं, लेकिन श्रीलंका और न्यूजीलैंड में उनके नाम बेहतरीन शतक रहे. साथ ही उनका एक बेहतर घरेलू रिकॉर्ड भी है.’
वेंकटेश ने बताया, ‘ऑस्ट्रेलिया में शानदार शुरुआत के बाद मयंक अग्रवाल ने विदेशों में टेस्ट मैचों में संघर्ष किया. लेकिन उनका अब तक का सबसे अच्छा घरेलू रिकॉर्ड है. 13 पारियों में लगभग 70 का औसत, 2 डबल सेंचुरी. वानखेड़े की पिच पर 150 रन, जहां हर कोई संघर्ष कर रहा था. स्पिन के खिलाफ वह काफी बढ़िया खेलते हैं और शानदार घरेलू सीजन भी रहा.’
वेंकटेश प्रसाद ने आगे कहा, ‘शुभमन गिल का एक संक्षिप्त अंतरराष्ट्रीय करियर रहा है और विदेशों में कुल 14 पारियों में उनका औसत 37 रहा है, जिसमें गाबा टेस्ट की चौथी पारी में बनाए गए 91 रन भी शामिल हैं. वह शानदार फॉर्म में भी हैं.’
वेंकटेश लिखते हैं, ‘और अगर विदेशी प्रदर्शन एक मानदंड है, तो अजिंक्य रहाणे फॉर्म से बाहर होने के बावजूद और टीम से बाहर किए जाने से पहले रहाणे ने विदेशों में 50 टेस्ट मैचों 40 से अधिक की औसत से रन बनाए. यह तब है जब वह आउट ऑफ फॉर्म थे और ड्रॉप कर दिए गए.
वेंकटेश ने आखिर में कहा, ‘लेकिन केएल राहुल को शेष 2 टेस्ट मैचों के लिए बरकरार रखा गया है. अगर केएल राहुल प्लेइंग-11 में चुने जाते हैं, तो इंदौर टेस्ट उनके लिए फॉर्म में वापस आने और मेरे जैसे आलोचकों को चुप कराने का सबसे अच्छा मौका है. अन्यथा काउंटी क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करके और टेस्ट टीम में फिर से वापसी करने की जरूरत होगी.
