10.9 C
London
Wednesday, May 6, 2026
Homeराष्ट्रीयऐंटी-CAA प्रोटेस्ट के दौरान मैं छात्रों के साथ थी... जामिया की कुलपति...

ऐंटी-CAA प्रोटेस्ट के दौरान मैं छात्रों के साथ थी… जामिया की कुलपति नजमा अख्तर की दो टूक

Published on

नई दिल्ली

जामिया मिल्लिया इस्लामिया की कुलपति के तौर पर अपना कार्यकाल पूरा करने जा रहीं नजमा अख्तर ने कहा है कि संशोधित नागरिकता अधिनियम (CAA) के विरोध के दौरान परिसर में पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ वह छात्रों के साथ खड़ी रहीं और सुनिश्चित किया कि उन्हें न्याय मिले। अख्तर ने स्पेशल इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने मामले में हस्तक्षेप के लिए केंद्र को पत्र लिखा था और मांग की थी कि विश्वविद्यालय प्रशासन की अनुमति के बिना पुलिस परिसर में दाखिल नहीं हो। वह अगले सप्ताह अपना कार्यकाल पूरा कर रही हैं। अख्तर को अप्रैल 2019 में विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया था और उसी साल दिसंबर में सीएए के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे।

छात्रों के समर्थन के अलावा क्या विकल्प होगा?
जामिया मिल्लिया इस्लामिया की पहली महिला कुलपति और संभवत: देश के किसी केंद्रीय विश्वविद्यालय की भी पहली महिला कुलपति होने का गौरव हासिल करने वाली अख्तर ने कहा, ‘क्या आप सोच सकते हैं कि कुलपति के पास अपने छात्रों का समर्थन करने के अलावा भी कोई विकल्प होता है? अगर आप उनका समर्थन नहीं करेंगे तो फिर आप किसका समर्थन करेंगे?’

पद्मश्री से सम्मानित अख्तर ने कहा, ‘मैंने अपने (शिक्षा) मंत्रालय को पत्र लिखा और कहा कि आप देखें कि मेरे छात्रों को न्याय मिले और बिना अनुमति दोबारा पुलिस का प्रवेश परिसर में नहीं होना चाहिए।’

प्रोटेस्ट का केंद्र बन गया था जामिया
जामिया मिल्लिया इस्लामिया सीएए विरोधी प्रदर्शन का केंद्र बन गया था और इसके बाद 15 दिसंबर 2019 को पुलिस परिसर में दाखिल हुई और कथित तौर पर पुस्तकालय में पढ़ाई कर रहे छात्रों की पिटाई की। पुलिस के मुताबिक वह विश्वविद्यालय से महज कुछ मीटर की दूरी पर प्रदर्शन के दौरान हिंसा में संलिप्त बाहरी लोगों की तलाश में परिसर में दाखिल हुई थी। अख्तर ने कहा, ‘उस समय ऐसी बात नहीं होनी चाहिए थी। अगर छात्रों ने कहा होता तो मैं या प्रॉक्टर उनके साथ (मंत्रालय) जाते।’

जब पूछा गया कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या विश्वविद्यालय ने कोई एहतियाती कदम उठाया है तो कुलपति ने कहा, ‘ये असामान्य बातें हैं। इसलिए, यदि असामान्य परिस्थिति उत्पन्न होती है, तो हमें असामान्य समाधानों के साथ तैयार रहना होगा।’ यह पूछे जाने पर कोविड -19 महामारी के दौरान विश्वविद्यालय ने इसका कैसे मुकाबला किया तो अख्तर ने कहा कि वह छात्रों को सुरक्षित रखने में कामयाब रहीं और यह सुनिश्चित किया कि वे वायरस की चपेट में आए बिना अपने घरों तक सुरक्षित पहुंचें।

उन्होंने कहा, ‘एक कुलपति के रूप में 25 हजार छात्रों की देखभाल करना एक कठिन कार्य था। लेकिन हम उन छात्रों को सुरक्षित रखने में कामयाब रहे जो छात्रावास में थे और उनका टीकाकरण किया।’ अख्तर ने कहा कि विश्वविद्यालय ने छात्रों को उनके घरों तक पहुंचाने लिए केंद्र की मदद से बसें किराए पर ली थीं।

उन्होंने कहा, ‘जब परिस्थितियों में थोड़ा सुधार हुआ तो हमने छात्रों को भोजन और सुरक्षा के साथ उनके घरों तक भेजने के लिए बसें किराए पर लीं, यहां तक कि कश्मीर और बिहार तक बसों से छात्रों को भेजा। सरकार के सहयोग से यह सुरक्षित तरीके से किया गया। हमें इस सफल अभियान पर बहुत गर्व है।’

Latest articles

भोपाल-इंदौर मेट्रो में अब ₹7000 में कर सकेंगे प्री-वेडिंग शूट, फिल्म की शूटिंग और बर्थ-डे सेलिब्रेशन

भोपाल। भोपाल और इंदौर मेट्रो में अब प्री-वेडिंग शूट, फिल्म की शूटिंग और बर्थडे...

अमेरिका-ईरान में फिर बढ़ा तनाव, होर्मुज में बने जंग जैसे हालात-सैन्य गतिविधियां जारी

वॉशिंगटन/तेहरान। पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है, जहां ईरान...

ममता बोलीं- मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, चुनाव आयोग असली विलेन, भाजपा के साथ मिलकर 100 सीटें लूटीं

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस...

इंदौर प्रेस क्लब में एनएमएफ न्यूज़ चैनल के 5 वर्ष पूर्ण होने पर सम्मान समारोह आयोजित

इंदौर। इंदौर प्रेस क्लब में 1 मई 2026 को एनएमएफ न्यूज़ चैनल के 5...

More like this

ममता बोलीं- मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, चुनाव आयोग असली विलेन, भाजपा के साथ मिलकर 100 सीटें लूटीं

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस...

बंगाल में नई सरकार का शपथग्रहण 9 मई को, सीएम चेहरे पर सस्पेंस बरकरार!

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के...

भारतीय राजनीति के कई पुराने किले ढहे, बंगाल में दीदी तो तमिलनाडु में स्टालिन हारे, शुभेंदु और विजय का चला जादू

नई दिल्ली। चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनावी नतीजे लगभग साफ...