सूरत
गुजरात के सूरत में आम आदमी पार्टी को बहुत बड़ा झटका लगा है। अरविंद केजरीवाल की पार्टी के 6 पार्षदों ने शुक्रवार को राज्य सरकार में गृह मंत्री हर्ष सिंघवी की मौजूदगी में बीजेपी का दामन लिया।बीजेपी अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, स्वाति क्यादा, निराली पटेल, धर्मेंद्र वावलिया, अशोक धामी, किरण खोखानी और घनश्याम मकवाना ने ली बीजेपी की सदस्यता ली है। ये सभी नेता आम आदमी पार्टी के चुनाव चिन्ह पर सूरत में पार्षद का चुनाव जीतकर नगर निगम पहुंचे थे।
साल 2021 में गुजरात में हुए नगर निकाय चुनाव के दौरान सूरत नगर निगम में आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 27 सीटों पर जीत हासिल की थी।सूरत नगर निगम में कुल 120 वार्ड हैं। इन वार्डों में से 93 पर भारतीय जनता पार्टी, 27 पर आम आदमी पार्टी को सफलता मिली थी जबकि कांग्रेस पार्टी को जनता ने पूरी तरह से नकार दिया था। सूरत नगर निगम चुनाव में कांग्रेस को एक भी सीट हासिल नहीं हुई थी।
पिछले साल भी 5 AAP पार्षद बीजेपी में हुए थे शामिल
पिछले साल फरवरी 2022 में भी आम आदमी पार्टी के 5 पार्षदों ने बीजेपी का दामन थाम लिया था लेकिन बाद में एक पार्षद की ‘घर वापसी’ हो गई थी। अब छह पार्षदों की बीजेपी में एंट्री के बाद सूरत नगर निगम में आम आदमी पार्टी के पार्षदों की संख्या घटकर 17 रह गई है।
शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के पार्षदों का बीजेपी ने स्वागत करते हुए हर्ष सिंघवी ने कहा कि AAP का असली चेहरा लोगों के सामने आ रहा है। आम आदमी पार्टी गुजरात को बदनाम करने के लिए हर काम कर रही है। जिन आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने बीजेपी ज्वॉइन की है, उन्होंने विकास के लिए काम करने की कसम खाई है।
दूसरी तरफ बीजेपी पर पलटवार करते हुए आम आदमी पार्टी ने कहा कि उसके पार्षदों को लालच दिया जा रहा है। एक वीडियो स्टेटमेंट में आम आदमी पार्टी की पार्षद दीप्ति साकारिया ने कहा कि उसे बीजेपी मंत्री के घर पर आमंत्रित किया गया, जहां उसे बीजेपी में शामिल होने के लिए पैसे की पेशकश की गई।
