बीजिंग
चीन का मालदीव पहुंच रहा कथित रिसर्च जहाज भारत की टेंशन बढ़ा रहा है। इस बीच चीन की ओर से सफाई दी गई है। चीनी विदेश मंत्रालय ने आश्वासन दिया कि मालदीव बंदरगाह पर आने वाले जहाज का शोध पूरी तरह से शांतिपूर्ण उद्देश्यों को बढ़ावा देने और वैज्ञानिक ज्ञान को बढ़ाने में इस्तेमाल होगा। जनवरी में जारी बयान में कहा गया कि चीनी जहाज जियांग यांग होंग 3 का मालदीव में पहुंचना मुख्य रूप से कर्मियों के रोटेशन और पुनः पूर्ति के लिए है।
इस सप्ताह चीन का यह जहाज मालदीव के तट पर पहुंच सकता है। इस जहाज ने चीन, मालदीव और भारत के बीच तनाव बढ़ा दिया है। जहाज के कारण भारत की चिंताएं बढ़ गई हैं। इस तरह के जहाजों को भारत अपने तटों के करीब पहले ही समस्या वाला मानता है। आधिकारिक तौर पर जहाज ‘जियांग यांग होंग 3’ कर्मियों के रोटेशन और पुनः पूर्ति के लिए मालदीव में रुकेगा। इससे नहीं लगता कि कोई जहाज कोई खतरा नहीं। लेकिन भारत की नजर में यह इतना साफ-साफ नहीं है।
भारत से तनाव के बीच पहुंच रहा जहाज
मालदीव के नए राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू का झुकाव चीन की ओर है। पिछले कुछ दिनों में भारत और मालदीव के बीच तनाव देखने को मिला है। ऐसे में इस जहाज का आना एक राजनयिक उपेक्षा की तरह है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ लोग मान रहे हैं कि यह डेटा इकट्ठा करने वाला मिशन हो सकता है, जिसका इस्तेमाल चीन की सेना पनडुब्बी संचालन में कर सकती है। हालांकि चीन के एक्सपर्ट चिंताओं को दूर करने की कोशिश में लगे हैं।
कब पहुंचेगा चीन का जहाज
पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के पूर्व वरिष्ठ कर्नल झोउ बो के मुताबिक चीन के जहाज हिंद महासागर में वैज्ञानिक अनुसंधान करते हैं। चीनी जहाज की हिंद महासागर में गतिविधियां पूरी तरह से वैध है। रिपोर्ट के मुताबिक जहाज 16 जनवरी को दक्षिणी प्रांत हैनान में सान्या के चीनी बंदरगाह से रवाना हुआ। 8 फरवरी को इसके माले पहुंचने की उम्मीद है। जहाज दक्षिणी हिंग महासागर में जनवरी से मई तक पांच महीने कथित शोध करेगा। श्रीलंका गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक भारत के दबाव के बावजूद मालदीव ने 3 जनवरी को इस जहाज को रुकने की इजाजत दी।
