नई दिल्ली,
भारतीय जनता पार्टी के सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूभूषण शरण सिंह को आज दिल्ली की अदालत से बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की राउज ऐवेन्यू कोर्ट ने पहलवानों की शिकायतों के आधार पर दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में बीजेपी सांसद को जमानत दे दी है। राउज ऐवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह को जमानत के साथ कई शर्तें भी लगाई हैं। दिल्ली की अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह के साथ महासंघ के सहायक सचिव विनोद तोमर सिंह को नियमित जमानत दी है। दोनों को 25-25 हजार रुपए के निजी जमानत मुचलके पर जमानत दी है।
अदालत ने लगाई कई शर्तें
दिल्ली की राउज ऐवेन्यू कोर्ट ने बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह को जमानत देने के साथ कई शर्तें भी लगाई हैं। अदालत ने उन्हें जमानत देते हुए कई शर्तें लगाईं और कहा कि आरोपी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शिकायतकर्ताओं या गवाहों को प्रेरित नहीं करेंगे और अदालत की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेंगे।
18 जुलाई को मिली थी जमानत, आज फिर हुई सुनवाई
यौन शोषण का आरोप झेल रहे बृजभूषण शरण सिंह को 18 जुलाई मंगलवार को दिल्ली की राउज ऐवेन्यू कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी थी। आज इस केस पर फिर सुनवाई हुई और फैसले को शाम 4 बजे तक के लिए सुरक्षित कर दिया गया था। फैसले के पहले कोर्ट में आज दिल्ली पुलिस की दलीलों को सुना गया। ब्रजभूषण की बेल याचिका के सुनवाई के दौरान बड़ा दिलचस्प वाकया भी हुआ। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि क्या आप बेल का विरोध कर रहे हैं ? दिल्ली पुलिस के वकील ने कहा कि न हम विरोध कर रहे हैं और न ही समर्थन कोर्ट कानून के हिसाब से फैसला ले।
