मेरठ
लोकसभा के पिछले दो चुनावों के नतीजे समाजवादी पार्टी के अनुकूल नहीं रहे। पिछले लोकसभा चुनाव में एसपी और बीएसपी का गठबंधन भी कोई करिश्मा नहीं दिखा पाया। ऐसे में पार्टी बूथ स्तर पर अपने संगठन को मजबूत कर आगे बढ़ने की रणनीति पर अधिक ध्यान दे रही है। लोकसभा चुनाव 2024 के लिए समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बूथ स्तर पर खास रणनीति तैयार की है। ‘अपना बूथ जीतो’ के नारे के साथ पार्टी के सांसदों, विधायकों और दूसरे पदाधिकारियों के लिए अपना बूथ जिताना अनिवार्य कर दिया है। इन्हें खुद के बूथ का प्रभारी बनाया जाएगा। एसपी थिंक टैंक की रणनीति के मुताबिक हर बूथ पर 15 वर्करों की टोली बनाई जा रही है। सीनियर नेताओं को बूथ का प्रभारी बनाया जा रहा है।
2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव के साथ नगर निकाय चुनाव में पार्टी के सांसद, विधायक, राष्ट्रीय, प्रांतीय और दूसरे स्तर के पदाधिकारियों को अपने क्षेत्र में अपनी बूथों पर ही हार मिली है। 2022 के विधानसभा चुनाव में कई जिलों में नामवर नेताओं के बूथ पर पार्टी फिसड्डी साबित हुई थी। ऐसे दिग्गजों में से कई ने बाद में सफाई दी थी कि वह अब दूसरी जगह जाकर रहने लगे है, इसलिए मूल बूथ पर ध्यान नहीं दिया गया।
अपना बूथ जिताने की जिम्मेदारी होगी
माना जा रहा है कि एसपी के थिंक टैंक अब बहानेबाजी पर लगाम लगाने के लिए बूथ मजबूत करो अभियान के तहत दिग्गजों को नई जिम्मेदारी दे रहे हैं। दिग्गजों को उनके बूथ का प्रभारी बना दिया जाएगा। इस बूथ पर पार्टी को जिताने का जिम्मा भी उनका ही होगा। एसपी के पूर्व मंत्री राजपाल सिंह का कहना है कि पार्टी बूथ स्तर को मजबूत इकाई मानकर काम करने में जुटी है। परिणाम रणनीति के मुताबिक आएंगे।
