लखनऊ
प्रयागराज में शनिवार को पुलिस कस्टडी में तीन हमलावरों ने माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या कर दी। हमलावरों ने विदेशी पिस्टल से दोनों के ऊपर गोलियों की बारिश कर दी। हत्या के बाद इसे यूपी सरकार की नाकामी कहा गया। पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था के दावे पर सवाल उठाए गए।
न्यूज चैनल एबीपी के लिए सी वोटर ने एक सर्वे किया जिसमें यूपी की जनता से अतीक अहमद की हत्या के बारे में सवाल किए गए। इन सवालों के जवाब चौंकाने वाले हैं। अतीक अहमद की हत्या 15 अप्रैल की रात को हुई थी। यह सर्वे 15 से 17 अप्रैल के बीच किया गया। 16 अप्रैल को अतीक को दफनाया गया था।
1700 लोगों में से 14 पर्सेंट ने इसे पुलिस की नाकामी माना, जबकि 24 पर्सेंट का कहना था कि यह राजनीतिक साजिश थी। सर्वे में हिस्सा लेने वाले 51 पर्सेंट लोगों का कहना था कि उन्हें इस हत्या से कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि अतीक माफिया था। इनमें से 11 पर्सेंट लोग ऐसे भी थे जिन्हें इस मुद्दे की जानकारी नहीं थी। उनका जवाब था, पता नहीं। इन सभी लोगों से सवाल पूछा गया था कि पुलिस कस्टडी में अतीक और अशरफ की हत्या को क्या मानते हैं?
