16 C
London
Wednesday, April 22, 2026
Homeराष्ट्रीय2047 तक भारत में इस्लामिक सत्ता बनाना था मकसद, NIA की चार्जशीट...

2047 तक भारत में इस्लामिक सत्ता बनाना था मकसद, NIA की चार्जशीट में PFI को लेकर चौंकाने वाले खुलासे

Published on

नई दिल्ली

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के नापाक इरादों का खुलासा किया है। एनआईए ने मुस्लिम युवकों को कथित रूप से भड़काने और कट्टरपंथी बनाने, उन्हें भर्ती करने और विशेष रूप से आयोजित प्रशिक्षण शिविरों में हथियारों का प्रशिक्षण देने को लेकर पीएफआई के पांच सदस्यों के खिलाफ एक पूरक आरोपपत्र दायर किया है। एनआईए ने एक अदालत को बताया है कि प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) ने अपने मंसूबों को हासिल करने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में विंग तैयार कर रखी थी। इस विंग का उद्देश्य देश में 2047 तक इस्लामिक शासन को स्थापित करने के लिए हिंसक गतिविधियों को आगे बढ़ाना था।

क्या है पूरा मामला
दरअसल, 2047 तक भारत को इस्लामिक राज्य बनाने के लिए आतंक और हिंसा के कृत्यों को अंजाम देने के लिए युवाओं को भर्ती करने और उन्हें हथियारों का प्रशिक्षण देने के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने के लिए पीएफआई सदस्यों द्वारा रची गई आपराधिक साजिश से संबंधित है। एनआईए ने अपनी चार्जशीट में कहा, आरोपी प्रशिक्षित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) कैडर हैं, जो प्रभावशाली मुस्लिम युवाओं को भड़काने और कट्टरपंथी बनाने में शामिल पाए गए, उन्हें पीएफआई में भर्ती किया और विशेष रूप से आयोजित प्रशिक्षण शिविरों में हथियारों का प्रशिक्षण दिया। इसका उद्देश्य 2047 तक देश में इस्लामिक शासन स्थापित करने की साजिश को आगे बढ़ाते हुए हिंसक आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देना था।

इनके खिलाफ दायर हैं आरोप पत्र
एनआईए ने शेख रहीम उर्फ अब्दुल रहीम, शेख वाहिद अली उर्फ अब्दुल वहीद अली, जफरुल्ला खान पठान, शेख रियाज अहमद और अब्दुल वारिस के खिलाफ आईपीसी और यूए(पी)ए की संबंधित धाराओं के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था। दिसंबर 2022 में, एनआईए ने अगस्त 2022 में तेलंगाना पुलिस से जांच अपने हाथ में लेने के बाद मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ अपना पहला आरोप पत्र दायर किया था।

ऐसे भड़का रहे थे लोगों को
इन पीएफआई कार्यकर्ताओं ने धार्मिक ग्रंथों की गलत व्याख्या की और घोषणा की कि भारत में मुसलमानों की पीड़ा को समाप्त करने के लिए जिहाद का हिंसक रूप आवश्यक है। एक बार पीएफआई फोल्ड में भर्ती होने के बाद, मुस्लिम युवाओं को आरोपी पीएफआई कैडरों द्वारा आयोजित प्रशिक्षण शिविरों में भेजा गया, जहां उन्हें रखा गया था। एनआईए ने आरोप लगाया कि अपने महत्वपूर्ण शरीर के अंगों जैसे गले, पेट और सिर पर हमला करके अपने निशाने को मारने के लिए घातक हथियारों के इस्तेमाल में प्रशिक्षित हैं। विभिन्न राज्य पुलिस इकाइयों और राष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा की गई जांच के दौरान हिंसक गतिविधियों में शामिल होने के बाद पीएफआई और इसके कई सहयोगियों को सितंबर 2022 में गृह मंत्रालय द्वारा एक गैरकानूनी संघ घोषित किया गया था।

Latest articles

पहलगाम हमले की बरसी: PM मोदी ने जान गंवाने वाले निर्दोषों को याद किया, कहा- आतंक के आगे भारत कभी नहीं झुकेगा

नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक...

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की तर्ज पर भारत के पहले एआई फेस्ट की मेजबानी

चंडीगढ़ l इंडिया एआई मिशन को मजबूती देने के लिए सीयू एआई मिशन लॉन्च...

अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती बरतें, कोताही बर्दाश्त नहीं: उप मुख्यमंत्री अरुण साव के कड़े निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने...

राजस्थान: पेयजल संकट से निपटने के लिए सरकार का ‘सुपर एक्शन’, दो दिन में ठीक हुए 1500 से ज्यादा हैंडपंप

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था...

More like this

पहलगाम हमले की बरसी: PM मोदी ने जान गंवाने वाले निर्दोषों को याद किया, कहा- आतंक के आगे भारत कभी नहीं झुकेगा

नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक...

महिला आरक्षण बिल पास नहीं हुआ, PM बोले- माफी मांगता हूं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम...

54 वोट से गिरा महिला आरक्षण से जुड़ा बिल: पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298

मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल से...