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Wednesday, April 29, 2026
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आपने ही मांगा था हाउस अरेस्ट, पेमेंट कीजिए… गौतम नवलखा से बोला SC- भरना ही होगा 1.64 करोड़

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नई दिल्ली

एल्गार परिषद मामले के आरोपी गौतम नवलखा के सामने बड़ी मुसीबत मुंह बाए खड़ी हो गई। सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका देते हुए कहा है कि गौतम नवलखा को 1.64 करोड़ रुपये का पेमेंट करना ही होगा। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गौतम नवलखा से इस रकम की मांग की है। एजेंसी ने नवलखा को हाउस अरेस्ट में रखने पर आए खर्च का यह बिल बनाया है। अब सुप्रीम कोर्ट ने नवलखा को सप्ताह भर में यह बताने को कहा है कि वो यह पेमेंट कैसे करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट की दो टूक
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ ने जोर देकर कहा कि खुद नवलखा ने ही नजरबंदी की मांग की थी, इसलिए पेमेंट नहीं करने का सवाल ही नहीं उठता। शीर्ष अदालत ने नवलखा से कहा कि वो पेमेंट पर जल्द से जल्द निर्णय लें क्योंकि रकम लगातार बढ़ती रहेगी। माओवादी लिंक के आरोप में नवलखा नवंबर 2022 से नजरबंद हैं। एनआईए का कहना है कि नवलखा की नजरबंदी के दौरान उनकी सुरक्षा पर 1.64 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘अगर आपने (नवलखा ने) इसके लिए कहा है, तो उन्हीं को भुगतान करना होगा। आप इससे बच नहीं सकते।’ सुप्रीम कोर्ट ने एनआईए की अपील पर सुनवाई के दौरान ये बात कही। एनआईए ने बॉम्बे हाई कोर्ट से नवलखा को मिली जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

एनआईए से खर्चे के डीटेल की मांग
गौतम नवलखा की ओर से पेश वकील शादान फरासत ने कहा कि वो पेमेंट करने को तैयार हैं, लेकिन एजेंसी को 1.6 करोड़ रुपये के खर्च का डीटेल बताना चाहिए। इस पर एनआईए की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने कहा कि इससे पहले कि अदालत बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश की वैधता पर मामले की आगे सुनवाई करे, जमानत दे और बाद में शीर्ष अदालत उस पर रोक लगा दे जिसके कारण नवलखा नजरबंद रहे, आरोपी को कुछ पेमेंट करना होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने एनआईए की याचिका पर थोड़ी देर सुनवाई के बाद इसे 19 अप्रैल के लिए स्थगित कर दिया और नवलखा की जमानत पर अंतरिम रोक बढ़ा दी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले साल 19 दिसंबर को नवलखा को जमानत दे दी थी, लेकिन एनआईए ने जब सुप्रीम कोर्ट में आदेश के खिलाफ अपील करने की मांग की तो हाई कोर्ट ने तीन सप्ताह के लिए अपने आदेश को स्थगित कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने नवलखा को 10 नवंबर, 2022 को हाउस अरेस्ट में भेजने का आदेश दिया था। नवलखा उस समय नवी मुंबई की तलोजा जेल में बंद थे। उन्होंने अपने ‘बिगड़ते स्वास्थ्य’ का हवाला देकर खुद को नजरबंदी में भेजने का अनुरोध किया था।

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