10.5 C
London
Friday, May 15, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयरूस से युद्ध का खतरा, पुतिन को हराने के लिए शीतयुद्ध के...

रूस से युद्ध का खतरा, पुतिन को हराने के लिए शीतयुद्ध के बाद पहली बार 90 हजार सैनिकों संग नाटो ने शुरू किया महाभ्‍यास

Published on

ब्रसेल्‍स/मास्‍को

रूस और नाटो के बीच तनाव अब बढ़ता ही जा रहा है। यूक्रेन युद्ध के बीच नाटो के 32 देश अब शीतयुद्ध के बाद सबसे बड़ा सैन्‍य अभ्‍यास शुरू कर चुके हैं। यही नहीं नाटो ने अपने पूरे प्‍लान का खुलासा कर दिया है। इस सैन्‍य अभ्‍यास का नाम स्‍टीडफास्‍ट डिफेंडर 2024 है और इसमें 90 हजार सैनिक, फाइटर जेट और युद्धपोत हिस्‍सा ले रहे हैं। यह सैन्‍य अभ्‍यास पूरे यूरोप में हजारों किलोमीटर के इलाके में जल, थल और नभ तीनों ही जगहों पर किया जाएगा। इसके अलावा साइबर और स्‍पेस ऑपरेशन को भी नाटो सैनिक अंजाम देंगे। इस अभ्‍यास की शुरुआत के बाद नाटो के बिग्रेडियर जनरल गुन्‍नार ब्रुएगनर ने कहा कि समय निकला जा रहा है।

नाटो के ब्रिगेडियर ने बिना रूस का नाम लिए कहा कि नाटो को यह साबित करना होगा कि वह सुरक्षा को लेकर पैदा होने वाले किसी खतरे के लिए ‘तैयार’ है। उन्‍होंने कहा, ‘प्रत्येक अभ्‍यास महत्‍वपूर्ण है…. सबसे बड़ी तस्‍वीर प्रतिरोध की है।’ नाटो अधिकारी का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब हाल के दिनों में कई सैन्‍य प्रमुखों और नीतिकारों ने आने वाले वर्षों में रूस के साथ पूर्ण युद्ध की चेतावनी दी है। यही वजह है कि नाटो दशकों बाद सबसे बड़ा सैन्‍य अभ्‍यास शुरू कर चुका है जो यूरोप की रक्षा के लिए बनाए गए नए डिफेंस प्‍लान का हिस्‍सा है।

नाटो के 50 युद्धपोत लेंगे हिस्‍सा
नाटो के सदस्‍य देश इस अभ्‍यास के दौरान यह देखने की कोशिश करेंगे कि अगर युद्ध होता है तो किस तरह से अमेरिका के सैनिक यूरोपीय गठबंधन को रूस से लगे पूर्वी मोर्चे पर मजबूत कर सकेंगे। इस अभ्‍यास में ब्रिटेन के भी 20 हजार सैनिक हिस्‍सा लेंगे। यह अभ्‍यास मई तक जारी रहेगा और इसमें नाटो के 31 देश और स्‍वीडन के सैनिक हिस्‍सा लेंगे। स्‍वीडन भी जल्‍द ही नाटो का हिस्‍सा बनने जा रहा है। ब्रिटेन की शाही नौसेना के दो नए एयरक्राफ्ट कैरियर और 8 युद्धपोत भी इस सैन्‍य अभ्‍या में शामिल होंगे।

वहीं अमेरिका पैराशूट सैनिक पूरे पूर्वी यूरोप में ‘तेजी से जवाबी कार्रवाई’ करने का अभ्‍यास करेंगे। पोलैंड के अंदर नाटो के हजारों की तादाद में सैनिक जंग का अभ्‍यास करेंगे। नाटो देश पोलैंड की सीमा रूस से लगती है और यूक्रेन युद्ध के बाद रूस के साथ उसका तनाव चरम पर है। बताया जा रहा है कि 50 से ज्‍यादा महाविनाशक युद्धपोत, 80 फाइटर जेट, हेलिकॉप्‍टर और ड्रोन तथा टैंक समेत 1100 युद्धक वाहन भी इसमें हिस्‍सा लेने जा रहे हैं। नाटो के ब्रिगेडियर ने कहा कि इस अभ्‍यास का मकसद रणनीतिक, ऑपरेशनल और टैक्टिकल लेवल पर तैयारी को बढ़ाना है।

Latest articles

पेट्रोल-डीजल ₹3-3 महंगे हुए, नई कीमतें लागू, सीएनजी भी हुई महंगी

नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल 3-3 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है। दिल्ली...

संस्कार सेना द्वारा ‘एक शाम माँ के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन; मातृ शक्ति और मेधावी छात्र होंगे सम्मानित

भोपाल। राष्ट्रीय संस्कार सेना के तत्वावधान में 'माता-पिता सम्मान संकल्प भारत यात्रा' की तीसरी...

दिल्ली में सीएम विष्णु देव साय ने गृहमंत्री अमित शाह को सौंपा बस्तर का विकास रोडमैप

रायपुर/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय...

जालोर: ग्रामीणों के बीच पहुंचे सीएम भजनलाल शर्मा, पंसेरी में सुबह की सैर कर जाना जनता का हाल

जालोर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को अपने जालोर दौरे के दौरान अपने सहज...

More like this

सीजफायर तोड़ अमेरिका ने ईरान पर फिर बमबारी की, होर्मुज में 1500 जहाज फंसे

ट्रम्प बोले- डील नहीं की तो और हमले करेंगे तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी सेना ने ईरान...

अमेरिका-ईरान में फिर बढ़ा तनाव, होर्मुज में बने जंग जैसे हालात-सैन्य गतिविधियां जारी

वॉशिंगटन/तेहरान। पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है, जहां ईरान...

चीन के हुनान में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 21 की मौत, 61 लोग घायल

बीजिंग। मध्य चीन के हुनान प्रांत से एक बेहद दर्दनाक और खौफनाक खबर सामने...