नई दिल्ली,
दिल्ली के शराब घोटाले मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका पर हाईकोर्ट का फैसला आने वाला है. केजरीवाल ने अपनी याचिका के जरिए गिरफ्तारी और ईडी रिमांड का विरोध किया है. आज साफ हो जाएगा कि केजरीवाल को राहत मिलेगी या नहीं. कोर्ट बताएगा कि केजरीवाल की गिरफ्तारी सही है या गलत. याचिका पर सुनवाई पहले ही पूरी हो चुकी है. अब दोपहर ढाई बजे आने वाले फैसले का इंतजार है. हाईकोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा अपना फैसला सुनाएंगी.
इससे पहले शराब घोटाले में एक हफ्ते में अदालत के दो फैसले आए हैं. सुप्रीम कोर्ट से AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को राहत मिली है और जमानत मिल गई है. जबकि बीआरएस नेता के. कविता की जमानत याचिका को ट्रायल कोर्ट (राउज एवेंन्यू कोर्ट) ने खारिज कर दिया है. अब केजरीवाल को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसलें पर नजरें टिकी हैं. उन्हें संजय सिंह की तरह राहत मिलेगी या के. कविता की तरह झटका लगेगा? ये दोपहर में साफ हो जाएगा.
‘केजरीवाल की गिरफ्तारी का आज 20वां दिन’
शराब नीति घोटाले में गिरफ्तार अरविंद केजरीवाल ने याचिका में अपनी गिरफ्तारी और फिर ईडी रिमांड को असंवैधानिक बताया था. प्रवर्तन निदेशालय ने 21 मार्च को अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया था. जांच एजेंसी ने केजरीवाल को एक्साइज पॉलिसी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सरगना बताया है. केजरीवाल पहले ईडी की हिरासत में रहे. बाद में राउज एवेन्यू कोर्ट ने एक अप्रैल को केजरीवाल को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया था. उनकी गिरफ्तारी का आज 20वां दिन है. संजय सिंह की रिहाई के बाद AAP को अब हाईकोर्ट से बड़ी उम्मीद है.
वहीं, दिल्ली हाई कोर्ट के फैसला सुनाए जाने से पहले AAP नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज का बयान आया है. उन्होंने कहा, मुझे उस अदालत से कोई उम्मीद नहीं है. देखते हैं.
दोनों पक्षों को सुन चुका है हाई कोर्ट
इससे पहले केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान दलील दी थी कि सीएम की तत्काल गिरफ्तारी की कोई जरूरत नहीं थी. केजरीवाल ने अपनी गिरफ्तारी की टाइमिंग पर सवाल उठाया है और कहा है कि यह लोकतंत्र, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव और लेवल प्लेइंग फील्ड समेत संविधान का उल्लंघन बताया है. वहीं, ईडी ने कहा था कि केजरीवाल ही शराब घोटाले के मुख्य साजिशकर्ता हैं. ईडी ने याचिका के विरोध में दलील दी है कि केजरीवाल आगामी चुनाव के आधार पर गिरफ्तारी से ‘छूट’ का दावा नहीं कर सकते हैं. कानून उन पर और आम आदमी पर समान रूप से लागू होता है. इस मामले में HC पहले ही जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय से जवाब तलब कर चुका है और सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलें भी सुन चुका है.
केजरीवाल की दूसरी याचिका पर भी आना है फैसला
केजरीवाल की दूसरी याचिका पर भी आज फैसला आना है. राउज एवेन्यू कोर्ट से केजरीवाल की उस याचिका पर फैसला आएगा, जिसके जरिए उन्होंने अपने वकील से मिलने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की है. केजरीवाल ने मांग की है कि एक हफ्ते में वकीलों से 5 बार मिलने दिया जाए. अभी तक सिर्फ 2 बार मुलाकात हो रही है.
के. कविता को 23 अप्रैल तक जेल
इधर, के. कविता को भी आज राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने के. कविता को 23 अप्रैल तक फिर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. ईडी ने कोर्ट में दलील थी कि अभी हिरासत की जरूरत है. उनकी भूमिका को स्पष्ट किया जा रहा है. इससे पहले 27 मार्च को ट्रायल कोर्ट ने के. कविता को 9 अप्रैल तक 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था. इससे पहले वे 10 दिन के लिए प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में थीं. एक दिन पहले ही के. कविता को राउज एवेन्यू कोर्ट से झटका लगा था. कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी. तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी कविता ने अपने नाबालिग बेटे की स्कूल परीक्षाओं को आधार बनाकर अंतरिम जमानत मांगी थी.
ईडी ने दुर्गेश पाठक से की 4 घंटे तक पूछताछ
वहीं, शराब नीति मामले में ही अब ईडी ने AAP के विधायक दुर्गेश पाठक और केजरीवाल के निजी सचिव कुमार बिभव कुमार पर शिकंजा कसा है. सोमवार शाम दुर्गेश पाठक से करीब 4 घंटे तक पूछताछ हुई. उसके बाद पाठक ने कहा कि जब तक जिंदा हैं- अपने लोगों के लिए काम करते रहेंगे. ये लड़ाई बहुत लंबी है. इस तरह की कठिनाइयां आती-जाती रहेंगी. AAP ने दुर्गेश पाठक से ईडी की पूछताछ पर सवाल उठाए हैं. मंत्री आतिशी ने कहा है कि ये चुनाव प्रचार से AAP को रोकने की BJP की साजिश है. बीजेपी ने पलटवार किया और कहा, AAP नेता खुद ही अपने नेताओं के नाम बता रहे हैं.
मामला 2021-22 का है. आरोप है कि दिल्ली सरकार ने एक्साइज पॉलिसी तैयार करने और क्रियान्वित करने में कथित भ्रष्टाचार किया है. उपराज्यपाल ने सीबीआई जांच की सिफारिश की. मनी लॉन्ड्रिंग की वजह से ईडी भी एंट्री हुई. इस बीच, दिल्ली की AAP सरकार ने इस पॉलिसी को रद्द कर दिया था.
