भोपाल
मध्य प्रदेश के नौ और उत्पादों को जीआई टैग मिल गया है, इसके चलते इन उत्पादों को दुनिया के नक्शे पर नई पहचान मिलेगी। इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राज्य की कला और संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में जारी प्रयासों की सफलता बताया है। सीएम शिवराज सिंह ने मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार बड़ी संख्या में जीआई टैग मिलने पर प्रदेशवासियों की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा कि रीवा के आम की खुशबू, मुरैना की गजक की मिठास, शरबती गेहूं का स्वाद, ग्वालियर के कालीन, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, डिंडोरी की गोंड पेंटिंग एवं सुंदर कलाकारी से युक्त रॉट आयरन क्राफ्ट, जबलपुर का स्टोन क्राफ्ट, जो पत्थरों में जान फूंक दे, ये सब अब दुनिया के नक्शे में हैं। उन्होंने कहा कि अब जी.आई. टैग वाले कुल 19 उत्पाद मध्यप्रदेश में हो गए हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी कला-संस्कृति को समेटे हुए आगे बढ़ रहा है।
जीआई टैग से फायदा
विशेषज्ञ बताते हैं कि किसी एक क्षेत्र में कोई विशेष प्रकार का उत्पाद बनता हो या उसकी पैदावार होती है और क्षेत्र की भौगोलिक विशेषताओं के कारण उक्त उत्पाद की गुणवत्ता विशेष रहती हो और अन्य स्थानों पर ऐसा गुणवत्तापूर्ण उत्पाद न हों, तब उस क्षेत्र विशेष के लिए उक्त उत्पाद को कानूनी मान्यता दी जाती है। इसके लिए जीआई टैग बहुत उपयोगी है। इससे उत्पाद को सुरक्षा मिलती है। उसकी नकल करके उक्त उत्पाद को विशेष बताने को निषेध किया जाता है। जीआई टैग मिलने के बाद उक्त उत्पाद की मांग व पहचान राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी बढ़ती है।
