12 C
London
Tuesday, March 17, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयलादेन का 'दोस्‍त' था पाकिस्‍तान सेना के प्रवक्‍ता का पिता, भारत को...

लादेन का ‘दोस्‍त’ था पाकिस्‍तान सेना के प्रवक्‍ता का पिता, भारत को दी है घुसकर मारने की गीदड़भभकी

Published on

रावलपिंडी

पाकिस्‍तान सेना की मीडिया विंग इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के डीजी यानी इसके मुखिया मेजर जनरल अहमद शरीफ चौधरी काफी खबरों में हैं। अभी कुछ दिनों पहले चौधरी भारत को उसकी सीमा में घुसकर मारने की धमकी दे रहे थे। चौधरी का कहना का कि जम्‍मू कश्‍मीर न कभी भारत का था और न ही यह कभी इसका हिस्‍सा बन पाएगा। ऐसे में अगर किसी ने कोई भी दुस्‍साहस किया तो उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। मगर चौधरी खुद यह भूल गए कि वह खुद आतंकवाद से काफी गहरे तक जुड़े हैं। उनके पिता सुल्तान बशीरुद्दीन महमूद के अल कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के साथ गहरे रिश्‍ते थे। साथ ही उन्‍हें अमेरिका ने भी प्रतिबंधित किया हुआ है। लादेन अमेरिका पर 9/11 हमलों का मास्‍टरमाइंड था और साल 2011 में एबटाबाद में उसे ढेर कर दिया गया था।

लादेन को दी परमाणु हथियारों की जानकारी
सुल्तान बशीरुद्दीन महमूद विज्ञान पर अपने अजब-गजब दावों की वजह से भी जाने जाते हैं। उन्होंने एक बार कहा था कि पाकिस्‍तान जिन्‍न की मदद से बिजली पैदा कर सकता है। मेजर जनरल शरीफ को जनरल आसिम मुनीर की सिफारिश पर आईएसपीआर का मुखिया नियुक्त किया गया था। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के मुताबिक बशीरुद्दीन ने लादेन से मुलाकात की थी। उन्‍होंने लादेन को परमाणु हथियार कार्यक्रम के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे और परमाणु हथियारों के प्रभावों के बारे में जानकारी प्रदान की थी। पेशे से वैज्ञानिक बशीरुद्दीन पर एक आतंकी संगठन उम्मा तामीर-ए-नौ के लिए फंडिंग का भी आरोप है।

जर्मनी और यूके में पढ़ाई
जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम की यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले बशीरुद्दीन को पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान, सितारा-ए-इम्तियाज से सम्मानित किया था। हालांकि, बाद में, बशीरुद्दीन उनके कट्टर आलोचक बन गए, और अफगानिस्तान में जिहादियों के समर्थन करने लगे। शरीफ को जिस समय नियुक्‍त किया गया तो उस समय पिता की जिहादी गतिविधियों के लिंक के बारे में संक्षिप्त पूछताछ की गई थी। सूत्र ने कहा कि जांच ने हालांकि शरीफ को संदेह से मुक्त कर दिया गया था। यह अभी तक साफ नहीं हो सका है कि उन्‍हें अपने पिता की फंड इकट्ठा करने वाली गतिविधियों के बारे में मालूम था या नहीं।

अजब-गजब किताबें
पाकिस्तान परमाणु ऊर्जा आयोग से रिटायर होने के बाद बशीरुद्दीन ने कई ऐसी किताबें लिखी जो धर्म को विज्ञान के साथ मिलाने की मांग करने वाली थीम पर थीं। उन्‍होंने ऐसी ही एक किताब लिखी जिसमें कयामत के दिन के टेक्‍नोलॉजी और मौत के बाद के जीवन को लेकर चेतावनी दी गई थी। इसमें लिखा था अंतिम घंटा बहुत दूर नहीं है। किताब के मुताबिक अगले सौ साल में दुनिया खत्‍म हो जाएगी और ऐसे में जीवन का कोई महत्व नहीं है।

Latest articles

नई दिल्ली में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से की मुलाकात, शिक्षा सुधारों पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान...

हमीदिया अस्पताल फायरिंग: पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर, घायल हिस्ट्रीशीटर के साथ पहुंचे जवान भी थे निहत्थे

भोपाल हमीदिया अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर शनिवार सुबह हुई फायरिंग की घटना में पुलिस...

मप्र में पेंशन भुगतान की नई व्यवस्था 1 अप्रैल से लागू, एसबीआई बनेगा एग्रीगेटर बैंक

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के करीब साढ़े चार लाख पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते...

ग्रुप-5 भर्ती परीक्षा 2026: स्वास्थ्य विभाग में 373 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू

भोपाल मप्र कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल और...

More like this

कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में DBT प्रायोजित व्याख्यान श्रृंखला संपन्न: जैव प्रौद्योगिकी के भविष्य पर हुई चर्चा

भोपाल। भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग (DBT) के सहयोग से भोपाल के कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ...

ईरान के नए सुप्रीम लीडर बने मुजतबा खामेनेई

तेहरान। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को...