वॉशिंगटन
अमेरिका की एक प्रमुख वैज्ञानिक एजेंसी ने भू-चुंबकीय तूफान की चेतावनी दी है। दो दशकों में यह पहली ऐसी चेतावनी है जो पृथ्वी पर विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों को प्रभावित कर सकती है। अमेरिका की नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) ने यह अलर्ट तब जारी किया है, जब उसे बाहरी अंतरिक्ष में एक शक्तिशाली सौर तूफान के बारे में पता चला है। यह वॉर्निंग गंभीर श्रेणी की है। जी4 जियोमैग्नेटिक स्टॉर्म वॉच के रूप में इसे वर्गीकृत किया गया है। इस चेतावनी ने पावर ग्रिड, संचार नेटवर्क और सैटेलाइट समेत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में जोखिम को बताया है।
अमेरिकी एजेंसी ने बताया कि सौर तूफान से जीपीएस जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बाधित हो सकते हैं। NOAA का अंतरिक्ष मौसम पूर्वानुमान केंद्र (SWPC) का एक डिवीजन 8 मई से शुरू हुई सौर ज्वालाओं और कोरोनल मास इजेक्शन (CME) की एक शृंखला के बाद सूर्य की निगरानी कर रहा है। SWPC ने एक बयान में कहा कि अंतरिक्ष मौसम पूर्वानुमानकर्ताओं ने गंभीर भू-चुंबकीय तूफान वॉच जारी किया है। शुक्रवार 10 मई की शाम तक के लिए यह वॉर्निंग रहेगी। अतिरिक्त सौर विस्फोट के कारण भू-चुंबकीय तूफान की स्थिति पूरे हफ्ते बनी रह सकती है।
सूर्य से निकला तूफान
8 मई के बाद से कई सौर ज्वालाएं और कोरोनल मास इजेक्शन यानी (CME) देखे गए थे, जिससे NOAA के SWPC ने सतर्कता बढ़ा दी थी। सूर्य बेहद विशाल है और इसपर कई धब्बे भी हैं, जिन्हें सनस्पॉट कहा जाता है। बयान में कहा गया कि बुधवार सुबह 5 बजे सनस्पॉट से कई मजबूत सौर ज्वालाएं निकली हैं। कम से कम पांच ज्वालाएं CME थीं, जो पृथ्वी की ओर आती हुई दिखीं। सूर्य से निकलने वाले तूफानों से पृथ्वी को खतरा न हो, इसके लिए निगरानी की जा रही है।
पृथ्वी पर क्या दिखेगा प्रभाव
हमारे ग्रह की ओर आने वाले ये भू-चुंबकीय तूफान पृथ्वी की कक्षा और ग्रह की सतह पर बुनियादी ढांचे के लिए महत्वपूर्ण जोखिम पैदा करते हैं। NOAA की चेतावनी में कहा गया है कि यह नेविगेशन, रेडियो और सैटेलाइट संचालन को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा संभावित इंटरनेट आउटेज के बारे में भी चिंताए हैं, जो आधुनिक संचार बुनियादी ढांचे का एक महत्वपूर्ण पहलू है। एजेंसी ने कहा कि CME सूर्य के कोरोना से प्लाज्मा और चुंबकीय क्षेत्र का विस्फोट है। जब वे पृथ्वी से टकराते हैं तो भू-चुंबकीय तूफान पैदा करते हैं।
